बुंदेलखंड किसान यूनियन की अधिकृत प्रत्याशी शालिनी सिंह का आरोप सत्ता के प्रभाव में उनका नामांकन हो सकता है रद्दआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

बुंदेलखंड किसान यूनियन की अधिकृत प्रत्याशी शालिनी सिंह का आरोप सत्ता के प्रभाव में उनका नामांकन हो सकता है रद्द

आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट



बाँदा -जनपद बाँदा जिले के बबेरू तहसीलदार विपिन कुमार व बबेरू विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए बीएलओ की मिलीभगत से अनेकों प्रत्याशियों व उनके परिवार के नाम साजिश के तहत विशेष पार्टी के प्रत्याशियों को लाभ पहुँचाने की मंशा से मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं, ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है बबेरू से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहीं पत्रकार व समाज सेविका शालिनी सिंह का खुला आरोप है कि विशेष पार्टी को लाभ पहुँचाने के लिए बीएलओ, तहसीलदार से लेकर जिले के जिम्मेदार अधिकारी तक सब की मिली भगत है, कोई किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है, पंचायत क्षेत्रों में मजबूत प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सत्ता पक्ष द्वारा अधिकारियों से मिलीभगत करके यह षड्यंत्र रचा जा रहा है शालिनी सिंह ने नामांकन तो कर दिया लेकिन उनका व उनके समर्थकों का कहना है कि अधिकारियों व सत्ताधारियों की कूटरचित मानसिकता के तहत नामांकन रद्द कराया जा सकता है जो लोकतंत्र पर कुठाराघात है…?

लालू यादव ने वंचित जनता को स्वर्ग नहीं, लेकिन स्वर ज़रूर दियालालू यादव के सत्ता में आने से वंचित जातियों में ये एहसास आया कि उनके बीच का या उनके प्रति हमदर्दी रखने वाला कोई ऊपर बैठा है. #शेर_लालू_आया दिलीप मंडल

लालू यादव ने वंचित जनता को स्वर्ग नहीं, लेकिन स्वर ज़रूर दिया
लालू यादव के सत्ता में आने से वंचित जातियों में ये एहसास आया कि उनके बीच का या उनके प्रति हमदर्दी रखने वाला कोई ऊपर बैठा है.
दिलीप मंडल


बिहार लालू यादव से पहले भी देश का सबसे बीमार, गरीब और अशिक्षित राज्य था. लालू प्रसाद का शासन खत्म होने के लगभग 14 साल बाद भी बिहार सबसे बीमार, गरीब और अशिक्षित राज्य है. इसलिए यह सवाल गैरवाजिब है कि लालू प्रसाद ने बिहार को यूरोप क्यों नहीं बना दिया.


जब हम यह सवाल श्रीकृष्ण सिन्हा, माहामाया प्रसाद सिंह, केदार पांडेय, केबी सहाय, बिंदेश्वरी दुबे, भागवत झा, जगन्नाथ मिश्र, नीतीश कुमार जैसे मुख्यमंत्रियों और पिछले 15 साल में ज्यादातर समय वित्त मंत्री रहे सुशील मोदी से नहीं पूछते, तो ये सवाल सिर्फ लालू प्रसाद से कैसे पूछा जा सकता है?


बिहार के पिछड़ेपन को मुख्यमंत्रियों या किसी एक मुख्यमंत्री का जिम्मा मानना समस्या का सरलीकरण करना होगा. बिहार भारत के विकास के मॉडल का पिछवाड़ा क्यों बना, इसके लिए कई और फैक्टर्स को देखना होगा. लालू की कहानी शायद कुछ और है.

लालू यादव को लेकर ये सवाल राजनीति में हमेशा पूछा जाता है कि ये शख्स इतने लंबे समय तक राजनीति में प्रासंगिक कैसे बना हुआ है. लालू यादव ने कुछ तो ऐसा किया, जिसकी वजह से वह बिहार और भारत की राजनीति में खत्म नहीं हो रहे हैं. वैसे तो, जमाना उनके खिलाफ है.

लगभग हर कोई उनका विरोधी है और उनके अंत की कामना करता है. मीडिया उनके खिलाफ है. नौकरशारी उनके खिलाफ है. जांच एजेंसियां उनके खिलाफ हैं. न्यायालय उनको लेकर रहम नहीं बरतता. कांग्रेस ने उन्हें एक समय निपटाने की खूब कोशिश की.

मुंबई के श्री स्वामीनारायण मंदिर को कोविड अस्पताल में बदल दिया गया है । वहाँ पर इलाज कराने वाले सभी बीमारों का ख़र्च भी मंदिर ही उठाएगा ।

मुंबई के श्री स्वामीनारायण मंदिर को कोविड अस्पताल में बदल दिया गया है । वहाँ पर इलाज कराने वाले सभी बीमारों का ख़र्च भी मंदिर ही उठाएगा ।


मंदिर प्रशासन को दिल से साधुवाद

गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर एक तथाकथित पत्रकार द्वारा दूसरे पत्रकारों को छुपे हुए शब्दों में साजिस के तहत फंसाने की धमकी:- आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर एक तथाकथित पत्रकार द्वारा दूसरे पत्रकारों को छुपे हुए शब्दों में साजिस के तहत फंसाने की धमकी




लखनऊ इलाहाबाद एक्सप्रेस समाचार पत्र ग्रुप में चली अपनी एफआईआर की खबर से कुंठित तथाकथित प्रेस क्लब अध्यक्ष ने पत्रकार रामकिशोर उपाध्याय को दी मीठी धमकी वहीं मोबाइल वार्ता में किया अपने पड़ोसी एडवोकेट रामानंद गुप्ता निवासी बी ब्लाक, आवास-विकास कालोनी पर बाँदा में बीते मार्च महीने को फर्जी डकैती की एफआईआर दर्ज कराने का खुद ही खुलासा।*

गौरतलब हैं तथाकथित प्रेस क्लब अध्यक्ष ने अपने आवास-विकास बी ब्लाक में लोगों और पड़ोसियों को नाहक परेशान करने के लिए हरिजनों को खुला रखी हैं सब्जी की दुकान,एक हरिजन महिला को रखवा दिया है डिब्बा ताकि वक्त आने पर आमजन मानस को एससीएसटी एक्ट,फर्जी लूट और डकैती,छेड़छाड़ आदि में फंसाया जा सके। खबर मुताबिक उच्च न्यायालय अधिवक्ता रामानंद गुप्ता ने बीते कुछ माह पूर्व फर्जी प्रेस क्लब चलाने वाले दिनेश निगम दद्दा द्वारा तथ्यों को छिपाकर झांसी से चिट्स फर्म सोसाइटी रजिस्ट्रार के यहां प्रेस क्लब बाँदा के पंजीकरण आरोप की एफआईआर माननीय बाँदा कोर्ट के आदेश से झांसी में ही लिखवाई थी। इससे आहत होकर पूर्व आपसी विवादों को और धार देते हुए उक्त प्रेस क्लब अध्यक्ष ने अधिवक्ता रामानंद गुप्ता,भाई काजू गुप्ता सहित अन्य पर डकैती की रिपोर्ट 156(3) के तहत दर्ज करा दी है। कूटरचित एफआईआर में मुहल्ले के अपने तयशुदा चेलों से दबाव बनाकर पहले की तर्ज झूठी गवाही शपथपत्र में ली गई। गवाहों में जब एक व्यक्ति ने मना कर दिया तो उसको भी डारने के लिए खड़यंत्र रचे जा रहे हैं। झूठे मुकदमें लिखवाने की विशेषज्ञता रखने वाले प्रेस क्लब अध्यक्ष ने अबकी बार इलाहाबाद एक्सप्रेस समाचार पत्र के रामकिशोर उपाध्याय को मीठे जहर वाली दूरगामी धमकी दी है जिससे भविष्यगत साज़िश व दुराग्रह निकालने की दुर्गंध आ रही है। अब देखना यह होगा कि अधिवक्ता रामानन्द गुप्ता अपने ऊपर लिखी फर्जी एफआईआर और पत्रकार इस रहस्यमयी धमकी से कैसे उबरते है आखिर गिरगिट रंग बदलने से बाज आ जाये तो उसको गिरगिट व दुरात्मा की संज्ञा क्यों दी जाती ?? इस ऑडियो में हमारे संपादक आत्माराम त्रिपाठी को भी निशाना बनाने की बू आ रही है। साज़िशकर्ता की इस दोयम हरकतों को फिलहाल पत्रकारिता की मंडी में निर्लज्ज कहना ही पर्याप्त है। चोर चोरी से जाए लेकिन हेराफेरी से कभी नहीं जाए,वैसे केंचुल वाले साँप कुछ ऐसे ही होते हैं।

सांसद बीपी सरोज की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव । शुभचिंतकों ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की @Bpsarojmp @Sarojpramod

सांसद बीपी सरोज की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव ।
पूरे परिवार की हुई थी कोरोना जांच
प्रमोद सरोज जी ने ट्वीट करके दी जानकारी

ऑनलाइन गुगल मीट में तीसरी बार बी पी मंडल की जयंती पर अवांछित तत्वों द्वारा अश्लील हरकत पर मंडल आर्मी चीफ का पारा हाई “घर का भेदी लंका ढाए ” के तहत @mandalarmy_ आधिकारिक सोशल नेटवर्किंग समूहों से गैर पदाधिकारी सदस्यों को किया बाहर

सूचना




हमारे इस ग्रुप में ही कुछ एक लोग ऐसे हैं जो यहां की चीजों को आउट करते हैं व संगठन को fb ट्विटर पर फेक आई डी बनाकर बदनाम करते हैं , शायद वो संगठन में इस गलत फहमी के साथ जुड़े थे कि हम संगठन के बैनर तले उनके पसंदीदा नेता या दल का गुणगान करेंगे या संगठन उनकी पसंद की पार्टी का प्रचार करेगा। जब ये सब नहीं हुआ तो वो संगठन को बदनाम कर रहे हैं। याद रहे संगठन समाज के लिए है किसी दल या नेता के लिए नहीं अतः संगठन कभी भी समाज के मुद्दों के साथ राजनीतिक दलों या नेताओं से निज हित मे समझौता नहीं करेगा


अतः मुझे खेद है कि एक – दो लोगों की घटिया हरकत की बजह से मुझे तब तक के लिए उन सभी साथियों को ग्रुप से रिमूव करना पड़ रहा है जो सक्रिय भूमिका या किसी पद पर नहीं हैं जब तक उन लोगों की पहिचान नहीं हो जाती। इसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं🙏

क्या कोई यादव समाज से संविधान सभा में गया था ?अपना इतिहास न जानने का बड़ा नुकसान यह होता है कि आप कोई नया इतिहास बनाने के लिए ठीक से प्रेरणा नहीं ले पाते हैं।

क्या कोई यादव समाज से संविधान सभा में गया था ?
यह सवाल मैंने जब अपने समाज के बुद्धिजीवियों से किया तो उत्तर लगभग नही के बराबर मिला । जानिए अनेक विद्यालयों व महाविद्यालयों के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले,संविधान सभा के सदस्य और अपनी विद्वता व अनुभव से संविधान निर्माण बहस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले कमलेश्वरी प्रसाद यादव जी के बारे में ।

कमलेश्वरी प्रसाद यादव



कमलेश्वरी प्रसाद यादव खगड़िया से संविधान सभा के मेंबर चुने गये थे और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। इनका जन्म 4 जनवरी, 1902 बिहार के चतरा, जिला मधेपुरा के एक ज़मींदार परिवार में हुआ था और उनका निधन 15 नवम्बर, 1989 में मधेपुरा में हुआ।
बिहार में मशहूर के. पी. कॉलेज की स्थापना मधेपुरा में उन्हीं के कर कमलों द्वारा हुई थी।

सन 1951 में जिला किशनगंज के उदा/विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से विधायक चुने गये थे। वह पटना विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र और बीएचयू (बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय) से हिंदी में डबल एम ए करने के साथ पटना विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री भी हासिल किये।
उल्लेखनीय है कि अपना इतिहास न जानने का बड़ा नुकसान यह होता है कि आप कोई नया इतिहास बनाने के लिए ठीक से प्रेरणा नहीं ले पाते हैं और आपका विरोधी अपने मिथकों को ऐतिहासिक बताकर आपके सामने अपना मान सम्मान ऊंचा कर लेते हैं। यादव समाज में ऐसे बहुत से नायक व नायिकाएं रही/रहे हैं जो अपने दौर में परिस्थिति के अनुसार लड़ते रहे हैं जिन्हें आज हम नहीं जानते।



Constituent Assembly Debate को पढ़ते वक़्त उसके मेंबर की जब लिस्ट देख रहा था तो मेरी नज़र अचानक कमलेश्वरी प्रसाद यादव के नाम पर पड़ी तो सोचा आप सभी को भी अवगत करा दूँ।


~यदुवेन्द्र यादव

लेखक~यदुवेन्द्र यादव

शिराजे हिंद जौनपुर की धरती में पले बढ़े ,रिटायर्ड जज सुरेंद्र यादव यूपी के उप-लोकायुक्त बनाए गए,


रिटायर्ड जज सुरेंद्र यादव यूपी के उप-लोकायुक्त बनाए गए, बाबरी विध्वंस केस में सुनाया था फैसला
राज्यपाल की ओर से उन्हें 6 अप्रैल 2021 को इस पद पर नियुक्त किया गया है. आज उन्होंने लोक आयुक्त की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. कोविड के कारण उनके शपथ ग्रहण समारोह में विशेष व्यक्ति ही मौजूद रहे.



6 अप्रैल 2021 को इस पद पर नियुक्त किया गया
रि. जज सुरेंद्र यादव ने आज पदभार ग्रहण कर लिया
उन्होंने बाबरी विध्वंस में अहम फैसला सुनाया था


लखनऊ की स्पेशल सीबीआई अदालत के रिटायर्ड जज सुरेंद्र कुमार यादव को योगी सरकार में बड़ा अहम पद सौंपा गया है. रिटायर्ड जज सुरेंद्र कुमार यादव को यूपी का उप लोकायुक्त नियुक्त किया गया है. राज्यपाल की ओर से उन्हें 6 अप्रैल 2021 को इस पद पर नियुक्त किया गया है. आज उन्होंने लोक आयुक्त की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. कोविड के कारण उनके शपथ ग्रहण समारोह में विशेष व्यक्ति ही मौजूद रहे. रिटायर्ड जज सुरेंद्र कुमार यादव ने बाबरी विध्वंस केस में अहम फैसला सुनाया था. 5 अगस्त को जज सुरेंद्र कुमार यादव को इस मुकदमे में स्पेशल जज के तौर पर नियुक्त किया गया था.

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19 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने जज सुरेंद्र कुमार यादव को रोजाना ट्रायल करके बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई 2 साल में मुकम्मल करने का हुक्म दिया था. सीबीआई कोर्ट के रिटायर्ड जज सुरेंद्र कुमार यादव ने 28 साल पुराने इस केस में फैसला सुनाया और सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया. सुरेंद्र यादव इस केस का फैसला देने से पहले ही रिटायर होने वाले थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवा में इजाफा करते हुए बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई मुकम्मल होने तक उन्हें पद पर बने रहने का आदेश दिया था. जिसके बाद यूपी हुकूमत ने भी नोटिफिकेशन जारी कर फैसला आने तक जज की मुद्दत बढ़ा दी थी. हालांकि जैसे ही उन्होंने इस महत्वपूर्ण केस में फैसला सुनाया वे अपने पद से रिटायर हो गए थे.

रिटायर्ड जज सुरेंद्र यादव की जिदगी में फैजाबाद की बहुत अमहियत है. उनकी पहली पोस्टिंग फैजाबाद वर्तमान में अयोध्या जिले में ही हुई थी और एडीजे के तौर पर पहला प्रमोशन भी फैजाबाद में ही मिला था. अब बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसे अहम मामले का तअल्लुक भी फैजाबाद जिले से ही है. उस समय अयोध्या फैजाबाद जिले के अंतर्गत आता था. योगी सरकार ने इस जिले का नाम फैजाबाद से बदलकर अयोध्या कर दिया है.

5 अगस्त 2015 को रिटायर्ड जज सुरेंद्र यादव को इस मुकदमे में विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. 19 अप्रैल 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रोज़ाना ट्रायल कर इस मामले की सुनवाई दो साल में पूरा करने का निर्देश दिया था. सुरेंद्र कुमार यादव को सेवा विस्तार ही नहीं बल्कि उनका तबादला भी रोका गया था. सुरेंद्र कुमार ने सुनवाई एडीजे के तौर पर शुरू की थी. बाद में उनका प्रमोसन कर जज बनाते हुए उनका तबादला बदायूं कर दिया गया था.



बता दें विशेष अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बीजेपी के सीनियर नेता विनय कटियार समेत कुल 32 आरोपियों को दलीलों सबूतों के आधार पर घटना को सुनियोजित न मानते हुए बल्कि एक आकस्मिक आक्रोश में घटित घटना मानते हुए बरी कर दिया है.

पोथीराम उपाध्याय उर्फ शंकराचार्य स्वरूपानंद सरवस्ती के पैरों में लेटे @yadavakhilesh पर @mandalarmy_ ने कसा तंज कहा ये हिंदू होने का सर्टिफिकेट लेने गए थे जिसने यादव समाज को गैर हिन्दू और दंगाई कहा था

पोथीराम उपाध्याय उर्फ शंकराचार्य स्वरूपानंद सरवस्ती के पैरों में लेटे अखिलेश यादव पर मंडल आर्मी ने कसा तंज कहा ये हिंदू होने का सर्टिफिकेट लेने गए थे जिसने यादव समाज को गैर हिन्दू और दंगाई कहा था





पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पोथीराम राम उपाध्याय शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के पैरों में माथा टेकते हुए एक फोटो शेयर किया ट्विटर पर तस्वीर में अखिलेश की स्थिति और ट्विटर पर महिमामंदन में लिखे शब्दों ने बहुजन समाज में आक्रोश भर दिया
जिसपर कई बहुजन चिंतकों ने अपनी राय रखते हुए अखिलेश यादव की आलोचना की
प्रोफेसर दिलीप मंडल ने कहा

कौन बनेगा करोडपती के कुछ सवाल|🤣🤣🤣🤣🤣1- For 1000 Rs:कोरोना कहाँ पैदा हुआ?????

कौन बनेगा करोडपती के कुछ सवाल|
🤣🤣🤣🤣🤣

1- For 1000 Rs:
कोरोना कहाँ पैदा हुआ?????

जवाब: चीन में…

2- For 2000 Rs:
कोरोना दुनिया भर में कैसे फैल गया?????

जवाब: मुल्कों के बीच सफर करने से…

3- For 5000 Rs:
मुल्कों के बीच सफर कैसे होता है?????

जवाब: हवाई जहाज़ से..

4- For 10000 Rs:
हवाई जहाज़ कहाँ उतारते है?????

जवाब: एअरपोर्ट पर…

5- For 20000 Rs:
मतलब कोरोना देश में कहाँ से घुसा?????

जवाब: एयरपोर्ट से…

6- For 50000 Rs:
हमारे देश में कितने इंटरनेशनल एयरपोर्ट है?????

जवाब: 34 .

7- For 1 Lakh Rs: ये सारे एयरपोर्ट्स किसकी निगरानी में है?????

जवाब: केंद्र सरकार के…

अब है बड़ा सवाल…
8- For 2 lakh Rs:
34 एयरपोर्ट लॉक डाउन करना आसान था या सारा देश?????

जवाब: एयरपोर्ट…

9- For 3 Lakh Rs:
चीन में कोरोना के क़हर की खबर दुनियाभर में पहली बार कब फैली?????

जवाब: 8 दिसम्बर को।

10- For 6 Lakhs Rs:
जनवरी में एयरपोर्ट क्यों नहीं बंद किये गये?????

जवाब: क्योंकि 24 फ़रवरी को डोनाल्ड ट्रंप को अमरीका से भारत आना था…

11- For 12 Lakhs Rs:
तो क्या तब तक एयरपोर्ट से निकलने वाले हर व्यक्ति का कोरोना टेस्ट कराया गया?????

जवाब: नहीं…

12- For 25 lakhs Rs:
WHO ने कब भारत को लोकडॉन की हिदायत दी थी?????

जवाब: 1फरवरी से।

13-for 50 Lakh Rs:
तो सरकार ने लोकडॉन क्यों नही लगाया?????

जवाब : क्योंकि मध्यप्रदेश में सरकार गिरानी थी।

14- for 1 cr Rs :
तो फिर देश में कोरोना फैलने के लिये कौन जिम्मेदार है?????

*जवाब: नेहरू। क्योकि नेहरू ने ही एयरपोर्ट बनाये थे*

आप एक करोड रुपये की राशि जीत गये

🤣🤣😄😇
अब सबसे बड़ा सवाल 7 करोड के लिए 👉

*कोरोना से छुटकारा कैसे मिलेगा ?*

*जवाब : सारे एअरपोर्ट बेच दो क्योंकि यही कोरोना की जड़ है*
🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

From :- social media