मानवाधिकार दिवस पर विशेषमानवाधिकार का सौंदर्य है परस्पर प्रेम एवं आत्मीयता• प्रमोद दीक्षित मलय

मानवाधिकार दिवस पर विशेष
मानवाधिकार का सौंदर्य है परस्पर प्रेम एवं आत्मीयता
• प्रमोद दीक्षित मलय



मनुष्य एक शिशु के रूप में जन्म लेता है और शिशु को जन्म लेते ही मानव के रूप में गरिमामय जीवन जीने का अधिकार प्राकृतिक रूप से प्राप्त हो जाता है। प्रत्येक मानव के लिए स्वतंत्रता, समानता और सम्मान के अधिकार के साथ जीवन में आगे बढ़ने और समाज जीवन के किसी भी क्षेत्र में काम करने एवं आगे बढ़ने हेतु भयरहित निर्बाध खुला मार्ग उपलब्ध है। किसी भी मानव प्राणी के साथ नस्ल, लिंग, जाति, भाषा, धर्म, विचार, जन्म, रंग, क्षेत्र एवं देश के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 10 दिसंबर, 1948 को विश्व मानवाधिकार घोषणा पत्र जारी कर मानव अधिकारों की रक्षा कर मानव मूल्यों एवं आदर्शों के संरक्षण पर बल दिया। वर्ष 1950 से संयुक्त राष्ट्र से सम्बद्ध देशों द्वारा मानवाधिकार दिवस को मनाने एवं प्रचार प्रसार करने हेतु सतत् प्रयास सराहनीय हैं। प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मना कर संपूर्ण विश्व में मानव अधिकारों के प्रति सजगता और जागरूकता का प्रचार-प्रसार करते हुए मानवता के विरुद्ध हो रहे जुल्म एवं अत्याचारों को रोकने और उसके विरुद्ध आवाज उठाने, खड़े होने और संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया जाता है। भारत में मानवाधिकार बहुत विलंब से लागू हुए। 28 सितंबर 1993 को मानवाधिकार कानून बनाया गया जिसके आलोक में 12 अक्टूबर 1993 को सरकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन कर नागरिकों के हितों एवं अधिकारों की सुरक्षा हेतु पहल की।
मानवाधिकारों का वर्तमान वितान भले ही आकर्षक एवं चेतना युक्त दिखाई पड़ रहा हो पर मानव इतिहास तो क्रूरता, कुभाव, कलुषता, हिंसा, रुदन और अत्याचार से भरा हुआ है। इतिहास के पन्ने मनुष्य के रक्त से भींगे हैं और उसके शोषण की गाथा से भरे हुए भी। मानव जीवन की इस यात्रा में ऐसे हजारों चित्र अंकित हैं जहां मानवता शर्मसार होती दिखाई देती है, जहां मनुष्य द्वारा ही मनुष्य को एक जानवर की भांति उपयोग और उपभोग की वस्तु बना दिया गया हो, जहां वह वस्तु की भांति बेचा और खरीदा गया हो, जहां उसकी सांसों के स्पंदन पर नियंत्रण उसके मालिक का रहा हो। समृद्ध वर्ग द्वारा निर्धन व्यक्तियों के प्रति यह बर्ताव युगों-युगों से पूरी दुनिया में जारी रहा है। एशिया, अफ्रीका, अमेरिका एवं यूरोपीय देशों में अमानवीय दास प्रथा को उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है। जो सभ्यताएं तलवार एवं छल-प्रलोभन के बल पर बढ़ीं वहां दास प्रथा को बढ़ावा और प्रश्रय मिला। युद्धबंदी, सामूहिक अपहरण और संगठित दास बाजार के उदाहरण इतिहास के पृष्ठों में दर्ज हैं। तभी मनुष्य की स्वतंत्रता तो अमरीकी आजादी के संघर्ष का नारा ही था। भारत भी इस अमानवीय प्रथा से अलग नहीं रहा। बंधुआ मजदूरों के रूप में मानव का एक बड़ा वर्ग पीढ़ी दर पीढ़ी अमानवीय एवं अपमानजनक जीवन जीने को अभिशप्त रहा है। पर 1975 में एक कानून बनाकर बंधुआ मजदूरी को संज्ञेय दंडनीय अपराध घोषित कर देने से हजारों मनुष्यों को इस नारकीय जीवन ये मुक्ति मिली। विश्व में बाल मजदूरी को भी इसी पंक्ति में रखा जा सकता है। पर आज भी कम साक्षरता वाले राज्यों में अक्सर मानवाधिकार हनन की घटनाएं यथा पुलिस प्रताड़ना, झूठे केस में फंसाने एवं निर्दयता से मारने आदि प्रकाश में आती रहती हैं। इतना ही नहीं संपूर्ण विश्व में नारी गौरव, अस्मिता एवं अस्तित्व को हाशिए पर रखा गया है।
आधुनिक युग में दृष्टिपात करें तो मनुष्य एवं कतिपय देशों की साम्राज्यवादी नीति ने लाखों निर्दोष मनुष्य के लहू से वसुधा को रक्तिम किया है। प्रथम विश्व युद्ध से ही ये प्रश्न वैश्विक विचार फलक पर उभरने लगे कि एक मानव के रूप में उसके क्या अधिकार हैं। द्वितीय विश्व युद्ध में लाखों नागरिकों की हत्या से इन प्रश्नों की स्याही और गहरी हुई। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में धर्मांधता की आग में लाखों जीवन झुलस गए और और नारी अस्मिता तार-तार हुई। पूरे विश्व में महिलाओं के श्रम के शोषण था और कुछ देशों में मतदान के अधिकार से वंचित भी। इन तमाम संदर्भों के धरातल पर तब संयुक्त राष्ट्र संघ में मानवाधिकारों पर न केवल चर्चा-परिचर्चा करके एक रास्ता खोजने की पहल की गई बल्कि सर्वसम्मति से मानवाधिकारों का एक घोषणा पत्र भी जारी हुआ। इस वैश्विक घोषणा पत्र में प्रत्येक व्यक्ति को गरिमामय स्वतंत्र जीवन जीने की सुरक्षा का अधिकार मिला। मनुष्य की मनुष्य द्वारा की जा रही दासता से मुक्ति का उजास भरा पथ मिला। यातना, पीड़ा, क्रूरता से आजादी और एक मानव के रूप में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समानता का भी अधिकार प्राप्त हुआ। और यह भी कि किसी भी राज्य-सत्ता द्वारा किसी भी व्यक्ति की मनमाने ढंग से गिरफ्तारी करने, हिरासत में रखने और देश से निर्वासन पर अंकुश लगा गैरकानूनी बना दिया गया। जब तक अदालत द्वारा आरोपी पर दोष सिद्ध न हो जाए तब तक उसे निर्दोष होने का अधिकार भी प्रदत्त है। घर, परिवार एवं पत्राचार में निजता की उपेक्षा कोई नहीं कर सकता। इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति अपने देश के अंदर एवं अन्य किसी भी देश में भ्रमण करने, अपने देश की नागरिकता त्यागने एवं अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करने और किसी भी देश में राजनीतिक शरण पाने का (गैर-राजनीतिक अपराध को छोड़कर) अधिकार रखता है। एक मनुष्य के रूप में वह धर्म, वर्ग, जाति, उपासना पद्धति से परे अपनी पसंद से किसी भी मनुष्य से शादी करने एवं परिवार बढ़ाने का अधिकार रखता है। वह अपनी समझ विकसित करने एवं कला-कौशल वृद्धि हेतु शिक्षा प्राप्त करने एवं साहित्य, संगीत, नृत्य आदि ललित कलाएं सीखने-रचने का अधिकार रखते हुए वह सांस्कृतिक एवं बौद्धिक संपदा के संरक्षण का भी कानूनन अधिकारी है। अब स्त्री-पुरुष लैंगिक भेदभाव से मुक्त हो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनकर समानरूप से विकास पथ पर अग्रसर हुए।
वास्तव में यह दुनिया एक सुंदर सुवासित उपवन है जिसमें मानव रूपी विविधवर्णी मनमोहक पुष्प शोभायमान हैं। इसका सौंदर्य एकात्मता में है अलगाव एवं विभेद में नहीं। शक्ति समुच्चय से ही समृद्धि के संकल्प की सिद्धि है और रिद्धि की प्राप्ति भी। मानवीय योग-क्षेम की कुशलता का आधार परस्पर सहकार, सख्य, सौम्यता, सामंजस्य, शुचिता एवं सहानुभूति हैं न कि अमैत्री, अशौच, विषमता, द्वैष एवं घृणा। परस्पर सहयोग से ही जीवन-घट आनंद रस से परिपूर्ण है। हम संपूर्ण दुनिया में आनंद रस वर्षण करें, अमिय स्नेह बांटें जहां देश की संकीर्ण सीमाएं न हों और न हों रंग, नस्ल, पंथ की क्षुद्र बंधन। हम प्रीति-आत्मीयता का गुलाल मुट्ठियों में भर उड़ाते रहें जिससे हर मानव मन दैवीय संपदा से समृद्ध एवं सुगंधित हो और करुणा, ममता, समरसता, संवेदना एवं समताभाव से ओतप्रोत भी। हम अपनी वैचारिक साम्य संपदा से संपूर्ण विश्व को मानवीय गरिमा से आलोकित, अलंकृत एवं आभामय कर सकें, तभी इस दिवस को मनाने की सार्थकता सिद्ध होगी।
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सम्प्रति – लेखक भाषा शिक्षक हैं और विद्यालयों को आनन्दघर बनाने के अभियान पर काम कर रहे हैं।
सम्पर्क – बाँदा, (उ0प्र0)
मोबा: 94520-85234

घर और दुकानें गिरवी रख कर सोनू सूद कर रहे हैं जरूरतमंदों की मदद, लिया है 10 करोड़ का लोन10 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सोनू ने मुंबई के जुहू स्थित अपनी 8 प्रोपर्टी को गिरवी रखा. @Abplive

घर और दुकानें गिरवी रख कर सोनू सूद कर रहे हैं जरूरतमंदों की मदद, लिया है 10 करोड़ का लोन
10 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सोनू ने मुंबई के जुहू स्थित अपनी 8 प्रोपर्टी को गिरवी रखा.
सोनू ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अपनी दो दुकान और 6 फ़्लैट को गिरवी रखे हैं.
एबीपी न्यूज़
Last Updated: 09 Dec 2020 10:40 AM (IST)
घर और दुकानें गिरवी रख कर सोनू सूद कर रहे हैं जरूरतमंदों की मदद, लिया है 10 करोड़ का लोन
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद को यूं गरीबों का मसीहा नहीं कहा जाता है. महामारी के दौरान हजारों लोगों की मदद करने वाले सोनू सूद ने जरूरतमंदों के लिए अपनी प्रॉपर्टी गिरवी तक रख दी. अकसर सोशल मीडिया पर इस तरह से सवाल देखने को मिलते हैं कि आखिर सोनू सूद जितना पैसे बांटने का ऐलान सोशल मीडिया पर करते हैं वो उनता पैसा लाते कहां से हैं. वहीं अब रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने और उनके खाने-पीने की व्यवस्था करने, लोगों के रहने के लिए घर बनवाने, बच्चों के लिए शिक्षा का प्रबंध करने और बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने और गरीबों का इलाज कराने वाले सोनू ने ये सब अपनी 8 प्रोपर्टी गिरवी रखकर किया.


जी हां, सोनू सूद ने जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी आठ प्रोपर्टी गिरवी रखी है. इससे उन्होंने 10 करोड़ रुपये जमा किए और अब खुले दिल से सभी की मदद को आगे आ रहे हैं. खबरों की मानें तो, 10 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सोनू ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अपनी 8 प्रोपर्टी को गिरवी रखी हैं.


वेब पोर्टल मनीकंट्रोल के पास उपलब्ध रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट के अनुसार सोनू ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अपनी दो दुकान और 6 फ़्लैट को गिरवी रखे हैं. ये दोनों दुकानें ग्राउंड फ़्लोर पर हैं और फ़्लैट्स शिव सागर कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में है. ये हाउसिंग सोसायटी इस्कॉन मंदिर के पास एबी नायर रोड पर स्थित है.






इस रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि सोनू को उनकी 8 प्रोपर्टी के अंगेस्ट 10 करोड़ रु का लोन बैंक ने दिया है. दस्तावेजों के अनुसार सोनू ने 10 करोड़ रुपये के लोन पर 5 लाख रुपये के पंजीकरण शुल्क का भुगतान किया गया है. ये प्रोपर्टिज सोनू के साथ उनकी पत्नी सोनाली के नाम भी हैं जिन्हें बैंक के पास गिरवी रखा गया है. हालांकि इस खबर की जानकारी सोनू की ओर से कहीं भी नहीं दी गई.

रिपोर्ट रवि यादव मुबंई,, किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेता आ. @abuasimazmi के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने किया रास्ता रोको  आंदोलनहजारो की संख्या में अबू आजमी के साथ कार्यकर्ताओं को किया गया गिरफ्तार

रिपोर्ट रवि यादव मुबंई,, किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेता आ. अबू आजमी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने किया रास्ता रोको  
हजारो की संख्या में अबू आजमी के साथ कार्यकर्ताओं को किया गया गिरफ्तार


मुंबई : भारत के किसानों के लिए आज किए गए भारत बंद आंदोलन में समजवादी पार्टी शामिल होते हुए भारत बंद आंदोलन को समर्थन दिया | आज मुंबई / माहाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आमदार अबू आसिम आज़मी के नेतृत्व में हजारो कार्यकर्ता शिवाजीनगर सिग्नल हायवे गोवंडी में किसानों का समर्थन करते हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे देते हुए भारत बंद आंदोलन में शामिल हुए | इस समय अबू आजमी ने बैल गाडी चलाते हुए किसानों के प्रति समर्थन और अपनी भावना प्रकट की | चल रहे इस आन्दोलन के वक्त शिवाजीनगर सिग्नल पर रास्ता रोको किया गया | इस समय पोलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए आंदोलन को रोका और आमदार अबू आजमी के साथ आन्दोलन में शामिल हजारो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके देवनार पोलिस स्टेशन लेके गए | इस आंदोलन के वक्त अबू आजमी ने किसानों के खिलाफ बनाए गए बिल को वापस लेने की मांग की गई |
इस आंदोलन में समाजवादी पार्टी के मुंबई प्रदेश प्रमुख महासचिव मेराज सिद्दीकी, प्रदेश महासचिव वकील खान, प्रदेश महासचिव जुल्फेकार आज़मी, प्रदेश सचिव अबरार सिद्दीकी, प्रदेश सचिव हारून रशीद बबलू, प्रदेश सचिव हीरालाल यादव, लोहिया वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष आमिर पठान, कुलाबा तालुका उपाध्यक्ष शोएब मुन्ना खान, जिल्हाध्यक्ष निसार खान, तालुका अध्यक्ष गयासुद्दीन शेख, नगरसेवक अख्तर कुरैशी, नगरसेविका रुक्साना सिद्दीकी, नगरसेविका सारा फहाद आजमी, नगरसेविका आयशा शेख, फहाद आज़मी, इरफ़ान खान, रफ्फिक शेख तथा भारी संख्या में समाजवादी पार्टी के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नागरिक शामिल थे |     

भाजपा छोड़ साइकिल पे सवार हुए सैकड़ों भाजपाईआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

भाजपा छोड़ साइकिल पे सवार हुए सैकड़ों भाजपाई
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


बाँदा भारतीय जनता पार्टी के सेक्टर संयोजक गोपी द्विवेदी अपने सैकड़ों साथियों के साथ समाजवादी पार्टी कार्यालय बाँदा में मान. राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की नीतियों से प्रभावित होकर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव , सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद, जिलाध्यक्ष विजयकरण यादव एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुशील_त्रिवेदी ने सभी का जोरदार स्वागत करते हुए पार्टी की नीतियों एवं सिद्धांतो को बताते हुए सदस्यता दिलाई ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विशम्भर प्रसाद निषाद ने किसानों के साथ किए जा रहे बर्ताव एवं सरकारी विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प दिलाया। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में गोपी द्विवेदी, प्रभात पांडेय, अभिषेक द्विवेदी, सोमदत्त पाण्डेय, लाला भईया द्विवेदी, दीपक सिंह, संजय सिंह, प्रत्युश अवस्थी, भरतलाल निषाद, सुनील लखेरा, सचिन धुरिया, अभिषेक प्रताप सिंह अपने सैकड़ों साथियों सहित समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला महासचिव राजेंद्र यादव, अनुपम लोहवंशी, महेन्द्र यादव, अवध यादव, अवधबिहारी यादव, धीरज मिश्रा, महेश मिश्रा, रोहित यादव, अभिषेक शुक्ला, समाजसेवी अमित पाण्डेय, विवेक सैनी, नि. प्रदेश सचिव अचिन खरे, समाजसेवी लक्ष्मीकांत शुक्ला, दीपक तिवारी सहित पार्टी के पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए जोरदार स्वागत किया।

Nh19आगरा टू दिल्ली पलवल को बुंदेलखंड के किसानों ने जाम कियाआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

Nh19आगरा टू दिल्ली पलवल को बुंदेलखंड के किसानों ने जाम किया
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


लखनऊ आज बुंदेलखंड से आए हुए सभी किसानों ने बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में आगरा टू दिल्ली स्थान NH19 पलवल पूरी तरह से जाम कर दिया इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के संपूर्ण जिलों से जैसे झांसी, महोबा ,चित्रकूट, कर्वी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, रीवा, सतना एवं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, आदि जिलों से बुंदेलखंड किसान यूनियन के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी एवं अन्य किसान संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी पलवल दिल्ली पर पूरे तरीके से जाम लगाए हुए हैं । और सभी किसान भाइयों की केवल एक ही मांग है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जो तीन कृषि विधेयक बिल पास किए गए हैं वह किसानों के हित में नहीं है केवल किसान को बर्बाद करने वाले है यदि हमारी मांगे पूरी नहीं की जाती हैं तो हम यहां से हटने वाले नहीं हैं हम 9 तारीख के बाद दिल्ली के संसदीय क्षेत्र का घेराव करेंगे। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक हम दिल्ली से जाने वाले नहीं चाहे हम किसान भाइयों को महीनों तक क्यों ना यहां रुकना पड़े। विमल कुमार शर्मा ने कहा है कि खाने-पीने की सारी व्यवस्थाएं की गई हैं आप किसी भी तरह की चिंता ना करें। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक हम दिल्ली से हटने वाले नहीं हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री गणेश प्रसाद शर्मा, राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख राजा मनीष, राष्ट्रीय महासचिव गज बदल शुक्ला, राष्ट्रीय प्रवक्ता चतुर्भुज पटेल, राष्ट्रीय सचिव अखिलेश रावत, राष्ट्रीय संगठन मंत्री युवा मोर्चा दिनेश कुमार निरंजन जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश राष्ट्रीय प्रवक्ता उमा सिंह , महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष तारा देवी, मुख्य रूप से एवं भारी संख्या में, किसान विजय पाल सिंह, रामप्रताप, लाला राम नरेश यादव, बच्चा प्रसाद यादव, साईं बाबा, गुलाब बाबा, लाखन, छत्रपाल उपस्थित रहे

जन जागरूकता लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति:शराब बंदी संघर्ष समिति ने शराब विरोधी अभियान में सीएम के संदेश का स्वागत कियाआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

जन जागरूकता लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति:
शराब बंदी संघर्ष समिति ने शराब विरोधी अभियान में सीएम के संदेश का स्वागत किया
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


लखनऊ: 3 दिसंबर
आज, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राजधानी के मोहन लाल गंज से संसद कौशल किशोर द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान में भाग लिया। शराबबंदी संघर्ष समिति कौशल किशोर जी सांसद और मुख्यमंत्री जी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करता है। जिस तरह से मुख्यमंत्री ने शराब और नशीले पदार्थों के उपयोग न करने के लिए जनता में जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया है, हम उनके इस क़दम की सराहना करते हैं। शराब बंदी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुर्तजा अली ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त समाज के मुहिम में भाग ले कर एक सन्देश दिया है मुझे आशा है कि एक दिन वो खुद शराब पर पाबन्दी का एलान करेंगे मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त समाज पर जोर दिया है। क्योंकि शराब सारी बुराई की जड़ है। मुर्तजा अली ने कहा कि जन जागरूकता जारी रहेगी, क्योंकि जन जागरूकता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। मुर्तजा अली ने कहा कि जन जागरूकता के माध्यम से हमें लोगों को शराब नहीं पीने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, शराब के ठेके स्वतः बंद हो जाएंगे। शराब बंदी संघर्ष समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशा मुक्त समाज की ओर आकर्षित किया जाना चाहिए। और हमें युवा लोगों को यह एहसास दिलाना होगा कि हम शराब नहीं पीएंगे और पीने भी नहीं देंगे । क्योंकि शराब पीने से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इसका समाज पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए हमारा अभियान जारी रहेगा।

जय जवान जय किसान का नारा लगाने वाले कंहा है देखें किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहा हैआत्माराम त्रिपाठी की✍🏻 से

जय जवान जय किसान का नारा लगाने वाले कंहा है देखें किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहा है

आत्माराम त्रिपाठी की✍🏻 से
किसान यानी अन्नदाता धरतीपुत्र देश की रीढ़ जीवचराचर का अपनी मेहनत से सरदर्दी गर्मी के थपेड़ो को झेलते हुए सबका भरण-पोषण करने वाला और आज वही सबसे ज्यादा उपेक्षित आखिर क्यों?
आखिर उसके धैर्य संयम को क्यों हमेशा चुनौती दी जाती है ?क्यों बिवस कर दिया जाता है कि वह खेत से सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाता है।हम उस नारे की गंभीरता को क्यों भूल जाते हैं ?जय जवान जय किसान जो जन जन की आवाज बन चुका था क्या यह मात्र नारा है उद्घोष करने के लिए य फिर यह नारा यह नहीं सिध्द करता की इस नारा को असली जामा पहनाए बिना जीवन जीवन की सुरक्षा उसके बिकास की परिकल्पना करना भी मुश्किल ही नहीं असंभव है।
आज देश के कोने कोने से किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहा है उस कूच करने वालो में किसान नहीं है वह देश की आत्मा है जो बेचैन है और उसे लगता है कि दिल्ली में उसे न्याय मिलेगा पर न्याय की जगह उनके सामने जगह जगह अवरोध पैदा किए जा रहे हैं रास्ते दुर्गम बनाए ज रहे हैं। और नारा दिया जा रहा है जय जवान जय किसान का यानी इनके बिना देश के अस्तित्व की कल्पना करना भी बेइमानी है फरेब है।
देश का किसान और तेजी से आगे बढ़े उसके पहले उन्हें सुने उनकी शंका समास्याओं का ठोस तरीके से निवारण करें उन्हें शब्दों के मकड़जाल में उलझाने के बजाए उनकी चिंताओं का निवारण करना अब दिल्ली का धर्म भी है और नैतिक कर्तव्य भी।तभी जय जवान जय किसान के नाम से लगाने वाले नारे की सार्थकता सिद्ध होगी। नहीं इस देश में तो प्याज लहसुन परिवर्तन ला देती है फिर यह तो अन्नदाता धरतीपुत्र से जुड़ी हुई समास्या है।

देशी तमंचा व कारतूस सहित एक शातिर को पुलिस ने दबोचारिपोर्ट-कौशल बिश्वकर्मा

देशी तमंचा व कारतूस सहित एक शातिर को पुलिस ने दबोचा

रिपोर्ट-कौशल बिश्वकर्मा




बिसंडा(बाँदा)। पुलिस अधीक्षक बाँदा के कुशल निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बबेरू आनन्द कुमार पांडेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी नरेंद्र प्रताप सिंह की पुलिस टीम ने एक शातिर अपराधी को एक तमंचा व एक जिन्दा कारतूस सहित दबोचा। पुलिस ने अपराधी को सोमवार को आ‌र्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके उसका चालान किया।
रविवार को क्षेत्र में गश्त व चेकिंग के दौरान शत्रुघ्न सिंह उर्फ बच्चा सिंह पुत्र स्वर्गीय इंद्रजीत सिंह निवासी बिसन्डी थाना बिसंडा जनपद बांदा को एक अवैध देसी कट्टा 315 बोर व एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। जिसको मु0अ0स0 234/ 20 धारा 3/25 ए एक्ट के तहत मामला दर्ज करके जेल भेज दिया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक पुनवासीराम गौरव चौकी प्रभारी ओरन थाना बिसंडा बांदा, कांस्टेबल शिवाकांत यादव, कांस्टेबल अयोध्या प्रसाद मौजूद रहे।

शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारियां पूरी – जिलाधिकारीजौनपुर एमएलसी चुनाव अपडेट

शिक्षक व स्नातक एमएलसी चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक तैयारियां पूरी – जिलाधिकारी

जौनपुर एमएलसी चुनाव अपडेट

जौनपुर। स्नातक व शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए 1 दिसंबर को जिले में मतदान होना है, इसके लिए जिला निर्वाचन विभाग की तरफ से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है, कलेक्टर से पोलिंग पार्टियां भी रवाना कर दी गई हैं, डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि, चुनाव के लिए कुल 94 बूथ बनाए गए हैं, शिक्षक एमएलसी में 22 स्नातक एमएलसी के लिए 72 बूथ निर्धारित किए गए हैं, 1 दिसंबर को सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान होगा। सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था बनाई गई है। मतदान के बाद वाराणसी कमिश्नरी के स्ट्रांग रूम मैं रखी जाएंगी मत पेटिका।

कुल मतदान केंद्र-22

शिक्षक एमएलसी में मतदाता-छह हजार 706

शिक्षक एमएलसी में महिला मतदाता-एक हजार 296

शिक्षक एमएलसी में पुरूष मतदाता-पांच हजार 410

शिक्षक एमएलसी के लिए बूथ-22

स्नातक एमएलसी में कुल मतदाता-48 हजार 418

स्नातक एमएलसी में महिला मतदाता-14 हजार 412

स्नातक एमएलसी में पुरूष मतदाता-34 हजार छह

स्नताक एमएलसी के लिए बूथ-72

पोलिग पार्टियां-94

जोनल मजिस्ट्रेट-छह

सेक्टर मजिस्ट्रेट-22

डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पोलिग पार्टियों की रवानगी की जा रही है, चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया । कलेक्ट्रेट से पोलिग पार्टियां रवाना हो रही है। एसडीएम सुनिश्चित करेंगे कि सभी पोलिग पार्टियों के पास निर्वाचन संबंधी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध रहें

आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान को छू रहे है, योगी महंगाई पर रोकथाम करने में नाकाम- अजय कुमार लल्लू

*आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान को छू रहे है, योगी महंगाई पर रोकथाम करने में नाकाम- अजय कुमार लल्लू*

*आलू, प्याज और खाद्य तेलों की कीमतें आसमान पर, आम आदमी कर रहा है हाहाकार- अजय कुमार लल्लू*

*सस्ते आलू प्याज के स्टाल के वादे हुए बेमानी, जमाखोरों पर लगाम नही लगा पा योगी-अजय कुमार लल्लू*

*लखनऊ, 30 नवंबर 2020।*

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली आवश्यक खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामो पर योगी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि योगी सरकार जमाखोरों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हुई हैं।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में बढ़ती महंगाई और आवश्यक खाद्य वस्तुओं – आलू , प्याज और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का जीवन तबाह कर रखा है। आलू, प्याज और तेल जैसी वस्तुओं हर आदमी उपभोग करता है। कोरोना काल में जहाँ आम आदमी अपने रोजगार से हाथ धो चुका है या फिर उसकी आमदनी आधी हो चुकी है ऐसे में रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने आलू प्याज तेल की बढ़ी कीमतों ने आदमी की कमर तोड़ के रख दी हैं। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार विपत्तिकाल में जनता से किए गए वादे भी पूरा करने में नाकाम रही है।

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार में महंगाई का आलम है कि आलू 60 रुपये, प्याज 80 रुपये और तेल 150 रुपये किलो की दर से मिल रहा है। योगी सरकार ने आम आदमी को राहत देने के वास्ते सस्ते स्टाल लगा कर आलू, प्याज और तेल बेचने का ऐलान किया था पर उनकी यह योजना लखनऊ में ही औंधे मुँह गिर पड़ी।