कमासिन –उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण विकास विभाग उत्तर प्रदेश आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आज दिनांक 28 11 2020 को विकासखंड कमासिन में गोल्डन कार्ड कैंप का आयोजन किया गया

कमासिन –उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण विकास विभाग उत्तर प्रदेश आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आज दिनांक 28 11 2020 को विकासखंड कमासिन में गोल्डन कार्ड कैंप का आयोजन किया गया।

जिसमें 2011 में चयनित सूची के अनुसार गोल्डन कार्ड बनाए गए इसमें कार्ड धारक को बीमारी की दशा में 500000 तक का निशुल्क इलाज किया जाएगा । वीडियो कमासिन ने कहा इससे गरीबों को लाभ होगा वहीं अधिकांश लोगों के सूची में नाम न होने से लोग मायूस होकर लौट गए यह भी देखने में आया कि सूची में गरीबों के नाम कम थे जबकि अमीर आदमियों के नाम ज्यादा थे इससे लोगों में रोष व्याप्त रहा।

जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने सर्वसाधारण को अवगत कराया है कि माह नवम्बर 2020 में खाद्यान्न के द्वितीय चक्र (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना) का वितरण की अन्तिम तिथि 30 नवम्बर 2020 है। वितरण की तिथि 02 से 07 दिसम्बर तक बड़ा दी गई है

*जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने सर्वसाधारण को अवगत कराया है कि माह नवम्बर 2020 में खाद्यान्न के द्वितीय चक्र (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना) का वितरण की अन्तिम तिथि 30 नवम्बर 2020 है। वितरण की तिथि 02 से 07 दिसम्बर तक बड़ा दी गई है*


कतिपय जनपदों में गोदामों से खाद्यान्न उठान न हो पाने के कारण उचित दर दुकानों में अनुपलब्धता बनी हुयी है। उक्त के दृष्टिगत खाद्यायुक्त द्वारा माह नवम्बर 2020 में पी0एम0जी0के0ए0वाई0 के वितरण की तिथि 02 से 07 दिसम्बर 2020 तक बढ़ा दी गयी है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत 01 दिसम्बर 2020 को ई-पाॅस मशीनों की तकनीकी तैयारियों के दृष्टिगत वितरण नहीं किया जा सकेगा, साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि 02 से 06 दिसम्बर 2020 तक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जायेगा, तथा आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त न कर सकने वाले उपभोक्ताओं हेतु मोबाइल ओ0टी0पी0 वैरीफिकेशन के वितरण की अन्तिम तिथि अर्थात 07 दिसम्बर 2020 की गयी है। उपरोक्त के क्रम में जनपद-जौनपुर के समस्त उचित दर विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि 02 दिसम्बर 2020 से 06 दिसम्बर 2020 तक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से तथा 07 दिसम्बर 2020 को (मात्र एक दिन) मोबाइल ओ0टी0पी0 वैरीफिकेशन के माध्यम से अवशेष बचे हुए लाभार्थियों को पूर्व में जारी सोशल डिस्टेन्सिंग के निर्देशों का पालन कराते हुए नियमानुसार शत-प्रतिशत वितरण करना सुनिश्चित करेंगे, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रह जाये।

हिन्दू भगवा वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाई गई, उर्वशी सिंह

हिन्दू भगवा वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाई गई, उर्वशी सिंह

जौनपुर – हिन्दू भगवा वाहिनी संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय शर्मा ने उर्वशी सिंह को हिन्दू भगवा वाहिनी राष्ट्रीय अध्यक्ष सनातन रक्षा महिला प्रकोष्ठ मनोनीत किया।

साथ ही उन्होंने कहा कि उर्वशी सिंह के मनोनयन से पूरे भारत में संगठन को निरंतर मजबूती मिलती रहेगी, आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि संगठन के हित के लिए वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगी और हिन्दू भगवा वाहिनी का विस्तार करेंगी।

वहीं दूसरी ओर यह जानकारी होने पर संगठन से जुड़े लोगों सहित तमाम शुभचिंतकों ने उर्वशी सिंह को बधाई देते हुये संगठन के इस निर्णय की सराहना किया हैं।

कांग्रेस पार्टी शुरू से ही किसानों के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और किसानों के हितों के लिए सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी। सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के साथ राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा: अजय लल्लू

लखनऊ, 28 नवम्बर।

दिल्ली में चल रहे किसान आन्दोलन के समर्थन में उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू जी के निर्देश पर आज उ0प्र0 कांगे्रस कमेटी की सभी जिला-शहर इकाइयांें ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।



उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज अन्नदाता किसान भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों से त्रस्त होकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने को विवश है। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों की जमीन छीनकर, मंडी छीनकर, समर्थन मूल्य छीनकर, किसान को उसके खेत पर ही मजदूर बना देने और देश की खेती कार्पोरेट घरानों के हाथ में देने के लिए भाजपा सरकार द्वारा लाये गये तीन काले कृषि कानूनों के विरूद्ध अन्नदाता किसान शांतिपूर्वक तरीके से इन काले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसानों की जायज मांगों को मानने के बजाए भाजपा सरकारें किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारें डालकर उनका उत्पीड़न कर रही हैं और हठधर्मिता अपनाकर लाठी, डण्डे के बल पर उनकी आवाज दबा रही है जिसे कंाग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा सरकार किसानों का उत्पीड़न कर उनकी आवाज दबाना चाहती हैं। शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत दिल्ली पहुंचकर हाल ही में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध एवं विशेषकर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग को लेकर आन्दोलनरत किसान इस भीषण ठण्ड में सड़कों पर संघर्ष करने को विवश हैं किन्तु सरकार अपने दमनात्मक रवैये को अपनाते हुए उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आज पूरे प्रदेश में किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर किसानों की मांगों को तत्काल मानने की मांग करते हुए महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस पार्टी शुरू से ही किसानों के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और किसानों के हितों के लिए सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू जी के निर्देश पर आज पूरे प्रदेश में जिला एवं शहर इकाइयों द्वारा किये गये प्रदर्शन के क्रम में लखनऊ में जिला एवं शहर अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश त्रिपाठी एवं श्री मुकेश सिंह चैहान के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इसी प्रकार जनपद फिरोजाबाद, गोण्डा, गाजियाबाद, झांसी, गोरखपुर, कुशीनगर, बाराबंकी, बहराइच, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, सीतापुर, लखीमपुर, गाजीपुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, जालौन, हमीरपुर, बांदा सहित प्रदेश के सभी जनपदों में जिला एवं शहर इकाइयों द्वारा प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।

किसान के बेटे ने कृषि वैज्ञानिक बन किया जिले का नाम रोशन

*किसान के बेटे ने कृषि वैज्ञानिक बन किया जिले का नाम रोशन*

डॉ सुशील पटेल कृषि वैज्ञानिक



बाँदा (बबेरू) – ग्राम कैरी के होनहार डॉ सुशील पटेल ने आज सबका दिल ही जीत लिया। अपने संघर्ष की कहानी में गांव से राजधानी तक का सफर इतना सुनहरा बना दिया कि इतिहास के पन्नों में एक और नाम डॉ सुशील पटेल का जुड़ गया। जी हां हम बात कर रहे हैं बाँदा जिला की तहसील बबेरू के ग्राम कैरी के इस नवयुवक की, जो एक छोटे से किसान का बेटा है और संघर्ष की कहानी इतनी जोरदार बनाई की सफलता की गूंज दूर-दूर तक सुनाई पड़ रही है। कहा जाता है कि संघर्ष जितना शांति भरा हो सफलता की गूंज उतनी ही जोरदार होती है। ऐसा ही कुछ कर दिया है कैरी के इस किसान के बेटे सुशील पटेल ने, जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा बिसंडा के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में प्राप्त की है
इसके बाद मथुरा पशुचिकित्सा महाविद्यालय से पशुचिकित्सा में स्नातक की डिग्री,भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली से पशु आनुवंशिकी में पीजी और राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल से पशु आनुवंशिकी के क्षेत्र में पीएचडी की डिग्री हासिल की थी,
इसके पहले डॉक्टर सुशील पटेल, रीवा पशु चिकित्सा कॉलेज में टीचिंग एसोसिएट के रूप में कार्यरत थे।
आज डॉक्टर सुशील कुमार पटेल का चयन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र जावरा,रतलाम मध्य प्रदेश में हो गया है। डॉ सुशील पटेल अपने इस संघर्ष के दौरान इतना गजब का ध्यान रखा कि आम इंसान के लिए बहुत ही मुश्किल होता है, लाखों लोग तैयारी करते हैं और उनमें से कुछ हजारों की तादाद में ही भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान जैसी कठिन परीक्षा पास करना मुश्किल होता है। आपको बता दें कि यहां तक के संघर्ष के पड़ाव 2 बार, 4 बार, 5- 6 बार भी हो जाते हैं, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की तैयारी करना फिर मेंस की तैयारी करना, मेंस interview की तैयारी करना और यदि एक बार उस साक्षात्कार में नहीं निकल पाए तो अगली बार फिर से पूर्व परीक्षा को पास करने का सिलसिला जारी होता है। इतना कठिन होता है यह भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की परीक्षा को पास करना, डॉ सुशील पटेल के कठिन प्रयास, लग्न एकाग्रता और धैर्य ने अपने समय का सदुपयोग कर अपने भविष्य को गढ़ने में कोई भी चूक नहीं की। हमेशा गलतियों से सीखते रहे, आज इन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि पूरे मन से लगातार कार्य करने की संकल्प शक्ति और इच्छाशक्ति के बल पर सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है। परिवार गाँव व क्षेत्र के लोग बहुत प्रसन्न हैं, गांव वालों का नाम रोशन हो गया है और पूरे जिला भर का नाम इन्होंने रोशन किया है। ऐसे होनहार व्यक्तित्व बड़े कम ही मिलते हैं और धन्यवाद ऐसे माता-पिता को जिन्होंने ऐसी संतान दी और लोगों की सेवा अर्थात कृषि विज्ञान केंद्र में उच्च पद पर कार्य का अधिकारी बनाया गया है , वही डॉ सुशील ने अपने इस चयन के पीछे माता-पिता,चाचा-चाची और समस्त किसान परिवारों के आशीर्वाद का परिणाम बताया है, उनके चयन से सभी क्षेत्रवासियों ने खुशी जाहिर किया है।

किन्नर शालू तिवारी व उसके साथी दीपक को मनबढ़ों ने घर में घुसकर मारापीटा पुलिस ने सूचना पर पहुंच कर दो युवकों का शांतिभंग में चालान किया

किन्नर व उसके साथी को मनबढ़ों ने घर में घुसकर मारापीटा

जौनपुर – कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला धरनीधरपुर ‘अहियापुर’ के मनबढ़ युवकों ने किन्नर और उसके साथी को बुरी तरह मारापीटा, शुक्रवार की रत्रि लगभग 11 बजे किन्नर और उसके साथी दीपक राय अपने कमरे में तू तू मै मै कर रहे थे कि उसी समय मोहल्ले का एक मनबड़ युवक दरवाजा खुलवाकर किन्नर शालू तिवारी के कमरे में घुस गया और दोनो को जमकर मारापीटा।

साथी किन्नर की पिटाई के बाद आस पास रह रहे और भी किन्नर घटना की जानकारी होने पर वहां पहुंच गये, और इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, मौके पर पहुची पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पकड़े गये दोनों आरोपियों को शांतिभंग में चलान कर दिया है, चौकी प्रभारी भंडारी विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है और फरार चल रहे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

हिन्दू युवा वाहिनी बदलापुर नगर इकाई के अध्यक्ष बने सुधीर सिंह मुन्ना

*हिन्दू युवा वाहिनी बदलापुर नगर इकाई के अध्यक्ष बने सुधीर सिंह मुन्ना*

हिन्दू युवा वाहिनी बदलापुर नगर इकाई के अध्यक्ष बने सुधीर सिंह मुन्ना



जौनपुर/बदलापुर- हिन्दू युवा वाहिनी बदलापुर नगर इकाई का गठन जिला मंत्री कुलदीप सिंह लकी के द्वारा शनिवार को श्री राम जानकी मंदिर पे किया गया नवनियुक्त पदाधिकारियों को कुलदीप सिंह लकी ने संगठन के उद्देश्य व महत्व के बारे में विस्तार से बताया व नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाया लकी ने कहा कि परम पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज के द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कार्यकर्ता आम जनमानस तक पहुंचाने का कार्य करे।संयोजक डॉ अंकित त्रिपाठी अध्यक्ष सुधीर सिंह मुन्ना उपाध्यक्ष अतुल शुक्ला, पंकज सिंह, सर्वेश यादव, अनुपम सिंह, अभिषेक शुक्ला, महामंत्री शिवम अस्थाना, विक्रांत सिंह, मंत्री कुलदीप गुप्ता, संत दुबे, अंबर सिंह, किरन निगम, सचिन शुक्ला, अखिल श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सत्यम मौर्य, मीडिया प्रभारी पवन उपाध्याय, सदस्य संतोष सिंह, रविकांत गौतम, विकास निगम सूरज भान गौतम, शतीश कश्यप, चन्दन सेठ को नियुक्त किया गया। उक्त अवसर पे अमृतेश शर्मा, प्रमोद शर्मा मौजूद रहे।

ये मैं कहना चाहता हूं, तुम्हारे भी परिवार और बच्चे हैं। तुम धोए हुए चावल नहीं हो। तुम्हारी खिचड़ी कैसे पकानी है, वो हम पका सकते हैं।’हमारे बच्चों के पीछे ED, CBI लगाने वालों यह मत भूलों कि तुम्हारे भी बच्चे हैं, मैं कोई नामर्द नहीं हूं :सीएम महाराष्ट्र उद्धव साहेब ठाकरे

केंद्र पर उद्धव का निशाना : हमारे बच्चों के पीछे ED, CBI लगाने वालों यह मत भूलों कि तुम्हारे भी बच्चे हैं, मैं कोई नामर्द नहीं हूं




शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में ED, NCB, CBI की कार्रवाई पर कहा है कि फिलहाल सिर्फ हाथ धो रहा हूं, हावी होंगे तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊंगा। कुछ लोगों के दिमाग में विकार आ गया है। इसका उपचार करना होगा। मराठी मानूस को गाड़कर उस पर कोई नाच नहीं सकता। एक इंटव्यू के दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।

सरकार गिराने वालों के दांत गिर पड़े
सीएम ने कहा कि सरकार आज गिराएंगे, कल गिराएंगे, इस दौरान ऐसा बोलने वाले के दांत गिर पड़े। ठाकरे ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) या अन्य एजेंसियों का दुरुपयोग कर दबाव बनाओगे तो याद रखना बच्चों के पीछे लगकर विकृत आनंद पानेवालों, तुम्हारे भी परिवार और बच्चे हैं, ये मत भूलो। लेकिन हममें संस्कार हैं इसलिए उन्होंने संयम बरतने की भी बात कही।

कांग्रेस राष्ट्रवादी के बीच उत्तम समन्वय
कोरोना से रोजगार तक, ‘वर्षा’ बंगले से लेकर ‘मातोश्री’ तक हर सवाल पर मुख्यमंत्री ठाकरे में जवाब दिया है। कांग्रेस, राष्ट्रवादी के बीच उत्तम समन्वय है। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार चलाने में उन्हें किसी प्रकार की कसरत नहीं करनी पड़ रही।

एक साल पूरा हुआ, चार साल भी आराम से पूरे होंगे
सीएम ने कहा, ‘पहले दिन से ही सहयोग की भावना रखी, उस दौरान मन में ये बात थी कि चलो माहौल खुला है, अच्छा हुआ। अब काम पर लगेंगे। ये जो सहयोग कर रहे हैं वो महत्वपूर्ण है। पूरे राज्य के प्रशासन की यंत्रणा है, पुलिस है और राजस्व विभाग है। सभी का सहयोग मिल रहा है और आराम से एक साल पूरा हो गया तथा मुझे आत्मविश्वास है कि अगले चार साल भी हम जरूर पूरा करेंगे ही करेंगे। आगामी पांच साल की जनता है ही। वो तय करेगी।’मैं नामर्द नहीं हूं’
बातचीत के दौरान सीएम ने कहा,’मैं शांत हूं, संयमी हूं लेकिन इसका मतलब मैं नामर्द नहीं हूं और इस प्रकार से हमारे लोगों के परिजनों पर हमले शुरू हैं। ये तरीका महाराष्ट्र का नहीं है। बिल्कुल नहीं है। एक संस्कृति है। हिंदुत्व-वादी मतलब एक संस्कृति है और हम पर हावी होनेवाले लोगों का भी परिवार और बच्चे हैं। ये मैं कहना चाहता हूं, तुम्हारे भी परिवार और बच्चे हैं। तुम धोए हुए चावल नहीं हो। तुम्हारी खिचड़ी कैसे पकानी है, वो हम पका सकते हैं।’

CBI का दुरुपयोग कर रहे थे इसलिए लगाई लगाम
CBI को राज्य सरकार की मंजूरी लेने के सवाल पर सीएम ने कहा, ‘तुम CBI का दुरुपयोग करने लगे तब ऐसी नकेल लगानी ही पड़ती है। ED ही क्या, CBI क्या, उस पर राज्य का अधिकार नहीं है? हम देते हैं नाम, हमारे पास हैं नाम। माल-मसाला तैयार है। पूरी तरह से तैयार है। लेकिन बदले की भावना रखनी है क्या? फिर जनता हमसे क्या अपेक्षा रखेगी। बदले की भावना से ही काम करना है तो तुम एक बताओ, हम दस बताएंगे।

दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को मिला कांग्रेस का खुला समर्थनआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को मिला कांग्रेस का खुला समर्थन

आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
लखनऊ दिल्ली में चल रहे किसान आन्दोलन के समर्थन में कल दिनांक 28 नवम्बर 2020 को उ प्र कांग्रेस कमेटी की सभी जिला-शहर इकाइयां प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगीं।
उ प्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज अन्नदाता किसान भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों से त्रस्त होकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने को विवश है। किसानों की मांगों को मानने के बजाए भाजपा सरकारें किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारें डालकर उनका उत्पीड़न कर रही हैं और उनकी आवाज दबाना चाहती हैं।
अजय कुमार लल्लू ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत दिल्ली पहुंचकर हाल ही में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध एवं विशेषकर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग को लेकर आन्दोलनरत किसान इस भीषण ठण्ड में सड़कों पर आने को विवश हुए हैं किन्तु किसान विरोधी सरकार अपने दमनात्मक रवैये को अपनाते हुए उनकी मांगों को अनसुना कर रही है और हठधर्मिता अपनाकर लाठी, डण्डे के बल पर उनकी आवाज दबा रही है जिसे कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए संकल्पित है।

शैक्षिक संवाद मंच ने मनाया संविधान दिवस• शिक्षकों ने संविधान की विशेषताओं पर की चर्चाप्रस्तावना तथा मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों पर हुआ विमर्शआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

शैक्षिक संवाद मंच ने मनाया संविधान दिवस
• शिक्षकों ने संविधान की विशेषताओं पर की चर्चा
प्रस्तावना तथा मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों पर हुआ विमर्श
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


बांदा। संविधान दिवस के अवसर पर शैक्षिक संवाद मंच उ.प्र. द्वारा एक ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें पूरे प्रदेश से शिक्षकों ने जुड़कर डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को रेखांकित कर संविधान की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए देश की एकता एवं अखंडता को सुरक्षित रखते हुए परस्पर प्रेम सद्भाव को बढ़ावा देने पर बल दिया।
संविधान दिवस संगोष्ठी के प्रारंभ में संवाद मंच के संस्थापक शिक्षक साहित्यकार प्रमोद दीक्षित मलय ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए कहा कि हम सभी शिक्षक हैं। संविधान दिवस पर संवाद के माध्यम से हम बच्चों एवं आमजन तक संवैधानिक मूल्यों एवं आदर्शों का प्रचार-प्रसार करेंगे। संविधान के प्रति आस्था, श्रद्धा एवं विश्वास जगाना है। इसके लिए बच्चों के साथ काम करते हुए हम लोकतांत्रिक आचरण का आदर्श प्रस्तुत करें। संगोष्ठी का आरम्म कृष्ण कुमार द्वारा प्रस्तुत चेतना गीत ‘ केवल बातें करने से बेड़ा पार नहीं होता’ से हुआ जिसमें श्रम के महत्व और सामूहिकता पर बल दिया गया था। चर्चा का आरंभ करते हुए सुमन गुप्ता ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए अपने विचार रखें कि समाज में भाईचारे के लिए हमको संविधान के आलोक में ही काम करना होगा। यह भी बताया कि 1976 में 42 वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द जोड़े गए। जिसका आशय है कि राज्य किसी एक मत, पंथ, धर्म का पक्षधर ना होकर सभी के लिए समान रूप से काम करेगा। दीक्षा मिश्रा ने मूल अधिकारों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि संविधान में जो मूल अधिकार प्रदान किए गये हैं , उनकी गरिमा को बनाए रखते हुए हम अपने कर्तव्य की ओर भी जागृत रहें। अधिकार और कर्तव्य परस्पर अन्योन्याश्रित हैं। श्रवण गुप्ता ने संविधान निर्माण की पूरी यात्रा की झलक प्रस्तुत करते हुए बताया कि संविधान का निर्माण 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन में पूर्ण हुआ और 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे और प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में एक पूरी टीम ने संविधान बनाने में योगदान दिया। संविधान में 395 अनुच्छेद एवं 8 अनुसूचियां थी और अभी तक 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं।एक गीत ‘ना हो साथ कोई अकेले बढ़ो तुम, सफलता तुम्हारे चरण चूम लेगी’ भी प्रस्तुत किया। नीतू शर्मा ने नीति निर्देशक तत्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान में राज्यों एवं केंद्र के संबंधों पर बहुत स्पष्ट कार्य योजना एवं अधिकार व्याख्यायित किए गए हैं। अर्चना वर्मा ने संविधान के कुछ रोचक तथ्यों को सामने रखे कि उस समय 6 करोड़ से अधिक धन खर्च हुआ था। मूल प्रति में 284 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं जिनमें 15 महिलाएं भी शामिल हैं। प्रेम बिहारी रायजादा ने इसको हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखा है। नौरीन सआदत ने संविधान पर आधारित अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत कर वाहवाही बटोरी। सुनीता गुप्ता भी मूल अधिकारों पर चर्चा करते हुए कहा कि हम सभी देश के विकास के लिए श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण करने में अपना योगदान करें। अर्चना सिंह ने सवाल रखते हुए कि बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अनुशासन का विकास कैसे किया जाए? अपने अनुभव साझा किये। इस गोष्ठी में रेनू सिंह, रंगनाथ दुबे, धर्मेंद्र कुमार, पूनम नामदेव, राजेंद्र यादव, नीलम जैन, अमृतलाल, राम किशोर पांडेय, रुखसाना बानो, सौरभ गुप्ता, नम्रता श्रीवास्तव, शैलेंद्र शंखधर आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।