ब्राईट फ्यूचर द्वारा पत्रकार और फोटोग्राफरों को राशन किट का वितरण

ब्राईट फ्यूचर द्वारा पत्रकार और फोटोग्राफरों को राशन किट का वितरण



छात्रों को कौशल्य का प्रशिक्षण देकर स्वयं के पैरों पर खड़े करनेवाली ब्राईट फ्यूचर संस्था ने मिशन राहत द्वारा कुर्ला पूर्व नेहरूनगर स्थित संस्था के कार्यालय में पत्रकार और फोटोग्राफरों को राशन किट मुफ्त में वितरित की।

इस कार्यक्रम को उपस्थित रहे मुख्य अतिथी आरटीआई कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार अनिल गलगली ने मुंबई मराठी पत्रकार संघ, हिंदी पत्रकार संघ, मुंबई प्रेस क्लब और मुंबई उपनगर पत्रकार संघ की ओर से आयोजक ब्राईट फ्यूचर से संस्था का आभार माना। कोरोना काल में पत्रकार और फोटोग्राफरों ने जान की बाजी लगाकर आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने का काम किया। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसे लोगों को कोरोना योद्धा के तौर पर स्वीकृति सरकार नहीं दे रही हैं। ऐसी परिस्थिति में ब्राईट फ्यूचर जैसी संस्था पहल करने पर गलगली ने संस्था को बधाई दी।

वर्तमान में ब्राईट फ्यूचर मुख्य किशोर पालवे के मार्गदर्शन में मिशन राहत अंतर्गत 57 हजार नागरिकों को मदद मिल चुकी हैं। कोरोना काल में 2 हजार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया हैं। इस कार्यक्रम में ब्राईट फ्यूचर संस्था की ओर से तविता फर्नांडिस, प्राची मुक्तीबोध, हेमंत दांडू, किरण जगताप, मर्जी के मंगेश सोनवणे और संतोष वाघमारे उपस्थित थे।

जौनपुर: टीडी कालेज की 125 दुकानों में लगा ताला, सैकड़ो लोग एक दिन में हो गए बेरोजगार, बेरोजगार हुए दुकानदार परिवार के आंखों से नहीं रुक रहे आंसू, @myogioffice @pmoindia @myogiadityanath @dmjaunpur @jaunpurpolice

जौनपुर: टीडी कालेज की 125 दुकानों में लगा ताला,
सैकड़ो लोग एक दिन में हो गए बेरोजगार,
बेरोजगार हुए दुकानदार परिवार के आंखों से नहीं रुक रहे आंसू,
जौनपुर। टीडी इण्टर और डिग्री कालेज की जमीनों पर खुले 125 दुकानों पर आज ताला लग गया। अचानक हुए इस आदेश से सैकड़ो लोगो के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। कालेज प्रशासन ने यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर की है। दुकानदार आंखो में खून की आशू लिए अपने अपने समान निकालकर दुकान की चाभी कालेज प्रशासन को सौपना शुरू कर दिया है।
पूर्वाचंल के प्रतिष्ठित कालेजो में शुमार टीडी इण्टर कालेज करीब 40 वर्ष पूर्व मेन रोड पर 38 दुकाने बनवाकर दुकानदारो को किराये पर दिया था। इससे आय होने वाले पैसे से कालेज के विकास होता था। इण्टर कालेज की तर्ज पर डिग्री कालेज ने भी अपनी खाली पड़ी जमीनों पर 87 दुकाने बनवाकर भाड़े पर उठा दिया।
इन दुकानदार कापी किताब, स्टूडियों, रेस्टोरेंट, किराना समेत आदि दुकाने खोलकर अपनी रोजी रोटी चलाते थे।
करीब दो वर्ष पूर्व दीपेन्द्र विक्रम सिंह नाम एक व्यक्ति इन दुकानों को अवैध होने का दावा करते हुए डीएम, डीआईओए समेत अन्य सम्बधित अधिकारियों से दुकाने बंद कराने का निवेदन किया। अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने से दीपेन्द्र ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने डीएम को दुकानों को बंद कराने का आदेश दिया था,
कोर्ट के आदेश के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नही किया तो दीपेन्द्र विक्रम सिंह ने डीएम को सीधे पार्टी बनाते हुए होई कोर्ट में पुनः रिट कर दिया। होईकोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए कड़ा रूख अखितियार करते हुए तत्काल आदेश का पालने करने आदेश दिया। यह आदेश मिलते ही डीएम ने 22 जुलाई को कालेज प्रशासन पर सख्ती दिखाते हुए दो दिन भीतर सभी दुकाने बंद कराने का आदेश दिया, तय समय में दुकान खाली न होने की दशा में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दिया। जिला प्रशासन का आदेश मिलने के बाद आज कालेज प्रशासन सभी दुकानदारों को दुकान खाली करने का आदेश दिया। नोटिस मिलते ही दुकानदार अपने अपने सामान निकलकर दुकान खाली करना शुरू कर दिया है।

NEET में ओबीसी आरक्षण ना लागू करने के खिलाफ @mandalarmy_ की दहाड़ । दमनकारी सरकार ने ली कोरोना की आड़ । मंडल आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को किया गिरफ्तार। #ReleaseMandalArmyChief

यूपी पुलिस ने मंडल आर्मी अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह विद्रोही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मैनपुरी पुलिस ने अनिरुद्ध के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है। अनिरुद्ध ने NEET में ओबीसी आरक्षण ना लागू करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरने का एलान कर रखा था।

वरिष्ठ पत्रकार सुमित चौहान जी ने भी गिरफ्तारी कि कड़े शब्दों में निंदा की कहा

धरना अभी हुआ नहीं, दिल्ली पुलिस से लिखित में इजाज़त माँगी गई। आप मना कर देते, फिर भी धरना करते तो गिरफ़्तार कर लेते लेकिन धरने की इजाज़त माँगने भर पे गिरफ़्तार कर लिया। इतनी बेशर्मी कहाँ से लाते हो भाई? ओबीसी से इतनी नफ़रत क्यों?
#ReleaseMandalArmyChief


https://twitter.com/Sumitchauhaan/status/1416469766798069767?s=19



अनिरुद्ध की टीम ने ट्विटर पर दी जानकारी

अनिरुद्ध की टीम की ओर से एक ट्वीट कर गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। ट्वीट में लिखा गया है ‘साथियों मेरा ट्विटर एकाउंट मेरे मित्र द्वारा चलाया जा रहा है ! मुझे @MandalArmyChief को मैनपुरी प्रशासन ने आज 6:20 pm पे जेल भेज दिया है , 19जुलाई 2021 को #सुप्रीम_कोर्ट के सामने शांतिपूर्ण धरने के सिलसिले मैं ! शुक्रिया‘


दिल्ली पुलिस के कहने पर हुई कार्रवाई



मैनपुरी पुलिस की ओर से ये बताया गया है कि अनिरुद्ध के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई दिल्ली पुलिस के कहने पर की गई है क्योंकि उन्होंने 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरने का एलान कर रखा था। मैनपुरी पुलिस ने अपने ट्वीट में लिखा ‘कोविड- 19 के प्रकोप के दृष्टिगत, बिना पूर्व अनुमति के, समस्त धरना प्रदर्शन प्रतिबंधित है । दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर मा० उच्चतम न्यायालय पर धरने की रोक हेतु निरोधात्मक कार्यवाही की गयी है।’

दिल्ली मंडल आर्मी ने भी गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बगावती तेवर दिखाए। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ओमकार यादव जी ने कहा

ReleaseAniruddhSinghVidrohi

“दरिया अब तेरी खैर नही बूंदों ने बगावत कर दी है,
नादां न समझ बुजदिल इनको लहरों ने बगावत कर दी है!
हम परवाने हैं मौत समां मरने का किसको खौफ यहां, ऐ तलवार तुझे झुकना होगा गर्दन ने बगावत कर दी है
@Profdilipmandal
@nitinmeshram_
@DrJaihind
@ratanlal72

https://twitter.com/OmkarAap/status/1416433642235043840?s=19


पुलिस की कार्रवाई का हो रहा है विरोध

सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकील नितिन मेश्राम ने लिखा ‘सब कुच्छ चल सकता है. मोदी हज़ारों की रैली कर सकता है. सिर्फ़ ओबीसी के अधिकारों के लिए आंदोलन नहीं किया जा सकता. @MandalArmyChief मेडिकल के ऑल इंडिया कोटा में ओबीसी आरक्षण के लिए आंदोलन की अनुमति माँग रहें थे. मोदी की पुलिस/युपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. #ReleaseMandalArmyChief‘


मोदी सरकार ने दमन की कार्रवाई शुरू की – दिलीप मंडल

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सी मंडल ने भी मैनपुरी पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए लिखा ‘NEET में OBC कोटा लागू करने की माँग करने वालों पर भारत सरकार ने दमन की कार्रवाई शुरू कर दी है। @narendramodi हज़ारों लोगों की रैली करें, कुंभ हो, कांवड़ यात्रा हो, सब चलेगा। अधिकारों के लिए आंदोलन मत कीजिए। बहुत ख़ूब।@AmitShah #ReleaseMandalArmyChief‘

शाहगंज सपा वि.स अध्यक्ष ने ली हार की नैतिक जिम्‍मेदारी, इस्‍तीफा दिया, जिलाध्यक्ष ने की लीपापोती

शाहगंज सपा वि.स अध्यक्ष ने ली हार की नैतिक जिम्‍मेदारी, इस्‍तीफा दिया, जिलाध्यक्ष ने की लीपापोती

 जौनपुर। पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी की  शिकस्त के बाद विधानसभा शाहगंज के समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखण्ड प्रताप यादव ने पद से इस्तीफा दे दिया है। अखण्ड प्रताप यादव ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।



उन्होंने जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव को पत्र लिखते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र शाहगंज के अन्तर्गत अधिकांश जिला पंचायत सदस्यों के पद तथा तीनों क्षेत्र पंचायत प्रमुख  के पद पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। जिसकी नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं। जिम्मेदारी लेते हुए मैं विधानसभा के अध्यक्ष पद से त्याग पत्र देता हूँ। लेकिन मैं पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में लगातार पार्टी हित काम करता रहूंगा। अखड़ ने बताया कि उन्होंने चुनाव में पार्टी को आगे ले जाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए कहा कि मैंने अपने पद से नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है। 
वही जिलाध्यक्ष ने लीपापोती करते हुए प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया समाजवादी पार्टी के शाहगंज विधानसभा अध्यक्ष अंखड प्रताप यादव द्वारा किन्हीं अपरिहार कारणों के वजह से विधानसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के वजह से मिथिलेश यादव पुत्र श्री मोतीचन्द्र यादव ग्राम व पोस्ट सुइथा कला को समाजवादी पार्टी का शाहगंज विधानसभा अध्यक्ष नामित किया जाता हैं।

पत्रकारों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों के प्रयोग के संबंध में वरिष्ठ पत्रकार “संपादक सच्ची खबर” श्री आत्माराम त्रिपाठी की रपट पर एसपी बांदा के निर्देश पर IT एक्ट और मानहानि का मुकदमा दर्ज


बांदा जनपद में एक समय ऐसा था जब पत्रकारिता की एक अलग पहचान थी अरूण खरें, संतोष निगम दादा, सुधीर निगम, संतोष गुप्ता, अशोक निगम,बच्चा सिंह, राजकुमार मिश्रा बागी, अवधेश सिंह गौतम मुकुंद गुप्ता, जयनारायण मिश्रा सहित दर्जनों ऐसे और अभी पत्रकार थे जो विवाद रहित पर कलम के धनी थे। जिनके कलम से निकलने वाले शब्द नेताओं अधिकारियों को बिचार करने को बाध्य कर देते थे।पर आज की पत्रकारिता में अंशू गुप्ता एवं देव सिंह जैसे कितने पत्रकार इस लाइन में आ गये है कि पत्रकारिता को शिखर तक पहुंचाने वाले उन कलम के धनी कलमकारों को भी शर्मिंदगी महसूस हो रही होगी जो आज शांत बैठ गए हैं।
हम बात करते हैं आज अंशू गुप्ता एवं देव सिंह की जिन्होंने पत्रकारिता का दामन थामा है और आज इनकी अपराधिक मानसिकता के चलते लेखनी कलमकारों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।
तो चले हम पहले देव सिंह का अपराधिक इतिहास दिखाते हैं इनके बिरूद्ध सर्ब प्रथम 6/8/09को मुअस 94/09धारा 323,504,506केतहत रकीद पुत्र जुबैद निवासी ने मुकदमा पंजीकृत कराया था इसके बाद आनंद मोहन शर्मा बिकास अधिकारी चिल्ला ने मुअस 102/18मे धारा 323,353,504,506के तहत दर्ज करवाया फिर मुअस 63/19धारा 3युपी गुंडा एक्ट 25/3/19को एस एच ओ ब्रजेद्र सिंह ने दर्ज किया यह क्रम यही पे नहीं रूकता आगे मुअस30/21धारा 452,323,504,506के तहत पवन कुमार निगम पुत्र स्वर्गीय रमेश चंद्र निगम की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया जाता है फिर मुअस 56/4धारा501, आईपीसी वह 67आईटी एक्ट के तहत पुलिस अधीक्षक बांदा के आदेश पर साइबेरसेल की जांच रिपोर्ट के बाद थाना चिल्ला में मुकादमा हाल ही में पंजीकृत किया जाता है ।अब बारी आती है इसके साथी अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा थाना जसपुरा जिला बांदा की इनके बिरूद्ध मुअस जिनके बिरूद्ध गुलाब पुत्र कल्लू 6/2/016को थाना जसपुरा में शिकायती पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराये जाने की मांग करते हैं जिसपर मुअस 25/16धारा 323,504,506के तहत मुकदमा दर्ज अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा सहित राजमोहन पुत्र देवीदीन निवासी जसपुरा के किया जाता है वही इसके बाद गंगा दीन प्रजापति पुत्र मइयादीन निवासी कस्बा जसपुरा के प्रार्थना पत्र पर मुअस 26/16धारा 323,504,506के तहत मुकदमा दर्ज होता है जबकी रामकिशोर पुत्र दलपतिया प्रजापति निवासी जसपुरा के शिकायती पत्र पर जसपुरा थाना में मुअस 17/17धारा 323,504,506के तहत मुकदमा पंजीकृत होता हैं 21/3/017को यह क्रम यही नहीं रूकता आगे श्री मती राधा सिंह पत्नी महेंद्र सिंह निवासी गौरी कला थाना जसपुरा जिला बांदा उत्तर प्रदेश निवासी ने इसी अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा के विरुद्ध मुअस 45/18धारा 376,506के तहत तहरीर देते हुए 31/5/018को मुकादमा दर्ज कराया था फिर मुअस 127/17धारा 323,504,506एंव 3(1)10एससी एसटी एक्ट के तहत रामकिशोर पुत्र पूनम दास वर्मा निवासी जसपुरा के शिकायती पत्र पर पे थाना जसपुरा में ही लिखा गया तो 19/6/021को ऊषा निषाद पुत्री स्व रामचरण निषाद निवासी अमान डेरा साड़ी थाना पैलानी निवासिनी के तहरीर पर मुअस 83/2021धारा 504/506के तहत अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा सहित अन्य के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया जबकि दिनांक 3/7/021के विरूद्ध डाक्टर संदीप पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा के शिकायती पत्र पर धारा 186,384,385,427,506,509के तहत मुकदमा पंजीकृत जसपुरा थाना में दर्ज किया गया इसके बाद पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देश पर साइबर सेल बांदा की जांचोपरांत थाना चिल्ला में धारा 501आईपीसी व 67आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज इसी 21के सातवें महीने में कुछ पत्रकारो की ही शिकायती पत्र पर अंशू गुप्ता एवं उसके सहयोगी देवानंद सिंह के खिलाफ दर्ज हुआ है।
अब बात करते हैं इन दोनों पत्रकारों की जो कहते हैं कि हम पत्रकार हैं आर एन आई यानी प्रिंट मीडिया के द्वारा जारी प्रेस कार्ड अथार्टी लेकर जिला सूचना अधिकारी के यहां जमा कर देते हैं यानी यह सब देने के बाद यह पत्रकार कहलाने के हकदार बन जाते हैं और अपनी वहीं मानसिकता लिए इस पबित्र मिशन में शामिल हो इसे कलंकित करने लगते हैं ।जिस तरह से आज राजनीति में अपराधियों का प्रबेस है जिस कारण राजनीति व राजनैतिक दल पार्टियां सत्ता की दौड़ में अंधी दौड़ लगाते हुए अपने अपने अपने दलों पार्टियों में प्रवेश कर रही है उसी तरह पत्रकारिता में अपराधियों का प्रवेश हो रहा है जो चिंता जनक है।आज उन्नाव प्रकरण में जिस तरह से प्रेस कौंसिल के सदस्य श्री विक्रांत ने अपने पीड़ित पत्रकार साथी की बात को लेकर जिस आत्म विश्वास के साथ जिला अधिकारी सहित पुलिस क्षेत्राधिकारी को लताड़ लगाई उनकी वार्ता सुनी मन गर्व से भर गया इसे कहते हैं पत्रकारिता जिसके एक एक शब्द में खनक थी एक विस्वास था द्रढता थी जिसमें सभी साथी में दिल्ली से की गई एक वार्ता मात्र से ज़हां पूरे जिला प्रशासन को हिला दिया वहीं आक्रोशित पत्रकार साथियों में एक नई ऊर्जा पैदा कर दी संघर्ष करने की शक्ति प्रदान कर दिया। जिस पर पूरी पत्रकार विरादरी गर्व कर रही है पर अंशू गुप्ता देवानंद सिंह जैसे लोगों के कारण शर्मशार भी समय समय पर हो रही है।

चित्रकूट : खंडेहा में दबंग कर रहा रास्ते में अवैध निर्माण और दे रहा अनुसूचित जाति को खुले आम जातिसूचक गालियां और गोली मारने की धमकी @chitrakootpol आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

चित्रकूट : खंडेहा में दबंग कर रहा रास्ते में अवैध निर्माण और दे रहा अनुसूचित जाति को खुले आम जातिसूचक गालियां और गोली मारने की धमकी
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


लखनऊ दबंगों के हौसले इतने बुलंद की सरेआम गोलियां कतलें और अनुसूचित जाति को जाति सूचक गलियां देने में माहिर दबंग साधन बंधु
चित्रकूट की ये तस्वीरें बेहद भयावह है जो की आम जनमानस और अनुसूचित जाति को डरा रही हैं , ऐसा नहीं है कि प्रशासन सख्ती नहीं बरत रहा मगर दबंगों के ये हौसले इतने बुलंद हैं कि छोटी छोटी बातों पर गोलियां और कत्तलों की धमकियां सरेआम देते दिखाई दे रहे हैं ऐसे में सभी में डर का माहौल बना हुआ है हद तो तब हो गई जब सार्वजनिक रास्ते की पड़ी परती जमीन पर अवैध कब्जा जोरों पर कर रहा जिसकी सूचना उपजिलाधिकारी मऊ को दी गई और फोन के माध्यम से जिलाधिकारी चित्रकूट धाम कर्बी को भी दी गई , जिसके बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है । अगर जल्द कार्य नहीं रोका गया तो उक्त दबंग द्वारा जल्द निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा । जिससे सार्वजनिक जगह में अवैध निर्माण से आम लोगों को काफी समस्याएं उत्पन्न होंगी जिसे जनहित में बरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आवश्यक कार्रवाई हेतु अपेक्षित हैं।

निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह बनी जिले की प्रथम नागरिक अपने नजदीकी निर्दल प्रतिद्वंदी नीलम सिंह को 15 वोटो से हरा कर 43 वोट से जीत हासिल की

निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह बनी जिले की प्रथम नागरिक अपने नजदीकी निर्दल प्रतिद्वंदी नीलम सिंह को 15 वोटो से हरा कर 43 वोट से जीत हासिल की

जौनपुर जनपद के जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव आज शनिवार को सम्पन्न हुआ, चुनाव के दौरान जनपद के कुल 83 जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मतों का प्रयोग किया, इस दौरान सुबह 11 बजे से चल रहे मतदान के पश्चात तीन बजे से शुरू हुई मतगणना में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी एवं निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह 43 मत पाकर हुई विजयी। इस अहम चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा शुक्रवार की देर शाम तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा से निशी यादव, अपना दल-भाजपा गठबंधन से रीता पटेल, निर्दलीय श्रीकला धनंजय व नीलम सिंह मैदान में थी। पहला वोट जिला पंचायत सदस्य डाक्टर अमर बहादुर सिंह ने डाला। इन दावेदारों के भाग्य का फैसला 83 जिला पंचायत सदस्यों ने किया। मतदान को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर और आस- पास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। अपना दल ने लिया यूटर्न, ऐन वक्त पर निर्दल प्रत्याशी श्रीकला रेड्डी का किया समर्थन, जिससें श्रीकला रेड्डी जिले की प्रथम नागरिक बनी। भाजपा समर्थित अपना दल के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली ने मतदान समाप्त होते ही प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओ और जनप्रतिनिधियों ने गठबंधन धर्म का निर्वहन न करते हुए बीजेपी के बागी प्रत्याशी नीलम सिंह का साथ दिया, जिसके कारण अपनादल के सभी छह सदस्यों ने निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनन्जय सिंह का समर्थन किया है। जानिये किसको मिला कितना मत सुबह 11 बजे से पड़ रहे मतदान के बाद जनपद के जिला पंचायत अध्यक्ष पद की उम्मीदवार श्रीकला धनंजय सिंह विजयी घोषित हुई। उनको कुल 83 मतो में से 43 मत प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने नजदीकी उम्मीदवार निर्दल प्रत्याशी नीलम सिंह को 15 वोटो से हराया। 12 मत पाकर समाजवादी पार्टी की निशी यादव तीसरे स्थान पर रही। अपना दल प्रत्याशी रीता पटेल ने श्रीकला रेड्डी का समर्थन किया जिसके कारण उनको कोई वोट नहीं मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कोर्ट में मतदान 11 बजे शुरू हो गया था। इस दौरान दोपहर 1.10 बजे तक 83 वोटरों में से 70 वोट पड़ चुके थे। मतदान को लेकर कलेक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में वोटर जिला पंचायत जिला पंचायत सदस्य मतदान कक्ष में प्रवेश कर रहे थे। इसके साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई गई । सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी। कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत सदस्यों व ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व जवानों के अलावा अन्य किसी का प्रवेश वर्जित रहा।

निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह बनी जिले की प्रथम नागरिक अपने नजदीकी निर्दल प्रतिद्वंदी नीलम सिंह को 15 वोटो से हरा कर 43 वोट से जीत हासिल की

निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह बनी जिले की प्रथम नागरिक अपने नजदीकी निर्दल प्रतिद्वंदी नीलम सिंह को 15 वोटो से हरा कर 43 वोट से जीत हासिल की

जौनपुर जनपद के जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव आज शनिवार को सम्पन्न हुआ, चुनाव के दौरान जनपद के कुल 83 जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मतों का प्रयोग किया, इस दौरान सुबह 11 बजे से चल रहे मतदान के पश्चात तीन बजे से शुरू हुई मतगणना में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी एवं निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह 43 मत पाकर हुई विजयी। इस अहम चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा शुक्रवार की देर शाम तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा से निशी यादव, अपना दल-भाजपा गठबंधन से रीता पटेल, निर्दलीय श्रीकला धनंजय व नीलम सिंह मैदान में थी। पहला वोट जिला पंचायत सदस्य डाक्टर अमर बहादुर सिंह ने डाला। इन दावेदारों के भाग्य का फैसला 83 जिला पंचायत सदस्यों ने किया। मतदान को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर और आस- पास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। अपना दल ने लिया यूटर्न, ऐन वक्त पर निर्दल प्रत्याशी श्रीकला रेड्डी का किया समर्थन, जिससें श्रीकला रेड्डी जिले की प्रथम नागरिक बनी। भाजपा समर्थित अपना दल के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली ने मतदान समाप्त होते ही प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओ और जनप्रतिनिधियों ने गठबंधन धर्म का निर्वहन न करते हुए बीजेपी के बागी प्रत्याशी नीलम सिंह का साथ दिया, जिसके कारण अपनादल के सभी छह सदस्यों ने निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनन्जय सिंह का समर्थन किया है। जानिये किसको मिला कितना मत सुबह 11 बजे से पड़ रहे मतदान के बाद जनपद के जिला पंचायत अध्यक्ष पद की उम्मीदवार श्रीकला धनंजय सिंह विजयी घोषित हुई। उनको कुल 83 मतो में से 43 मत प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने नजदीकी उम्मीदवार निर्दल प्रत्याशी नीलम सिंह को 15 वोटो से हराया। 12 मत पाकर समाजवादी पार्टी की निशी यादव तीसरे स्थान पर रही। अपना दल प्रत्याशी रीता पटेल ने श्रीकला रेड्डी का समर्थन किया जिसके कारण उनको कोई वोट नहीं मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कोर्ट में मतदान 11 बजे शुरू हो गया था। इस दौरान दोपहर 1.10 बजे तक 83 वोटरों में से 70 वोट पड़ चुके थे। मतदान को लेकर कलेक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में वोटर जिला पंचायत जिला पंचायत सदस्य मतदान कक्ष में प्रवेश कर रहे थे। इसके साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई गई । सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी। कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत सदस्यों व ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व जवानों के अलावा अन्य किसी का प्रवेश वर्जित रहा।

पत्रकार से यह उम्मीद नहीं है कि वह किसी को मौत के खतरे में डालकर भयावह घटना का नाटक करे और खबर बना ले: इलाहाबाद हाईकोर्टराजेन्द्र कुमार एडवोकेटआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

पत्रकार से यह उम्मीद नहीं है कि वह किसी को मौत के खतरे में डालकर भयावह घटना का नाटक करे और खबर बना ले: इलाहाबाद हाईकोर्ट
राजेन्द्र कुमार एडवोकेट
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक पत्रकार से सनसनीखेज और भयावह घटना का नाटक करने और किसी व्यक्ति को दयनीय स्थिति में मौत के खतरे में डालकर उसकी खबर बनाने की उम्मीद नहीं की जाती है। न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव की खंडपीठ ने एक पत्रकार को जमानत देने से इनकार कर दिया।
पत्रकार पर आरोप है कि उसने एक व्यक्ति को कहकर उकसाया कि अगर वह विधानसभा भवन के सामने आत्महत्या करने की कोशिश करेगा, तो वह उसका वीडियो बनाकर टेलीविजन पर टेलीकास्ट करेगा।
एक पत्रकार की भूमिका के बारे में न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की:
पत्रकार समाज में होने वाली प्रत्याशित या अचानक होने वाली घटनाओं पर नज़र रखता है और बिना किसी छेड़छाड़ के विभिन्न समाचार मीडिया के माध्यम से सभी लोगों की जानकारी में लाता है, यह उसका व्यवसाय है।

कोर्ट के सामने मामला
अदालत शमीम अहमद नाम के एक आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर आईपीसी की धारा 306/511/109/506/504 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस पत्रकार पर “विधानसभा भवन” के ठीक सामने एक व्यक्ति (मृतक) को आग लगाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है, ताकि वह इस घटना की वीडियोग्राफी कर सके और इसे टेलीविजन पर प्रसारित कर सके। संक्षेप में तथ्य मृतक का मकान मालिक चाहता था कि वह घर खाली कर दे और 19 अक्टूबर, 2020 को वह मृतका के घर आया और पति को अभद्र भाषा में गाली-गलौज करने लगा और घर खाली करने को कहा।
जब मृतक ने उसे बताया कि वह आर्थिक तंगी में है और घर खाली करने में असमर्थ है, तो मकान मालिक ने उसे डांटते हुए कहा कि अगर वह आवास खाली करने में सक्षम नहीं है, तो वह खुद को आग लगा ले और मर जाए।
इसके बाद, आरोपी पत्रकार ने उसे खुद को आग लगाने के लिए कहा और घटना को कवर करने का वादा किया। इसके अलावा, उसने मृतक से कहा कि यदि ऐसा होता है, तो योजना के अनुसार मामला उजागर हो जाएगा और कोई भी उसे अपने घर से बेदखल करने के लिए मजबूर नहीं करेगा।
कथित तौर पर, आरोपी द्वारा दिए गए उपरोक्त प्रलोभन के तहत सह-अभियुक्त मृतक को “विधानसभा भवन” के सामने लाया, जहां उसने प्रेरित और योजना के उस पर तेल डाला और आग लगा दी और आरोपी पत्रकार घटना का वीडियो बना रहा था।
वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे कंबल से ढककर बचाने के लिए दौड़े और उसे अस्पताल ले गए, जहां 24 अक्टूबर, 2020 को उसकी मौत हो गई। न्यायालय की टिप्पणियां
आरोपी के पास से वीडियो कैमरा और फिल्म, स्वतंत्र गवाह के साक्ष्य और विधानसभा के सी.सी.टी.वी. बरामद हुए। अदालत ने कहा कि गंभीर रूप से जले हुए मृतक को बचाने के बजाय, आरोपी इसे तब तक फिल्माता रहा जब तक कि वह बुरी तरह से झुलस नहीं गया।
इसलिए, अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ अभियोजन का मामला प्रथम दृष्टया स्थापित है कि उसने मृतक को मानसिक और वित्तीय संकट में रहने के लिए प्रलोभन दिया और उनसे छुटकारा पाने की योजना बनाई।
अदालत ने आगे कहा कि वह घटना स्थल पर मृतक के साथ मौजूद था और इसे फिल्मा रहा था। इसलिए, आरोपी द्वारा अपनी बेगुनाही का दावा प्रथम दृष्टया स्थापित नहीं किया गया है।
महत्वपूर्ण रूप से कोर्ट ने कहा:”शिकायतकर्ता (मृतक की पत्नी), जो पहले से ही अपने पति की आर्थिक स्थिति से मानसिक रूप से परेशान है, जिसने आरोपी के प्रभाव में और आत्महत्या कर ली, अगर आरोपी को मुक्त कर दिया जाता है, तो वह खतरे में होगी। वह मामले में मुख्य गवाह है। निष्पक्ष सुनवाई के लिए शिकायतकर्ता को एक गवाह के रूप में पूरी तरह से भय मुक्त वातावरण की आवश्यकता होगी। उसे मामले की निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
इस प्रकार आरोपी-आवेदक की ओर से पेश की गई जमानत की अर्जी खारिज कर दी गई।

केस का शीर्षक – शमीम अहमद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य लेख राजेन्द्र कुमार एडवोकेट दातागंज बदायूं उत्तर प्रदेश।

धरा के भगवान कहे तो अतिश्योक्ति नहीं होगी प्रोफेसर बांदा सर्जन शैलेंद्र सिंह यादव की कहानीआत्माराम त्रिपाठी की कलम से

धरा के भगवान कहे तो अतिश्योक्ति नहीं होगी
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

बांदा ईश्वर है कहां है किसी ने नहीं देखा आस्था और विश्वास में ईश्वर है लेकिन धरा में ईश्वर हैं जिन्हें हमने बहुत नजदीक से देखा और समझा महसूस किया है। धरती के इन देवताओं को अपने मारीजो को नवजीवन प्रदान करने हेतु इनके संघर्ष को देखा है सो आज कुछ अपने ऊपर बीती एवं दूसरे के ऊपर बीती जिन्हें हमने अपनी आंखों के सामने देखा लिख रहे हैं ।
आज लोग कहते हैं ड्राइवर ने एक्सीडेंट कर दिया पर ड्राइवर की मौके की स्थिति का मुल्यांकन कोई नहीं करता हमारा मानना है कि कोई भी ड्राइवर जानबूझ कर अपने वाहन जिसकी स्टेरिंग उसके हाथ में होती है उसके नीचे आने वाले कीड़े मकोड़े जानवर तक को बचाव करता है उसके हाथ में दो रास्ते होते हैं एक तरफ वाहन में बैठे यात्री दूसरे सामने वाले उसमें भी उसे तत्काल फैसला लेना फिर भी दोष ड्राइवर में निकाला जाता है। खैर हम बात कर रहे थे धरा के भगवान देवदूत फरिस्तो की तो हम उसी क्रम को आगे बढ़ाते हैं हम बाहर थे श्री मती बिमार थी बच्चे इलाज के लिए करतल आयुर्वेद चिकित्सा केंद्र ले गए जहां हमारे पत्रकार साथी संतोष कुमार सोनी ने डाक्टर को दिखाया डाक्टर ने मारीज की हालत देख बाहर किसी योग्य डाक्टर को दिखाने की सलाह दी जिस पर दूसरे दिन मारीज को जानकी कुण्ड अस्पताल में दिखाया वहां भी प्राथमिक उपचार के बाद बाहर दिखाने की बात कही गई इसी बीच हमारे पास संतोष कुमार सोनी का फोन आया उस समय हम बाहर थे उन्होंने कहा कि आप शीघ्र घर आए और उन्हें बाहर दिखाएं हालात गंभीर है इसी के साथ बच्चे का भी फोन आया मैं तुरंत दूसरे दिन घर आया मारीज को कंहा दिखाया जाय इस पर चर्चा चल रही थी की एकाएक मारीज की तवियत बिगड़ी ग्राम प्रधान की गाड़ी लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तब तक हालात भयावह हो चुके थे डाक्टरों ने प्रारंभिक इलाज कर कानपुर हृदय संस्थान जाने की सलाह दी हम प्राइवेट वाहन से कानपुर हृदय संस्थान पहुंचे जांच हुई वहां से हैलेट हास्पिटल एमरजेंसी में पहुंचे यहां पर हमने देखा कि डाक्टर किस तरह मर्ज के साथ संघर्ष कर रहे हैं उनके अंदर एक ही भाव था रोगी को बचाना है रोग को नष्ट करना ठीक उसी प्रकार जिस तरह सीमा पर हमारे देश के जवानों का लक्ष्य रहता है दुश्मनों का खात्मा ठीक उसी तरह डाक्टर रोगी को बचाने में व रोग को खत्म करने में युद्ध स्तर पर प्रयास करने लगते हैं कोई लिंग भेद वर्ग भेद नहीं होता सिर्फ डाक्टर मर्ज के खात्मे में अपनी संपूर्ण ऊर्जा लगा देते हैं । मैं एमरजेंसी वार्ड में दो दिन रूका कितने एमरजेंसी मारीज आए किन परिस्थितियों में आए उस घड़ी की याद मात्र से सरीर मे सिहरन पैदा हो जाती है।पर हम धन्यवाद देते हैं उन सभी डाक्टरों को जिन्होंने मेरे सामने सैकेडो टूट रही सांसों को वापस ले उनके परिजनों के मुरझाए हुए चेहरों में मुस्कान भर दी। हमारे मारीज को डाक्टर डी एम युवराज गुलाटी सर्जन प्रोफेसर कानपुर ने देखा उनके व्योहार से ऐसा लगा ही नहीं की वह इतने बड़े सर्जन है एक दम सरल सौम्य म्रदुभाषी उन्होंने इलाज किया पूर्ण राहत मिली कोराना का क्षेत्र में प्रभाव बढ़ा उन्होंने हमें घर वापस जाने की सलाह दी है हम घर वापस आए यहां भी वह फोन द्वारा ट्रीटमेंट बताते रहे।कोरोना का कानपुर में प्रकोप शांत नहीं हुआ था इसी दौरान पुनः हमारे मारीज का स्वास्थ बिगड़ा सादी विवाह का सीजन था वाहन नहीं मिल रहे थे हमने 108एंबूलेंस को फोन किया समय पर एबूंलेंश आई हम सीएचसी नरैनी गये जंहा डाक्टर ने प्रारंभिक इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज बांदा रिफर किया यहां भी एमरजेंसी में दो-दिन रूके वहीं लग्न परिश्रम करते हुए डाक्टरों को देखा कोई भेद भाव नहीं इसी बीच डाक्टर शैलेन्द्र सिंह यादव सर्जन प्रोफेसर आए और मारीज को देखा ढांढस बंधाया फिर दूसरे मारीजो को देखने लगे तीसरे दिन हमें जनरल बार्ड में शिफ्ट कर दिया गया ज़हां बराबर उसी तरह इलाज चला और आज डाक्टर शैलेन्द्र सिंह यादव के सफल इलाज का नतीजा यह हुआ कि जो विस्तर में अपने आप बैठ नहीं सकती थी वह अपने पैरों में चलकर नित्य क्रियाएं कर रही है सही तरीके से भोजन लें रही है। हो सकता है कि डाक्टरों में भी कुछ अपवाद के तौर पर विवादित हो उनकी कार्यशैली विवादित हो पर इसके लिए हम उनकी पूरी विरादरी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं सो मैं धरती के इन देवताओं को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त करता हूं आभार व्यक्त करता हूं अपने पत्रकार दिनेश निगम दद्दा,मंयक शुक्ला,रूपा गोयल,अरबिद सिंह भदौरिया, संजय सिंह, गुंजन सिंह, कन्हैया शुक्ला रामकिशोर उपाध्याय, प्राबीण द्विवेदी, वेदप्रकाश शुक्ला, अनिल अनूप, अमित गुप्ता, रामकुमार सिंह सहित सभी साथियों का जिन्होंने इस भयावह स्थिति में हमें अपना संबल प्रदान किया आभारी हैं राजकरण कबीर भाजपा विधायक का जिन्होंने पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिया।