#जौनपुर :पंडित दीनदयाल के विचारों आत्मसात करने से आएगी रचनात्मकता- कुलपतिरिपोर्ट ✍️दीपक गुप्ता

*पंडित दीनदयाल के विचारों आत्मसात करने से आएगी रचनात्मकता- कुलपति*

रिपोर्ट ✍️दीपक गुप्ता



जौनपुर – “पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की दृष्टि में आत्मनिर्भर भारत” विषय पर एक वेबिनार का आयोजन विश्वविद्यालय में स्थित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ द्वारा किया गया, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमारी नई शिक्षा नीति 2020 पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानव दर्शन पर आधारित है।

एकात्म मानव दर्शन शरीर, आत्मा, बुद्धि और मन में एक समन्वय स्थापित करता है, पंडित जी के एकात्म मानववाद के दर्शन में ही आत्मनिर्भर भारत का रहस्य छुपा हुआ है।

पंडित जी ने स्वतंत्र भारत के लिए भारतीय वैदिक संस्कृत के मूल तत्व सर्वे भवन्तु सुखिन:, वसुधैव कुटुंबकम्, त्येन त्यक्तेन भुंजीथा:, सहनाववतु सहनौभुनक्तु से अनुप्राणित एकात्म मानववाद का दर्शन प्रस्तुत किया।

पंडित जी की मान्यता थी कि व्यक्ति परिवार से परिवार समाज से समाज देश से देश दुनिया से और दुनिया ब्रह्मांड से जुड़ा है और सब परस्पर निर्भर हैं, यदि हम भारतीय समाज को पंडित जी के एकात्म मानव दर्शन पर आधारित वैचारिकी की कसौटी पर लाने में सफल हो गए तो समाज का हर व्यक्ति बिना एक दूसरे को नुकसान पहुंचाए रचनात्मक कार्यों में संलग्न हो जाएंगे और सबके कार्य करने का एक ही आधार होगा कि कैसे हर एक के चेहरे पर खुशहाली लाई जाए।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक गंगा विचार मंच नमामि गंगे जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार डॉ भरत पाठक ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी का जौनपुर से बहुत लगाव था, दीनदयाल जी की एकात्म मानव दर्शन की वैचारिकी पिछड़े अभावग्रस्त और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान पर आधारित थी और उनके दर्शन को नानाजी देशमुख ने अलग-अलग प्रकल्प ओं के माध्यम से व्यावहारिक धरातल पर उतारा।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के सामाजिक विज्ञान के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्र ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेक इन इंडिया वास्तव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अर्थनीति पर आधारित है ,जिसमें समाज का अंतिम व्यक्ति भी स्वावलंबी हो, आत्मनिर्भर हो।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान जयप्रभाग्राम के सचिव रामकृष्ण तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानव दर्शन यह था कि जब व्यक्ति आत्मनिर्भर होगा तब, व्यक्ति से परिवार आत्मनिर्भर बनेगा, परिवार से समाज और फिर समाज से राष्ट्र आत्मनिर्भर बनेगा।

इसके पूर्व कार्यक्रम के संयोजक दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के अध्यक्ष प्रोफेसर मानस पांडेय ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए वेबीनार के विषय “पंडित दीनदयाल उपाध्याय की दृष्टि में आत्मनिर्भर भारत” का प्रवर्तन किया।

मानस पांडेय ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की वैचारिकी को आधार बनाकर देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे डॉ नितेश जयसवाल ने वेबीनार से जुड़े हुए सभी विद्वतजनों का आभार व्यक्त किया।संचालन शोध पीठ के सदस्य व आयोजन सचिव डॉ अनुराग मिश्र ने किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर एच सी पुरोहित, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ आलोक सिंह, डॉ विजय तिवारी,डॉ.बनिता सिंह, डॉ. प्रियंका सिंह, अभिषेक पाडेय, आशीष जायसवाल समेत तमाम लोग प्रतिभाग किये।

हाई स्कूल के छात्र ने फांसी लगाकर किया आत्महत्या

*हाई स्कूल के छात्र ने फांसी लगाकर किया आत्महत्या,*




जौनपुर – मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के सुन्गुलपुर कालूपुर में गुरुवार की दोपहर हाई स्कूल के छात्र ने अपने पाही पर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के कालूपुर गांव निवासी हेमराज पटेल का 17 वर्षीय पुत्र राज पटेल गुरुवार को घर से यह कहकर पाही पर गया कि वहां पढ़ने जा रहा हूं दोपहर तक जब घर पर खाना खाने नहीं आया परिजन उसे बुलाने के लिए गए जब पाही पर स्थित कमरे का दरवाजा खोला तो वह गाटर के सहारे रस्सी से फांसी पर लटक रहा था।

परिजनों की चीख पुकार सुनकर मौके पर भारी भीड़ लग गई, परिजनों ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

फोटो: प्रतीकात्मक

सुरेरी में शव पाए जाने से सनसनी,परिजनों ने जताई हत्या की आशंका,

*सुरेरी में शव पाए जाने से सनसनी,*

*परिजनों ने जताई हत्या की आशंका,*

जौनपुर – सुरेरी थाना क्षेत्र के ग्राम करौदी कला के पास विनय प्रताप सिंह पुत्र स्व बोध नरायन सिंह उम्र लगभग 54 साल की लाश मिलने से सनसनी फैल गई, परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं तो पुलिस अभी हत्या मानने को तैयार नहीं है क्योंकि पुलिस उपअधीक्षक मड़ियाहूं ने अपने बयान में कहा है कि मृतक के शरीर पर किसी तरह की कोई चोट का निशान नहीं है।

अब यहाँ पर सवाल यह उठता है कि अगर क्षेत्राधिकारी की बात सही है तो विनय प्रताप के मौत का कारण क्या है इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया, और कब तक खुलासा होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन पुलिस मामले के छान बीन की बात कर रही है।

बतादे हैं कि बीती रात को लगभग 8 बजे विनय प्रताप सिंह सब्जी लेकर घर गया और सब्जी देकर बाजार जाने की बात करके घर से निकला फिर पूरी रात नहीं आया, परिजन रात में काफी खोज बीन किये तो सुबह उसकी लाश घर से सौ मीटर की दूरी पर खेत में मिली, परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

विनय का हत्यारा कौन हो सकता है यह अभी अंधेरे में है, जो भी हो लेकिन अगर परिवार की बात सही है तो इस घटना ने एक बार फिर कानून पर प्रश्न चिन्ह लगाया है, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है रिपोट आने के बाद ही मृत्यु का कारण सामने आ सकता है।

यूपी में शहर और संपत्ति की पहचान अब 17 अंकों के यूनिक कोड से,कहीं से भी पता चल जाएगा संपत्ति का विवरण,

*यूपी में शहर और संपत्ति की पहचान अब 17 अंकों के यूनिक कोड से,*

*कहीं से भी पता चल जाएगा संपत्ति का विवरण,*

प्रदेश में नगर निकायों की संपत्तियों की एक यूनिक आइडी होगी, जिससे संपत्ति के बारे में कहीं से भी जानकारी हासिल की जा सकती है। कुल 17 अंकों की यूनिक आइडी से आप किसी भी संपत्ति के बारे में पता कर सकेंगे। इस यूनिक आइडी से आप गूगल लोकेशन से किसी भी संपत्ति तक पहुंच सकेंगे। खास बात यह होगी कि संपत्ति की श्रेणी के लिए अलग-अलग अक्षर होंगे, जिससे किसी भी संपत्ति के बारे में कोई जान सकेगा कि वह आवासीय या अनावासीय और मिश्रित संपत्ति में दर्ज है।

जैसे अभी तक लखनऊ में दस नंबरों की आइडी थी तो कानपुर और अन्य शहरों की अलग-अलग अंकों की आइडी थी। सत्रह नवंबर को प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग दीपक कुमार की तरफ से जारी आदेश के बाद इसका नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
दरअसल संपत्तियों की पहचान के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया एकरूपता न होने से संपत्तियों के विवरण की जानकारी किसी को सुलभ तरह से नहीं मिल पाती है। इस दुविधा को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने बिजनेस रिफाम्र्स में सुधार करने के लिए नगरीय क्षेत्र में संपत्तियों की यूनिक प्रापर्टी पहचान बनाई जाने वाली है।

*17 अंकों का यूनिक कोड ऐसे होगा प्रथम दो अंक प्रदेश का कोड*
तीन से पांच स्थानीय निकाय
छह से सात स्थानीय निकाय जोनल कोड
आठ से दस स्थानीय निकाय वार्ड का कोड
11 से 16 संपत्ति का कोड

*विशेष अक्षर*
आर आवासीय संपत्ति
एन अनावासीय संपत्ति
एम मिश्रित संपत्ति
सॉफ्टवेयर में ऐसे दिखेंगे नंबर
राज्य कोड दो
निकाय कोड तीन
जोन कोड दो
वार्ड कोड तीन
संपत्ति व भूखंड कोड छह

*विशेष अक्षर एक*
नगर निगम लखनऊ के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभी लखनऊ नगर निगम का दस अंकों का कोड था और इसी तरह अन्य नगर निकायों का अलग-अलग अंक का कोड था और एकरूपता न होने से संपत्तियों की पहचान एक जगह से नहीं हो पाती थी। अब ई-नगर सेवा पोर्टल के निर्देशों के अनुसार यूनिक आइडी की व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के निकायों की संपत्तियों के बारे में कहीं से भी जानकारी ली जा सकती है। इसी तरह गूगल लोकेशन से संपत्ति की लोकेशन पता करने में कोई परेशानी नहीं होगी।

जौनपुर – केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनओ, कर्मचारी संगठनों के देशव्यापी 26 नवंबर की आम हड़ताल जनपद जौनपुर में भी पूरी तरह सफल रही।

*आम हड़ताल पूरी तरह से रही सफल*

जौनपुर – केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनओ, कर्मचारी संगठनों के देशव्यापी 26 नवंबर की आम हड़ताल जनपद जौनपुर में भी पूरी तरह सफल रही।
26 नवंबर को कर्मचारी संगठनों और केंद्रीय श्रम संगठनों ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी कार्यालय पर दिन में 11:00 बजे से 2:00 बजे तक धरना दिया।

धरने में कोविड के नियमों का पूरी तरह पालन भी किया गया, सभा में कर्मचारी नेताओं ने जमकर सरकार की जनविरोधी कर्मचारी विरोधी मजदूर विरोधी नीतियों की भात्सना की और आगे इससे ज्यादा बड़े संघर्ष का ऐलान किया, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री चंद्रशेखर सिंह ने सरकार को जताते हुए कहा कि यदि सरकार नहीं चेती तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बड़े आंदोलन को करने से पीछे नहीं हटेगा, वहीं पर साथी जयप्रकाश सिंह साथी, विजय प्रताप सिंह साथी प्रवीण शुक्ला ने केंद्रीय श्रम संगठनों की ओर से कहा कि जनपद में जो भी संयुक्त संघर्ष के कार्यक्रम लिए जाएंगे श्रमिक संगठन बढ़-चढ़कर के हिस्सा लेगा।

वक्ताओं में कर्मचारी नेताओं ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया जिसमें मुख्य रूप से संजय चौधरी, आरपी सिंह, साथी कल्लू, इंजीनियर बेचन सिंह , मीना यादव, सीबी सिंह, अच्छेलाल पाल, यूपीएमएसआरए के अजय चौरसिया, सरिता सिंह, प्रेमधर उपाध्याय, निखिलेश सिंह, इंद्रजीत पाल आदि ने अपने विचार रखे।

सभा व धरने का संयुक्त अध्यक्षता साथी संजय सिंह, सीबी सिंह, प्रेम धर उपाध्याय, सरिता सिंह, अजय चौरसिया व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने किया।

सभा का संचालन यूपीएमएसआर के प्रदेश मंत्री नीरज श्रीवास्तव ने किया। सभा में माननीय राष्ट्रपति महोदय राज्यपाल महोदय को ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट द्वारा अध्यक्ष मंडल की संयुक्त समिति ने सौंपा, नगर मजिस्ट्रेट सहदेव कुमार मिश्र ने आश्वस्त किया दोनों ज्ञापन उनके कार्यालय द्वारा तुरंत भेज दिया जाएगा।

सभा का समापन करते हुए साथी राकेश श्रीवास्तव ने आए हुए लोगों का आभार प्रकट किया और यह भी कहा कि सरकार के एस्मा लगाने पर भी आज की हड़ताल पूरी तरह से जनपद जौनपुर में सफल दिखी और आश्वस्त किया कि जो भी संयुक्त आंदोलन केंद्रीय श्रम संगठनों और कर्मचारी संगठनों द्वारा तय किया जाएगा वह जनपद जौनपुर में पूरी तरह लागू होगा और सफल होगा।

यूपी में होगा पांच हजार पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर,*इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक भेजे जाएंगे ट्रैफिक पुलिस में

*यूपी में होगा पांच हजार पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर,*
*इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक भेजे जाएंगे ट्रैफिक पुलिस में*
यूपी में यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए 5000 पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक पुलिस में भेजने का फैसला किया गया है। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल स्तर के तक के पुलिसकर्मी शामिल होंगे ।डीजीपी मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि जिलों में कार्यरत पुलिसकर्मी अपने ही जिले में ट्रैफिक में स्थानान्तरित कर दिए जाएंगे। इसमें जिलावार पुलिसकर्मियों की संख्या का निर्धारण भी किया जा रहा है।

दरअसल ट्रैफिक पुलिस की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। हर साल ऐसे प्रस्ताव आते रहते हैं। यातायात निदेशालय की तरफ से डीजीपी मुख्यालय भेजे जाने वाले ऐसे प्रस्तावों पर जनशक्ति की कमी के कारण फैसले नहीं हो पाते हैं। पुलिस में नई भर्तियों के बाद अब 5000 पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक कार्य में लगाने पर सहमति बनी है। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी और बढ़ गई है। कहीं-कहीं उन्हें मास्क की चेकिंग और कोरोना संबंधी सरकार के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी भी दे दी जा रही है। वे कोरोना जांच के लिए लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। ट्रैफिक सिगनल तोड़ने तथा हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने जैसे मामलों में कार्रवाई की जिम्मेदारी पहले से है। शहरों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस की भूमिका दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है।

*पुलिस के सी-प्लान ऐप से जुड़े 9.59 लाख लोग :*

कम्युनिटी पुलिसिंग और जनता के साथ सीधा संवाद करने के लिए तैयार डीजीपी मुख्यालय की तरफ से बनवाए गए सी-प्लान ऐप से अब तक 9.59 लाख लोगों के मोबाइल नंबरों को जोड़ा जा चुका है। इस तरह ऐप के माध्यम से पुलिस अपना कोई भी संदेश सीधे 9.59 लाख लोगों तक पहुंचा रही है। डीजीपी मुख्यालय के कंट्रोल रूम को एकीकृत करते हुए सितंबर 2019 में सी-प्लान (कम्युनिटी-प्लान) शुरू किया गया था। इस ऐप का उद्देश्य कम्युनिटी पुलिसिंग, आमजन से सीधा संवाद, बेहतर कानून-व्यवस्था, पुलिस से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण एवं पुलिस के कार्यों में जनता की अधिक से अधिक भागीदारी को बढ़ाना था। डीजीपी मुख्यालय के अनुसार इसका एक बड़ा लाभ यह भी मिल रहा है कि किसी भी घटना की तथ्यात्मकता का तत्काल परीक्षण कर वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप पुलिस रिस्पांस किया जा रहा है।

इसके माध्यम से पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों, शहरी वार्डों तथा कस्बों के संभ्रांत व्यक्त्यिों से सीधा संपर्क स्थापित किया गया है। इससे उनमें पुलिस से जुड़े होने के कारण सुरक्षा का भाव भी पैदा हुआ है। साथ ही समय-समय पर जनहित एवं जन सुरक्षा संदेशों का व्यापक प्रेषण भी किया जा रहा है। सी-प्लान ऐप का पर्यवेक्षण मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा लगातार किया जा रहा है। समय-समय पर इस एप से जुड़े सदस्यों से समन्वय स्थापित करते हुए क्षेत्र में हो रही आपराधिक गतिविधियों, किसी प्रकार की अफवाहों और आयोजनो आदि के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की जा रही है तथा गलत सूचनाओं एवं अफवाहों का तत्काल खंडन किया जा रहा है।

*जब्त की गई 530 करोड़ की संपत्ति*

डीजीपी एचसी अवस्थी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पहली जनवरी 2020 से लेकर 31 अक्टूबर 2020 तक उत्तर प्रदेश गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत कुल 3697 मुकदमे दर्ज किए गए। साथ ही 12221 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत 793 मामलों में कार्रवाई करते हुए 530 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।

यूपी: शादी समारोह के लिए अनुमति की जरूरत नहीं, पुलिस ने की ज्यादती तो होगी कार्रवाई रिपोर्ट:शिवेंद्र श्रीवास्तव लखनऊ

*यूपी: शादी समारोह के लिए अनुमति की जरूरत नहीं, पुलिस ने की ज्यादती तो होगी कार्रवाई*
शिवेंद्र श्रीवास्तव लखनऊ,
कोरोना वायरस के केस फिर से बढ़ने की वजह से कई तरह की बंदिशें लगाई जा रही हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि शादी समारोहों के लिए पुलिस या प्रशासनिक अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि सिर्फ सूचना देकर कोविड प्रोटोकॉल के तहत शादी समारोह कराए जा सकेंगे.



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से साफ किया कि शादी समारोह के लिए पुलिस या प्रशासन से अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस संबंध में कहीं से भी पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत आई तो सख्त कार्रवाई होगी. यहां तक अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी.
योगी सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि केवल सूचना देकर कोविड प्रोटोकॉल और गाइडलाइन के सभी निर्देशों का पालन करते हुए शादी समारोह कर सकते हैं. शादी समारोह के लिए निर्धारित लोगों की संख्या में बैंड बाजा या अन्य कर्मचारी शामिल नहीं होंगे.

मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस महकमे को भी सख्त निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि गाइडलाइन के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा. लोगों को जागरूक करें. गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें.
उन्होंने यह भी कहा कि शादी समारोह में बैंड बजाने और डीजे बजाने से रोकने वाले अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई होगी.

इससे पहले पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर शादी और अन्य सामाजिक समारोहों में शामिल होने वाले लोगों की सीमा संख्या फिर से 100 करने का फैसला किया है. यूपी की योगी सरकार ने शादी समारोहों के लिए नई गाइडलाइन जारी की जिसके मुताबिक शादी समारोह में सिर्फ 100 लोग शामिल हो सकेंगे.

नई गाइडलाइंस के मुताबक अगर मैरिज हाउस की क्षमता 100 की है, तो वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सिर्फ 50 लोग शामिल होंगे. इस नए नियम के उल्लंघन पर मुकदमा होगा. शादी में बुजुर्ग और बीमार को आमंत्रित नहीं किया जाएगा.
कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर धारा 144 और 188 के तहत कार्रवाई होगी. राहत की बात यह है कि अगर घर में शादी है तो जिला प्रशासन से कोई अनुमति नहीं लेनी होगी, लेकिन संबंधित थाने में शादी समारोह की जानकारी देनी होगी.

पार्क निर्माण में शिथिलता पर डीएम ने जतायी नाराजगीकार्यो में तेजी लाने का बीडीओ का दिया निर्देशगेड़ीरिहा पार्क का औचक निरीक्षण

पार्क निर्माण में शिथिलता पर डीएम ने जतायी नाराजगी
कार्यो में तेजी लाने का बीडीओ का दिया निर्देश
गेड़ीरिहा पार्क का औचक निरीक्षण


महराजगंज क्षेत्र के सदरूद्दीनपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत निर्माणाधीन पार्क का जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया ।कार्यो में शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए कार्यो में तेजी लाने का निर्देश भी दिया ।
जानकारी के अनुसार गुरुवार जिलाधिकारी ने ब्लॉक परिसर का निरीक्षण किया ।और खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि मुसहर बस्ती की जांच कर उनके परिवार को मनरेगा के से रोजगार दे । वही मनरेगा के कार्यो में हो रही कागजी पूर्ति पर नाराजगी ब्यक्त किया वही सदरुद्दीनपुर गड़ेरिहा और कल्यानपुर पार्क में निर्माणाधीन पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया निर्देश दिया कि एक हप्ते के अंदर देशी खाद डालकर समतलीकरण कर घास,पौध,बैडमिन्टन,लगाये जिसका 5 दिसम्बर तक पुनः निरीक्षण होगा कार्य में तेजी कर पूरा करे । जिससे क्षेत्रीय लोगों को इसका फायदा मिले ।
मौके पर एडीओ पंचायत सीपी सिंह,ग्राम पंचायत अधिकारी बृजभान यादव,राय अभय सिंह,राहुल सिंह,सोनू सिंह,ग्राम प्रधान राकेश मिश्रा,भोले सिंह,नन्हकउ गुप्ता सहित ग्रामीण रहे ।

हर्ष फायरिंग में चली गोली से 12 वर्षीय मासूम बालक हुआ घायल, वाराणसी रेफर @jaunpurpolice

*हर्ष फायरिंग में चली गोली से 12 वर्षीय मासूम बालक हुआ घायल, वाराणसी रेफर*

जौनपुर – सिकरारा थाना क्षेत्र के बेलसरी(खपरहा)गांव में आज शाम एक तिलकोत्सव में रंग में भंग पड़ गया, जश्न में चलाई गयी गोली से एक 12 वर्षीय बालक घायल हो गया। गोली लगते ही मौके पर मौजूद लोगो में हड़कंप मच गया।

असलहाधारी मौके पर हुए फरार, आनन फानन में घायल बच्चे को जिला अस्पताल भेजा गया है, सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंचकर जांच पड़ताल जुटी।

मिली जानकारी के अनुसार आज सिकरारा थाना क्षेत्र के बेलसरी ( खपरहा )गांव के निवासी हिमान्शू तिवारी नामक युवक का तिलक था। शाम करीब सात बजे तिलक की रस्मे अदा की जा रही थी, उसी समय कुछ असलहा धारियों द्वारा हर्ष फायरिंग किया जा रहा था, फारिंग करने वाले एक युवक के असलहे में गोली फस गयी, वह गोली निकालने का प्रयास कर रहा था उसी समय अचानक गोली चल गयी।

गोली 12 वर्षीय अमित तिवारी पुत्र शैलेष तिवारी के पैर में जा लगी, बच्चे को गोली लगते ही वहां पर अफरा तफरी मच गया, असलहा धारी मौके से फरार हो गये, परिवार वाले उसे जिला अस्पताल लेकर चले गये, जहाँ उसे वाराणसी के लिए रेफर किया गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी।

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर हैवानियत से पेश आ रही है भाजपा सरकार – प्रियंका गांधी वाड्रा

*कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर हैवानियत से पेश आ रही है भाजपा सरकार – प्रियंका गांधी वाड्रा*



*भाजपा सरकारों के एजेण्डे में किसान को कोई प्राथमिकता नहीं, पूंजीपतियों को रेवड़ी बांट रही है भाजपा सरकारें – अजय कुमार लल्लू*



*अन्नदाताओं के खिलाफ लाठी गोली चलाने वाली भाजपा सरकार क्या जाने मेहनतकश का दर्द-अजय कुमार लल्लू*



*किसानों की पीठ पर पड़ी लाठी और पानी की बौछार भारतीय जनता पार्टी की सरकार के लिए ताबूत में अंतिम कील साबित होगी – अजय कुमार लल्लू*


*लखनऊ 26 नवम्बर।*

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव-प्रभारी उ0प्र0 श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज कृषि कानूनों का विरेाध कर रहे किसानों पर बर्बरतापूर्वक वाटर कैनन चलाने वाली भाजपा सरकार की निन्दा करते हुए भाजपा को किसान विरोधी करार दिया है। उन्होने ट्वीट कर कहा कि- ‘‘किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून के विरोध में किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है। किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं।’’

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि अन्नदाताओं के खिलाफ लाठी गोली चलाने वाली भाजपा सरकार मेहनतकश समुदाय का दर्द क्या जाने। कोरोना काल मे जहाँ अडानी अम्बानी की आय 150 गुना बढ़ी तो वहीं योगी सरकार में गन्ने के मूल्यों में कोई भी बढ़ोतरी नही हुई है जबकि उनकी उत्पादन लागत बिजली, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल आदि की वजह से बढ़ी है। किसानों को गन्ने का पिछला भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकारों के एजेंडे में किसान मजदूर कभी था ही नहीं। किसानों का कर्ज माफ करने और बिजली मूल्य माफ करने का वादा किया था। नये कृषि कानून जो बनाये गये हैं वह सब किसानेां के हितों पर कुठाराघात है जिसके चलते किसान आन्दोलन करने के लिए विवश हुए हैं।

श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भाजपा सरकार जब सत्ता में आयी थी तो उसने ऐलान किया था कि गन्ना किसानों का भुगतान 14 दिनों में कर देंगे। भुगतान में मेरी होने पर उन्हें ब्याजसहित भुगतान किया जायेगा। लेकिन आज साढ़े तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी योगी सरकार ने गन्ना किसानों का पूरा भुगतान नहीं किया है। आज जब गन्ना किसानों का लागत राशि पहले के मुकाबले दुगुना बढ़ गयी है उसका पिछला बकाये का भुगतान नहीं हुआ है। किसान कर्ज लेकर खेती करने के लिए विवश है और कर्ज के मकड़जाल में फंसता जा रहा है।

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष ने कहा कि नये कृषि कानून में एमएससी को खत्म किये जाने से बिचैलिये और कालाबाजारी करने वालों के पौ बारह हैं। आवश्यक खाद्य वस्तुएं जैसे आलू, प्याज, तिलहन, दलहन के दाम आसमान छू रहे हैं इन बढ़ी हुई कीमतों के चलते आज आम जनता में हाहाकार मचा है। कोरोना की वजह से लाखों लोग अपनी नौकरी और रोजगार खो चुके हैं। जो रोजगार में हैं उनके वेतन में कटौतियां हो रही हैं। ऐसे में आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी कीमतें लोगों की जेबों पर डाका डाल रही हैं। आज अन्नदाता किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग हर तबका इस बढ़ती मंहगाई से पीड़ित है।

श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि एक तरफ जहां अन्नदाता किसान भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी नीतियों के चलते आर्थिक तंगी का शिकार है और आत्महत्या कर रहा है वहीं दूसरी तरफ जहां भाजपा सरकारों के एजेण्डे में किसान को कोई प्राथमिकता नहीं है वहीं भाजपा सरकार पूंजीपतियों को रेवड़ी बांट रही है। आज जिस प्रकार अन्नदाता किसानों पर बर्बर जुल्म भाजपा सरकार द्वारा किया गया है यह किसानों के लिए काले दिन के रूप में याद किया जायेगा। किसानों की पीठ पर पड़ी हर लाठी और पानी की बौछार भारतीय जनता पार्टी सरकार की ताबूत में अंतिम कील ठोंकने का काम करेगी।