पुलिस पर लापरवाही का इल्जाम लगाते हुए अस्पताल से घर उठा ले गए परिजन शव
जौनपुर
रियाजुल हक

जौनपुर। पुलिस प्रशासन की लापरवाही से गुस्साए परिजन सभासद बाला लखंदर का शव जिला अस्पताल से जबरन उठा ले गए तो पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। ऐसा लगा कि शव ले जाकर लोग बवाल कर सकते हैं।रियाज़ुल
नई गंज स्थित एक मकान पर शव रखने की सूचना पर डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनपर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया तो करीब एक घंटे बाद शव पुलिस कब्जे में लेकर फिर जिला अस्पताल पहुंची। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही बरती। गोली लगने के बाद पहुंची पुलिस उन्हें जिला अस्पताल ले गई लेकिन डाक्टर को दिखाने के बजाय सीधे मर्चरी हाऊस में रखवा दिया। परिजन पहुंचे और हल्ला मचाया तो मर्चरी से निकलवाकर इमरजेंसी में डाक्टर के पास ले जाया गया। जहां से परिजन शव लेकर यह कहते हुए निकल गए कि वे वाराणसी ले जाएंगे।
रियाज़ुल
हिस्ट्रीशीटर में था नाम
जौनपुर। पुलिस के मुताबिक सभासद बाला लखंदर लाइनबाजार थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उनपर कई अपराधिक मामले भी दर्ज थे। करीब 12 साल पहले बाला लखंदर उस वक्त चर्चा में आए थे जब सिटी स्टेशन से उनके अपहरण की घटना हुई थी। करीब ढाई साल बाद बाला लखंदर वापस आए तो पुलिस की जांच में पता चला था कि बाला का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि उन्होंने खुद से अपहरण का नाटक किया था।
एआरटीओ ऑफिस भी चलता था उनके घर पर,समाजवादी सरकार में ए आरटीओ बाला लखंदर ने अपने घर पर ही बनवा दिया था।
रियाज़ुल










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