शहीद स्थल पर कार्य बंद होने पर गेट पर बैठ काग्रेंसियो ने दिया धरनाउपजिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

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शहीद स्थल पर कार्य बंद होने पर गेट पर बैठ काग्रेंसियो ने दिया धरना
* उपजिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन



नौपेड़वा(जौनपुर) धनियाँमऊ शहीद स्थल पर रविवार को काम बंद होने पर काग्रेंसियो ने गेट पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुँचे उपजिलाधिकारी बदलापुर ने पहुँच धरनारत लोगों से बात की। काग्रेंसियो ने एसडीएम को मांगो के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। मौके पर बक्शा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष व शहीद जमीदार सिंह के प्रपौत्र डॉ. प्रभात विक्रम सिंह ने कहा की बीते शनिवार को बदलापुर विधायक रमेशचन्द मिश्र का कृत्य निंदनीय है। आज शहीद स्मारक का काम भी रुक जाने से हम कांग्रेसी क्षुब्ध है। कार्य बंद होने से नाराज कांग्रेसी एवं क्षेत्रवासी मौके पर गेट पर ही धरने पर बैठ गए है। लोगों की मांग रही कि तत्काल प्रवेश द्वार का निर्माण शुरू करवाया जाए। डॉ. प्रभात ने कहा की शहीदों का अपमान करने के लिए विधायक तत्काल इस्तीफा दे। जी के स्तीफा दिया जाए। सूचना पर बदलापुर इंसपेक्टर ने पहुँच उपजिलाधिकारी से बात की। पहुँचे एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद धरना का समापन हुआ। इस मौके पर काग्रेंस जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज, बबलू गुप्ता, दीपक भट्ट, सुरेंद्र शर्मा, सूरज सिंह, राजेन्द्र यादव, अतुल सिंह सहित दर्जनों लोग मौजूद रहें।

जौनपुर। जनपद के विधानसभा बदलापुर क्षेत्र स्थित बलुआ मिरसादपुर में शहीद स्थल के सुन्दरी करण कार्य के उदघाटन एवं गेट के शिलान्यास कार्यक्रम में #भाजपाई_विधायक के बवाल से आक्रोशित जनता ने कहा विधायक ने शहीदों का अपमान किया अपने नाम के लिए @myogiaditynath @dmjaunpur

जौनपुर। जनपद के विधानसभा बदलापुर क्षेत्र स्थित बलुआ मिरसादपुर में शहीद स्थल के सुन्दरी करण कार्य के उदघाटन एवं गेट के शिलान्यास को लेकर विधायक बदलापुर रमेश चन्द मिश्रा एवं जिलाधिकारी डी के सिंह के बीच टकराव का मामला अब तूल पकड़ने के साथ उच्च स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। साथ ही अब इस मामले में कानून दांव पेंच का भी खेल शुरू हो गया है। जन प्रतिनिधि और सरकारी मशीनरी के बीच इस जंग में किसकी विजय होगी यह तो शासन में बैठे लोगों के उपर निर्भर करता है। लेकिन इतना तो तय है कि इस जंग का असर जनपद के विकास योजनाओं पर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।


इस संदर्भ में जेपी सिंह प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश संसदीय शिष्टाचार/पत्राचार अनुभाग द्वारा दिनांक 21अक्टूबर 20 को पत्रांक संख्या 1255 से जारी पत्र के जरिये केन्द्र सरकार से जारी गाइडलाइन 1 सितम्बर 11 का हवाला देते हुए शासनादेश सं.1/2020/जी आई 18/90 सं.शि.प.का./2020/02(सं.शि.)2015 – 13.10.20 से कहा गया है कि सरकार की सहायता राशि से कराये जाने वाले विकास कार्यों उदघाटन शिलापट पर जन प्रतिनिधि जैसे सांसद, राज्य सभा सदस्य, विधायक, विधान परिषद सदस्य आदि का नाम लिखा जाना चाहिए। साथ ही जन प्रतिनिधि को सम्मान के साथ आमंत्रित किया जाये और उनके बैठने आदि व्यवस्था सम्मान जनक हो।

पत्र और शासनादेश के क्रम में निर्देश सभी विभागों के प्रमुख सचिव, मण्डलायुक्त और जिलाधिकारीयों को भेजा गया है। ताकि आदेश और शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। शासन से जारी शासनादेश के बावजूद यहाँ पर बदलापुर विधानसभा क्षेत्र के बलुआ मिरसादपुर में शहीद स्थल के सुन्दरी करण कार्य कराने वाली कारदायी संस्था ने बदलापुर विधानसभा के विधायक को आमंत्रित करने के बजाय जिलाधिकारी को खुश करने के लिए उनके नाम का उदघाटन शिलापट बनवा दिया और उद्घाटन कराने की तैयारी में थे। लेकिन इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम की खबर विधायक को लगी तो वह शहीद स्थल पर धमक पड़े और खण्ड विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाया और उद्घाटन रोक दिया। इस घटना की खबर लगते ही जिलाधिकारी शहीद स्थल बलुआ नहीं गये। लेकिन विधायक के प्रति नाराजगी दिखी थी।



शहीद स्थल के उदघाटन का मामला यहीं पर शान्त नहीं हुआ बल्कि जिले की सुर्खियों में रहने के साथ ही प्रदेश की राजधानी उच्चाधिकारियों एवं सत्ता के शीर्ष पर आसीन सीएम के दरबार तक पहुँच गया है। जिले में हर एक नागरिक इस मामले के परिणाम पर टकटकी लगाये हुए हैं कि प्रशासन और जन प्रतिनिधि की इस जंग में किसकी जीत होती है।

हलांकि शासनादेश जन प्रतिनिधि के पक्ष में जाता है।

लेकिन जनता ने भी अपने जनादेश द्वारा चुने गए इस सेवक के खिलाफ एक लाइन में फैसला सुना दिया

लोगों ने कहा ” विधायक ने अपना नाम शिलापट्ट पर लिखवाने के लिए अमर शहीदों का अपमान किया है । हम शहीदों के अपमान का समय आने पर बदला लेकर बदलापुर का सेवक बदल देंगे

हालांकि ध्यान योग्य बात ये है जिलाधिकारी दिनेश सिंह की छवि जनता में एक कर्मठ समर्पित ईमानदार और दयावान शासकीय अधिकारी की है । क्षेत्र की जनता की चाहत थी कि जिलाधिकारी जी आकर अपने कर कमलों से भूमिपूजन सम्पन्न करें

जौनपुर- शहीदों के सम्मान में रखे गये कार्यक्रम में भाजपा विधायक ने किया हंगामा, रद्द हुआ शिलान्यास कार्यक्रम @dmjaunpur की पहल पर हो रहा था शहीदों का सम्मान कार्यक्रम ,जनता में भारी रोष @myogiaditynath

*जौनपुर- शहीदों के सम्मान में रखे गये कार्यक्रम में भाजपा विधायक ने किया हंगामा,*


जौनपुर। सन् 1942 के स्वतंत्रा आन्दोलन में अपने प्राणो की आहूती देने वाले शहीदो के सम्मान में स्थापित किये गये शहीद स्मारक प्रवेश द्वार के शिलान्यास कार्यक्रम में बदलापुर के भाजपा विधायक रमेश मिश्रा ने जमकर उत्पात मचाया। उन्होने अधिकारियों से अभ्रदता करते हुए पूजन स्थल पर श्रध्दालुओ व अन्य आमंत्रित लोगो के बैठने के लिए विछाए गये गद्दे को अपने पैरो से रौद डाला। विधायक के इस तेवर से वहां पर मौजूद लोग दहल गये। विधायक की इस कारस्तानी के चलते शिलान्यास कार्यक्रम नही हो सका। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर स्थित जौनपुर जिले बक्शा थाना क्षेत्र के धनियांमऊ में सन् 16 अगस्त 1942 को आजादी के आन्दोलन में प्राणो की आहूति देने वाले शहीदो के सम्मान में एक स्मारक बना हुआ है, इस स्मारक स्थल का सौन्दरीकरण के लिए जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने पहल किया। आज डीएम दिनेश कुमार सिंह ने इस कार्य का शिलान्यास करने का कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम के लिए बीडीओ बक्शा समेत अन्य अधिकारी कर्मचारी तैयारी पूरी करके जिलाधिकारी का इंतजार कर रहे थे,शहीदो के परिजन समेत स्थानीय नागरिक भी पहुंच चुके थे। इसी बीच स्थानीय विधायक रमेश मिश्रा लावलश्कर के साथ मौके पर पहुंचकर वहां पर मौजूद लोगो से पूछा, यहां आज क्या कार्यक्रम है, उसके बाद कड़े लहजे में पूछा बीडीओ कहा है, बीडीओ सामने आये तो उनसे तेज आवाज में कहा कि पत्थर कहा है इसी बीच तमतमाएं विधायक जी शिलान्याश के लिए बनाये गये हवन पूजन स्थल पर पहुंचकर वहां पर बिछे गद्दे को पैरो से फेकना शुरू कर दिया।विधायक के इस तेवर को देखते हुए वहां पर मौजूद अधिकारी व जनता दहल गयी। विधायक के इस कृत्य से स्थानीय जनता में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

12 हजार पेड़ उखाड़ कर पर्यावरण संरक्षण मना रहा है कृषि विश्वविद्यालय बाँदा ।

12 हजार पेड़ उखाड़ कर पर्यावरण संरक्षण मना रहा है कृषि विश्वविद्यालय बाँदा ।




बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने दिनांक 21:12: 20 को पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम मनाया जिसके मुख्य अतिथि पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक राकेश जैन थे ।श्री जैन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 33% वनों की आवश्यकता पर बल दिया लेकिन शायद उन्हें विश्वविद्यालय के कुलपति के काले कारनामों की जानकारी नहीं थी । इस कार्यक्रम की महत्ता को एक कहावत चरितार्थ करती है कि *दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं* । विश्वविद्यालय द्वारा परिसर में वृक्षों को नष्ट करने के मामले में कुलपति अभी जांच के दायरे में है लेकिन *सैंया भए कोतवाल तो फिर डर काहे का* दिनांक 7 जुलाई सन 2016 को निवर्तमान कुलपति ने विश्वविद्यालय के अंदर हरित पट्टी में वन विभाग के सहयोग से 12 हजार पेड़ लगवाए गए थे तत्कालीन सरकार के निर्देशों के अनुरूप विशंभर प्रसाद निषाद सांसद राज्यसभा सहित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया था शासन की तरफ से इस कार्यक्रम में बांदा चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त वेंकटेश्वरलू सहित वन विभाग व जिले के अन्य विभागों के अधिकारियों व विश्वविद्यालय के निदेशक और शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी जी जान लगाई थी । जिस पर तत्कालीन सरकार के मुखिया अखिलेश यादव ने 1 दिन में पूरे उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ वृक्ष लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था । इस विश्वविद्यालय में उन वृक्षों के देखभाल के कार्य व इसमें होने वाले तमाम खर्चों को वन विभाग ने वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक वहन किया था । विश्वविद्यालय अपने इस बंजर जमीन को ठीक करने के लिए अपने अन्य स्रोतों से जुलाई 2017 एवं जुलाई 2018 में भी वृक्ष लगवाए थे तथा उन वृक्षों का संवेदनशीलता से संरक्षण करता रहा । विश्वविद्यालय में सत्ता बदलते ही वृक्षों का भाग्य भी बदला।वर्तमान कुलपति डॉ यू एस गौतम ने कुलाधिपति व महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सूचना भेजी कि सन 2019में विश्वविद्यालय ने 19 हजार विभिन्न किस्म के पौधे विश्वविद्यालय में लगवाए लेकिन शासन तो आंकड़ों के खेल में मस्त रहा l लेकिन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गौतम ने शासन को अपने भयंकर दुष्चक्र की सूचना नहीं दी कुलपति द्वारा निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकार में लगवाए गए 12 हजार पौधों को जेसीबी से उखाड़ कर फिंकवा दिया जब यह खबर अखबारों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उजागर हुई तो वन विभाग ने उन पौधों को ढूंढना और गिनती करना शुरू कर दिया । वन विभाग को अब तक बमुश्किल हजार पौधे भी जो सपा सरकार में लगवाए गए थे वह खोजें नहीं मिल रहे लेकिन आश्चर्य की बात है कि वन विभाग को कुलपति के खिलाफ लिखने और बोलने की हिम्मत कहां । कहते हैं कि *समरथ को नहिं दोष गुसाईं* यानी समर्थ को दोष नहीं लगता वह चाहे जितने ही अवगुण करें पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर विश्वविद्यालय की स्थिति बहुत ही रोचक है । विश्वविद्यालय में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों का अक्सर भ्रमण होता है और उन्हें खुश करने के लिए हर बार वृक्ष लगवाए जाते हैं लेकिन जब विश्वविद्यालय अपने ही कबीना मंत्री सूर्य प्रताप शाही जी के द्वारा लगाए गए वृक्षों को ही नहीं बचा पाए तो और लोगों के द्वारा लगाए गए पेड़ किस खेत की मूली है । अभी पिछले दिनों भ्रमण पर आए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा 3 जुलाई 2020 को विश्वविद्यालय के अंदर पेड़ लगाया गया था जो नष्ट हो चुका है । यदि 2016 से अब तक लगाए गए वृक्षों की संख्या की जानकारी देखें तो उसके आधार पर अब तो विश्वविद्यालय में वृक्ष लगाने की जगह ही नहीं बचनी चाहिए । लेकिन वानिकी विभाग के विशेषज्ञों के पास तो *चिराग तले अंधेरा है* केवल आंकड़ों के लिए कुलपति द्वारा खबरें छपवा कर विश्वविद्यालय का भला नहीं हो सकता उसके लिए तो धरातल में उतर कर ही कुछ करना पड़ेगा ।स्वयं की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए कृषि उपयोगी संगोष्ठी और कार्यक्रम करना आवश्यक है ।

वंचित तबके के बीच कोरोना के बचाव को लेकर जागरूकता मुहीम चलाएगा रजत सिनर्जी फाउंडेशन: रजत पाठक. आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

कोविड19 काल के दौरान चेंज मेकर बना रजत सिनर्जी फाउंडेशन

मेंसुरेशन हाइजीन के तहत 34 हज़ार से अधिक महिलाओं, बालिकाओं को सेनेटरी पैड का वितरण, पर्सनल हाइजीन के लिए किया जागरूक: रजत पाठक


वंचित तबके के बीच कोरोना के बचाव को लेकर जागरूकता मुहीम चलाएगा रजत सिनर्जी फाउंडेशन: रजत पाठक
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

लखनऊ,25 दिसंबर 2020। वैश्विक महामारी कोविड19 काल के दौरान एक ओर जहां अस्थिरता का दौर शुरू हो गया और लोग निराशा की दिशा में बढ़ चलें, वही अग्रणी सामाजिक संस्था रजत सिनर्जी फाउंडेशन अपने सेवा, सहयोग, समपर्ण के माध्यम से विविध सामाजिक बदलाव की दिशा में अग्रसर रहा और चेंज मेकर बनकर उभरा।

वर्ष 2020 की शुरूवात कोरोना संक्रमण की दस्तक के साथ शुरू हुई और मार्च के अंतिम सप्ताह में पूरा देश थम गया। ऐसे मुश्किल हालात में भी फाउंडेशन अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का पालन करने में निरन्तर जुटा रहा और लाक डाउन के दौरान भय का ऐसा माहौल बन गया कि लोगों का मनोबल गिरने लगा है, जिसका असर लोगों की प्रतिरोधक क्षमता एवं आजीविका पर भी पड़ा। ऐसे में देश के 100 प्रभुत्व जनां ने 25 भारतीय भाषाओं में करोना से बचाव के उपाय समझाते हुये अपने वीडियो संदेश रजत सिनर्जी फाउंडेशन को भेंजा। जिसे फाउंडेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म द्वारा क्राउड सोर्सिंग का सफल प्रयोग करते हुए निरंतर प्रसारित कर दो मीलियन से अधिक लोगों जागरूक किया, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा गया। सूच्य हो कि रजत सिनर्जी फाउंडेशन सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से सीधे तौर पर दो मीलियन लोगों से जुड़ा है।
साथ ही सौ से अधिक परिवारों को संक्रमणसे बचाव के लिए उनके घरों का नियमित साप्ताहिक सेनेटाइजेश कराया गया।


मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ के आह्वान व उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान प्रभावित होकर फाउंडेशन ने अपनी मुहिम ‘‘काशी के सिपाही’’ को आगे बढ़ाते हुए महिला सेवा केन्द्रित ‘‘काशी के सिपाही’’ मुहिम जो वाराणसी जनपद में अब तक की सबसे बड़ी एवं महत्वाकांक्षी मुहिम है। जिसके तहत मेंसुरेशन हाईजीन के लिए कार्य करते हुए इस मुहिम का लाभ निर्धारित लक्ष्य 30हजार महिलाओं से अधिक लगभग 34हजार तक पहुंचाया जा चुका है। साथ ही सराय डांगरी क्षेत्र की 200 से अधिक आदिवासी एवं मलिन महिलाओं में कम्बल वितरित किया गया।

रजत सिनर्जी फाउंडेशन ने चेंज मेकर बनकर अर्थ दण्ड के बदले सजा काट रहे कैदियों को रिहा कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की शुरूवात की। जिला कारागार में महज हजार रूपये के अर्थ दण्ड के बदले सजा काट रहे छः कैदियों कैदियों के इस आश्वासन के साथ कि वो ईमानदारी और मेहनत के साथ अपनी नई पहचान बनाएगें और शुरू हुई एक मुहिम और कारवां बनता गया। देश के कई अन्य शहरों से स्वयंसेवी संस्थाएं, लीगल फर्म व एडवोकेट्स ने सहयोग के लिये कदम बढ़ाया और इस मुहिम का हिस्सा बनकर मुहिम को बल प्रदान किया।

भाजपाइयों ने अपने-अपने बूथों में अपने प्रिय नेता अटल जी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया।

बांदा 26 दिसंबर
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाते हुए 26 व 27 दिसंबर को प्रत्येक बूथ में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के अंतर्गत आज भाजपाइयों ने अपने-अपने बूथों में अपने प्रिय नेता अटल जी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया।


पंडित दीनदयाल धाम जिला भाजपा कार्यालय बांदा दक्षिणी मंडल अंतर्गत बूथ नंबर 82 में जिला अध्यक्ष रामकेश निषाद के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अटल जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष निषाद ने इस अवसर पर कहा कि अटल जी के विचारों और देश की प्रगति के लिए उनका समर्पण हमें सदैव राष्ट्र सेवा के लिए शक्ति देता रहेगा। विचारधारा, सिद्धांतों पर आधारित राजनीति एवं राष्ट्र समर्पित जीवन के साथ राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाने का स्वप्न लेकर राष्ट्र विकास, गरीब कल्याण और सुशासन के युग की शुरुआत करने वाले भारत रत्न अटल जी को आज पूरा राष्ट्र नमन कर रहा है। अटल जी की कर्तव्यनिष्ठा व राष्ट्र सेवा हम सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणा का केंद्र रहेगी। हम सबके प्रिय अटल जी करोड़ो कार्यकर्ताओं के दिलों में दिए की लौ की तरह विद्यमान है।
इस अवसर पर जिला महामंत्री संजय सिंह, कालू सिंह राजपूत, जिला उपाध्यक्ष कमलेश अवस्थी, बूथ अध्यक्ष मनोज धुरिया, सेक्टर संयोजक विष्णु, विवेक त्रिपाठी तथा बुद्ध राज सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कंहा गुम हो गए ओ दिनआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

कंहा गुम हो गए ओ दिन
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
बांदा एक समय था जब गाँवो में लोग सर्दियों के मौसम में अलाव (कौड़ा) में बैठकर किस्से-कहानियों का दौर चला करता था, पहले इतनी आधुनिकता नही थी ,


पहले मोबाइल, टीवी नहीं था, तब इन अलावों (कौड़ा) के आसपास खूब भीड़ रहती थी, अब तो सब रजाई में बैठकर फोन चलाते रहते हैं, किसको फुर्सत है कहानी सुनने की।आज से पांच छह साल पहले जबतक मोबाईल जैसे उपकरणों की भरमार नहीं थी तब ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी के मौसम में ये अलाव (कौड़ा) ही मनोरंजन का माध्यम होते थे। इन अलाव पर ठंड से बचने के साथ-साथ कभी किस्से-कहानियां तो कभी लोक संगीत और आल्हा होते। लड़ाई-झगड़े भी यहीं निपटते और एक दूसरे की मदद भी होती। ग्रामीण फसलों की चर्चा के साथ भुने आलू और शकरकंद का लुत्फ भी उठाते थे। “छह सात साल से अलाव पर किस्से कहने का सिलसिला न के बराबर बचा है। अलाव सिर्फ ठंड से नहीं बचाता था, ये मनोरंजन का भी एक माध्यम था। यहां पर पूरे मोहल्ले के गिले शिकवे मिट जाते थे । अब तो यह नजारा न के बराबर है ,
आपको बता दें हमारे देश के गांवो में अलाव(कौड़ा) वो ठिकाना होता है जिसे लोग सर्दी के मौसम में जलाते हैं। सीमित संसाधनों के बीच जीवन गुजार रहे लोगों के लिए ठंड से बचने का अलाव ही एक जरिया होता है। पर पिछले कुछ सालों में बढ़ते आधुनिकीकरण की वजह से नुक्कड़ पर जलने वाले अलाव अब दरवाजों तक सीमित हो गये हैं। अगर किसी के घर में फसल आने से पहले अनाज खत्म हो गया तो उसे खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, अलाव पर ही बातचीत में कोई न कोई उनकी मदद के लिए तैयार हो जाता था। अब गांवों में भी पहले जैसा भाईचारा नहीं बचा है।
‘ये भारत के अन्नदाता ये कैसी बेहाली रे, सारा जग का पेट भरे तू तेरी झोली खाली रे’…

अलाव पर बैठे दादा जी ने खेती-किसानी से जुड़े ऐसे कई कई बाते बताई, गाँवो में अलाव का महत्व भी बताया कि सेहत के रखरखाव का पारंपरिक त्यौहार है मकर संक्रांति अभी भी ग्रामीण इलाको में लोग अलाव तापते हैं लेकिन पहले जैसी भीड़ नहीं रहती अपने देश में अलाव की धार्मिक मान्यताएं भी हैं। जैसे ओडिशा में अलाव जलाकर अग्नि पूर्णिमा त्योहार मनाया जाता है जो माघ पूर्णिमा के दौरान फरवरी महीने के बीच में पड़ती है। मकर संक्रान्ति से एक दिन पहले सिख समुदाय के लोग लोहड़ी मनाते हैं। पंजाब और हरियाणा जैसे प्रदेश में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, इसमें भी अलाव ही जलाये जाते हैं। लोग सूखी लकड़ियों को इकट्ठा करके पिरामिड तैयार करते हैं फिर इसकी पूजा होती है। इस अलाव में तिल के दाने के साथ मिठाई, गन्ना, चावल और फल भी डाले जाते हैं। इसके बाद लोग ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा करते हैं।

#Lucknow आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ लंबित विभागीय जांचों को 18 जनवरी तक पूरा करने के निर्देश :- (CAT) @igrangevaranasi @jaunpurpolice @amitabhthakur

लखनऊ: केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ लंबित विभागीय जांचों को 18 जनवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायिक सदस्य मंजुला दास तथा प्रशासनिक सदस्य ए मुखोपाध्याय की बेंच ने दिया।

आईपीएस अमिताभ ठाकुर photo:- social media



कैट ने कहा कि इससे पहले पिछली 28 जनवरी को भी प्रतिवादी को 15 फ़रवरी तक जाँच पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश के बाद मामले में कई बार सुनवाई हुई लेकिन प्रतिवादी द्वारा अब तक कैट के आदेशों का पालन नहीं किया गया है। कैट ने कहा कि अवस्थी एक माह में कैट के आदेशों का अनुपालन किये जाने विषयक आख्या कैट के सामने प्रस्तुत करें अन्यथा उन्हें सुनवाई की अगली तिथि 18 जनवरी को कैट के सामने उपस्थित होना पड़ेगा।

कैट ने 11 मार्च 2019 को अमिताभ के खिलाफ लंबित चार जांचों को तीन माह में समाप्त करने का आदेश दिया था जिसके बाद अवस्थी के खिलाफ अवमानना नोटिस निर्गत किया गया। अमिताभ के खिलाफ पहली जाँच 13 जुलाई 2015 को शुरू हुई थी तथा शेष तीन जांचें जुलाई 2015 से अगस्त 2016 में शुरू हुईं। अमिताभ द्वारा बार-बार अनुरोध के बाद भी ये सभी जांच अभी तक लंबित हैं।

जौनपुर/ केराकत सडक़ किनारे बीमार गाय को देख पसीजा कोतवाल विनय प्रकाश सिंह का दिल, खुद खड़े रहकर कराया इलाज। @uppolice @igrangevaranasi @jaunpurpolice @jaunpur1234

*सडक़ किनारे बीमार गाय को देख पसीजा कोतवाल का दिल, खुद खड़े रहकर कराया इलाज*

जौनपुर केराकत। पशु-पक्षी भी मानव जीवन में काफी अहमियत रखते हैं। उनका पालन-पोषण मनुष्य द्वारा ही किया जाता है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो पालतु मवेशियों को पाल तो लेते हैं लेकिन कई बार बीमार पडऩे की हालत में उनकी सुध नहीं लेते। ऐसे लोगों की मानवता (Huminity) मर चुकी होती है। वहीं कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो पशु-पक्षी से काफी स्नेह करते हैं। उन्हें यदि चोट लग जाती है या बीमार पड़ जाते हैं तो वे उनके स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग होते हैं।

केराकत कोतवाली के कोतवाल विनय प्रकाश सिंह ने मानवता की बड़ी मिसाल पेश की है। प्रतिदिन की भांति जब वह थाने से निकल कर क्षेत्र भ्रमण के लिए निकले तो थाना परिसर के समीप सडक़ किनारे घायल अवस्था में एक गाय को देखा, जो काफी बीमार भी दिख रही थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाकर मौके पर खुद १ घंटे तक खड़े होकर बीमार गाय का इलाज कराया। इसके बाद अपने सहकर्मियो को गाय के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित इलाज और देखरेख के लिए भी निर्देशित किया।

#मुम्बई समरस फाउंडेशन ने महापौर पुरस्कृत सुभाष यादव का किया अभिनंदनरिपोर्ट: रवि यादव.

समरस फाउंडेशन ने महापौर पुरस्कृत सुभाष यादव का किया अभिनंदन
रिपोर्ट रवि यादव.


मुंबई: महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन कार्यालय में आज, 21 दिसंबर को महापौर पुरस्कार से सम्मानित संस्था सदस्य श्री सुभाष चंद्रिका प्रसाद यादव का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के संरक्षक श्री केदार ठाकुर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने पर, दायित्व और बढ़ जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुभाष यादव समर्पित भावना के साथ मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को प्रभावशाली शिक्षा देने का काम करते रहेंगे। इस अवसर पर समरस फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. किशोर सिंह, महासचिव शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, विशेष सलाहकार मुख्याध्यापक सुरेंद्र पांडे, विशेष सलाहकार वरिष्ठ पत्रकार राजेश उपाध्याय समाजसेवी डॉ रईस खान तथा संस्था के विशेष सलाहकार ब्रजेश यादव उपस्थित रहे।