मुंबई:- डाँ. चिराग मेहता ने कैंसर पीड़ित बच्चों के साथ मनाया मकर संक्रांति पर्व

डाँ. चिराग मेहता ने कैंसर पीड़ित बच्चों के साथ मनाया मकर संक्रांति पर्व
मुबंई. अक्षरधारा फाउंडेशन और बुलबुल राय फाउंडेशन के सौजन्य से परेल स्थित टाटा हॉस्पिटल के बाहर डाँ.चिराग मेहता ने कैंसर पीड़ित बच्चों को खिचड़ी ,तिलगुड़, खिलौने एवं अन्य जीवनावश्यक वस्तुएं बाँट कर मकर संक्रांति का पर्व मनाया ।इस अवसर पर बुलबुल राय फाँउण्डेशन कीअध्यक्षा – बुलबुल राय, रत्नेश राय ,ज्योति पराग बारोट, सतीश भाई, रवि यादव तथा अन्य उपस्थित लोगों ने सभी कैंसर पीड़ित ब्च्चों के स्वस्थ जीवन की कामना की ।

वर्टिकल फारेस्ट : बालकनी और छतों पर खिलखिलाते जंगल। • प्रमोद दीक्षित मलय

वर्टिकल फारेस्ट : बालकनी और छतों पर खिलखिलाते जंगल

• प्रमोद दीक्षित मलय

सदियों से ही मानव जीवन का प्रकृति के साथ अन्योन्याश्रित जीवन्त मधुमय सम्बंध रहा है। यही कारण रहा है कि विश्व की नदी-घाटी सभ्यताएं भी नदियों के तट और अरण्य के समीप ही विकसित हुई थीं। संत तुलसीदास ने भी ‘क्षिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व यह बना शरीरा’ के माध्यम से प्रकृति के इन पांच महत्वपूर्ण घटकों से जीवन निर्माण की बात कही थी। कहने का यही आशय है कि मिट्टी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के सह-सम्बंध से ही प्राणि मात्र का जीवन न केवल निर्मित होता है बल्कि उन्हीं के आधार पर संचालित भी होता है। प्राचीनकाल में ऋषि-मुनियों के आश्रम और आचार्यों के गुरुकुल भी सरिताओं के किनारे एवं जंगल के बीच ही स्थापित हुआ करते थे। वे एक प्रकार से संदेश देते थे कि यदि मानव को सुख और संतुष्टिमय जीवन जीना है तो उसे प्राकृतिक उपहारों और मानवेतर प्राणियों के साथ सह-जीविता के सिद्धान्त पर चलकर ही जीया जा सकता है। और खुशी की बात यह थी ऋषियों के इस मौन संदेश को मानव समाज ने सहजता से स्वीकार भी किया था। तभी तो प्रत्येक गेह में नेह के प्रतीक वृक्ष बहुलता से रोपित और पोषित किये जाते रहे थे। ‘एक वृक्ष दस पुत्र समान’ की लोक अवधारणा का उदय भी मानव और जंगल की मित्रता एवं सह-अस्तित्व के सिद्धान्त पर ही हुआ था। पिछली शताब्दी तक समाज जीवन में फलदार पौधारोपण को पुण्य और वृक्ष विनाश को पापकर्म समझा जाता रहा है। राजस्थान में विश्नोई समाज का वृक्षों के प्रति प्रेम और बलिदान विश्व विश्रुत है जिनसे प्रेरणा प्राप्त कर ही उत्तराखंड में ‘चिपको आंदोलन’ चला और सफल हुआ। लेकिन आधुनिक मानव सभ्यता व्यक्तिवादी चिंतन से प्रभावित है, इस कारण अपने सामाजिक कर्तव्य, दायित्व और संवेदना से परे होकर भोग और केवल भोग के पीछे भाग रही है। वह प्रकृति का संतुलित दोहन नहीं बल्कि शोषण पर आमादा है। इस नई पीढ़ी के लालच ने प्रकृति का विनाश किया है। जंगल काटे, नदियों के स्वच्छ जल को गंदा किया, वायु प्रदूषित की, पहाड़ों को खोद डाला और अंतरिक्ष को भी कचरे से भर दिया। प्रकृति से जब तक मानव का तादात्म्य बना रहा तब तक मानव सुखपूर्वक जीता रहा। लेकिन जब से मानव मन में प्रकृति से अधिकाधिक प्राप्त करने और बदले में कुछ न देने का भाव घर गया तब से विकृति पैदा हुई। जंगलों के विनाश से प्रकृति के फेफड़े बीमार हो गये और जैव विविधता एवं प्राकृतिक चक्र असंतुलित हुआ। औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण से हुए पर्यावरण विनाश की स्थिति का अंदाजा दुनियाभर में हुए शोध एवं सर्वेक्षणों से स्पष्ट है कि पिछले पचीस सालों में ही भारत के क्षेत्रफल का लगभग डेढ़ गुना जंगल मानव की भोगलिप्सा की भेट चढ़ चुका है। आक्सीजन के स्तर में हो रही निरन्तर कमी और हवा में घुलते जा रहे जहर ने ही मनुष्य को विनष्ट हुई वन सम्पदा की क्षतिपूर्ति के लिए सोचने एवं कुछ नया करने को मजबूर किया है। शहर के अन्दर जमीन के अभाव में विकल्प के रूप में बहुमंजिली इमारतों केे छज्जों, छतों और बालकनी में जंगल उगाने की कला विकसित की गई जो ‘वर्टिकल फारेस्ट’ के नाम से लोकप्रिय हो रही है। हालांकि मकानों की छतों और छज्जों में पहले भी पौधारोपण कर घरों को हरा-भरा रखने का प्रयास किया जाता रहा है पर वह केवल शौकिया स्तर पर था, जिसे ‘रूफ गार्डेन’ नाम से जाना जाता रहा है और जिसमें बहुत छोटे पौधे और बेलें ही रोपित की जाती रही हैं। लेकिन ‘वर्टिकल फारेस्ट’ वैज्ञानिक अवधारणा पर आधारित एक क्रियाशील प्रेरक माॅडल है जो मानव और प्रकृति के सह-अस्तित्व एवं पुरातन सम्बंधों की नवल व्याख्या है।
वायु एवं ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति ही ‘वर्टिकल फारेस्ट’ की पृष्ठभूमि है क्योंकि प्रत्येक वर्ष दुनिया भर में लाखों लोग प्रदूषित वायुू के कारण काल के गाल में समा रहे हैं। तो वायु शुद्धिकरण के लिए वैज्ञानिकों, पर्यावरणचिंतको एवं वास्तुकारों के गम्भीर चिंतन-मनन से उपजे ‘वर्टिकल फारेस्ट’ बनाने का विचार सर्वप्रथम 2009 में इटली के एक वास्तुकार स्टेफानो बोएरी ने प्रस्तुत किया था। ‘वर्टिकल फारेस्ट’ के अन्तर्गत ऐसी खास बहुमंजिली इमारतों का निर्माण किया जाता है जिसके कमरों, छज्जों एवं खुली छतों में पेड़-पौधे लगाये जाते र्है जो शहरी वायु को शुद्ध कर उसकी गुणवत्ता बेहतर कर सकें। स्टेफानो बोएरी ने ही दुनिया का पहला ‘वर्टिकल फारेस्ट’ इटली के मिलान शहर में 2014 में तैयार किया जिसमें 110 एवं 76 मीटर ऊंचे क्रमशः 26 एवं 18 मंजिलों वाले टावरों में पचास प्रजातियों के 10 से 20 फीट ऊंचाई वाले 500 बड़े वृक्ष, 300 छोटे वृक्ष, 5,000 झाड़ियां और 11,000 अन्य पौधे लगाये। भवन जंगल का भार वहन कर सकें और वृक्ष इतनी ऊंचाई पर तेज हवा के प्रवाह में टूटे-उखड़ें नहीं इसलिए वास्तुकार एवं वनस्पतिविद लौरा गट्टी के नेतृत्व में एक टीम ने तीन साल तक गहन शोध कर भवनों मे लगाई जा सकने वाली वृक्ष प्रजातियों की पहचान और चयन किया। साथ ही इमारतों की डिजायन भी तदनुरूप निश्चित एवं विकसित की गई। स्टेफानो बोएरी की ही देखरेख में एशिया का पहला ‘वर्टिकल फारेस्ट’ चीन के जियांग्सू प्रान्त में 200 एवं 108 मीटर ऊंचे दो टावरों में विकसित किया जा रहा है। इन्हीं के निर्देशन में नीदरलैंड में दुनिया का तीसरा ‘वर्टिकल फारेस्ट’ पर काम पूरा होने वाला है। भारत में भी इस दिशा में शोध एवं प्रयत्न गतिमान हैं। ये जंगल जहां शुद्ध वायु का उत्सर्जन करते हैं वहीं कार्बनडाई आॅक्साईड का अवशोषण भी। इसके साथ ही ये सड़कों की धूल से बचाते हैं और तेज धूप एवं कड़ी ठंढ से भी। एक प्रकार से ये मानव के रक्षा कवच के रूप में अपनी भूमिका निर्वहन् कर रहे हैं।
कह सकते हैं कि ‘वर्टिकल फारेस्ट’ एक नूतन फलक है जिसमें मानव द्वारा प्रकृति के शोषण के कथा-चित्र पूरी हरीतिमा और आभा के साथ पश्चाताप के रूप में अंकित हैं। भवनों में खुशी से झूमते जंगल और खिलखिलाते सुमनों में सुखद भविष्य की संभावना का सूरज नित मुस्काता है और वृक्षों की जड़ों में मानव-मन के प्रायश्चित के आंसू हैं और जिसमें आने वाली पीढ़ी के लिए मौन संदेश है कि यदि ंजंगल नहीं बचे तो हम भी नहीं बचेंगे।
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लेखक शिक्षक एवं शैक्षिक संवाद मंच उ.प्र. के संस्थापक हैं। मोबा. 9452085234,

नरैनी (करतल) क्षेत्रीय विधायक ने फीता काट किया जन आरोग्य मेले का उद्घाटन :-संतोष कुमार सोनी की रिपोर्ट

क्षेत्रीय विधायक ने फीता काट किया जन आरोग्य मेले का उद्घाटन
संतोष कुमार सोनी की रिपोर्ट


नरैनी (करतल) शासन की मँशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब, मजदूर एवँ क्षेत्रीय लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य सेप्रत्येक रविवार को जनपद बाँदा के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चलाये जा रहे ”जन आरोग्य मेला ”केअँतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ..नरैनी (बाँदा)के अधीक्षक डा. ब्रजेन्द्र सिंह राजपूत के कुशल निर्देशन मेंआज फिर रविवार के दिन कस्बा करतल के नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में इस मेले का आयोजन किया गया।

जिसमें राजकरन कबीर जी (क्षेत्रीय विधायक भा.ज.पा.)ने फीता काटकर शुभारम्भ किया इस मेले में कोरोना जाँच के साथ साथ कई सँक्रामक बीमारियों से बचाव , कोरोना वैक्सीनेशन का प्रचार प्रसार ,क्षय नियँत्रण ,परिवार नियोजन, तथा कई जानलेवा बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण आदि की स्लोगनों के माध्यम से जानकारियाँ दी गयीं तथा इस मेले के माध्यम से कस्बाई तथा क्षेत्रीय लोगों ने कई बीमारियों का इलाज कराकर लाभ उठाया।


इस मेले में क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर (भा.ज.पा)के साथ साथ डा. देवेन्द्र सिंह भदौरिया (जिला मँत्री भा.ज.पा.) वीरेन्द्र द्विवेदी मण्डल (महामँत्री भा.ज.पा.) रामदीन साहू( मण्डल उपा. भा.ज.पा)कुँवरपाल सिंह (मण्डल मँत्री भा.ज.पा)आदि रहे तथा स्वास्थ्य बिभाग से डा. ब्रिजेन्द्र सिंह राजपूत (अधीक्षक सामु. स्वा. केन्द्र नरैनी) डा. कौशलेन्द्र सिंह (चिकित्साधिकारी नया प्राथ. स्वा. केन्द्र करतल), पवन वामरे (डाँट्स) सामु.स्वा.केंद्र नरैनी, सँदीप द्विवेदी फार्मासिस्ट (नया प्राथमिक स्वा.केन्द्र करतल)तथा राजकीय मेडिकल कालेज बाँदा एवँ सामु. स्वा. केन्द्र.नरैनी से महिला एवँ पुरुष कई डाक्टरों की उपस्थिति रही जिन्होने हर तरह के मरीजों के उपचार में पूरा योगदान दिया।

मानव दानव बन गयाआत्माराम त्रिपाठी की✍🏻से

मानव दानव बन गया
आत्माराम त्रिपाठी की✍🏻से

मुख्य संपादक:सच्ची खबर


आज जिस तरह से महिलाओं बालिकाओं के साथ घटनाओं में इजाफा हो रहा है वह मानव में मानवीय मूल्यों का पतन और दानवी प्रवत्ति का अभ्युदय है मानव में भारतीय संस्कृति को विक्रत कर रख दिया है ।
आज कोई भी दिन ऐसा नहीं जाता जिस दिन अखबार एलक्ट्रानिक मिडिया में यह खबरें देखने सुनने पढ़ने को न मिले कि एक महिला, युवती, बालिका, वधू,बच्ची इन विक्रति मानसिकता से घिर चुके हैवानियत भरे हैवानों की हैवानियत की शिकार न हुई हो।
मन खिन्न है की आज मानव समाज कंहा किस ओर किस दिशा में जा रहा है। इतना नैतिक मूल्यों का पतन हो गया है कि भारतीय संस्कृति चित्कार रही है। जिस शक्ति से से मानव मानवता का उद्गम है आज उसी को रौंदता हुआ अपने कदम बढ़ा रहा है इंसान इंसान नहीं हैवान बनता जा रहा है इसी की परिणिति है आज की घटनाएं जिसमें महिलाएं षोणसी बालिकाएं और अब अबोध बच्चियां भी सुरक्षित नहीं रहीं।
बांदा जनपद के गिरवां थाना क्षेत्र के हुसैनपुर में एक छै वर्षीय कक्षा एक की अबोध बच्ची के साथ हुई दरिंदगी भरी घटना ने मनकों झकझोर के रख दिया है कटु शब्द लिखने के लिए कटु शब्द कम पड़ रहें हैं। कुछ महिलाओं ने फेसबुक में इस घटनाक्रम में अपने आक्रोश का इजहार भी किया है और तरह तरह की अपनी भावनाओं के तहत ऐसे दरिंदों के लिए कड़ी सजाएं दिलाएं जाने की मांग की है। महिलाओं द्वारा जिस तरह से फेसबुक के जरिए इस घटनाक्रम में अपनी भावनाओं को रखा है उससे उनकी पीड़ित हो रही आत्माओं का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।सो हम भी नारी शक्ति की भावनाओं का आदर करते हैं और अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले दरिंदों को महिलाओं की भावनाओं के अनुरूप सजा दिलाए जाने की मांग करते हैं।

पुलिस अधीक्षक बाँदा अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकामयाब अपहरण, लूट, मर्डर, बलात्कार से सहमा जनपद बांदा हैवानियत की पराकाष्ठा : 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म बलात्कारियों कि पैरवी में आए सत्ता पक्ष के विधायक?आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

पुलिस अधीक्षक बाँदा अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकामयाब

अपहरण, लूट, मर्डर, बलात्कार से सहमा जनपद बांदा

हैवानियत की पराकाष्ठा : छै वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म


आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

बांदा । बांदा में इंसानियत को शर्म सार करनें वाली वारदात हुई। घटना ऐसी जिसने मानवता को शर्मसार कर हैवानियत की भी हदें पार कर दी। जी हाँ यह दुष्कर्म की पराकाष्ठा है जंहा 6 साल की बच्ची के साथ हैवानियत की वारदात सामने आई है। पड़ोसी युवक बच्ची को घर से उठाकर सूनसान जगह मे ले गया और दुष्कर्म को अंजाम दिया। खून से लथपथ बेसुध हालत में घर पहुची बच्ची ने परिजनों से आपबीती बताई । परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने मासूम को गंभीर स्थिति में कानपुर रेफर कर दिया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच मे जुट गई है


आपको बता दें पूरा मामला गिरवा थाना क्षेत्र के कस्बे के सामने का है। जहां घर में खेल रही एक मासूम बच्ची को पड़ोसी युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और खेत में दुष्कर्म को अंजाम दिया। दुष्कर्म के बाद खून से लथपथ हालत मे बच्ची घर पहुची। परिवार बालों को वाकया बताया। आरोपी दरिंदगी भरी घटना को अंजाम देने के बाद भागने की फिराक मे था जिसे गिरवा थाना अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने हिरासत मे लेने के बाद पूछताछ मे जुट गई है। इलाके मे सनशनी फैली हुई है


पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया व पुलिस बल तैनात कर दिया गया है दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वही सूचना पाकर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय करण यादव समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी विधानसभा नरैनी से भरत लाल दिवाकर सहित आधा सैकड़ा समाजवादी नेता एवं कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिले एवं हर संभव मदद का भरोसा दिया।


बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से मांग की है कि घटना को त्वरित न्यायालय में चलाकर दोषी व्यक्ति को अबिलंब सजा दिलाई जाए।

बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से मांग की है कि घटना को त्वरित न्यायालय में चलाकर दोषी व्यक्ति को अबिलंब सजा दिलाई जाए।

बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा


कुछ लोगों का कहना है कि इसमें सत्तापक्ष का एक बिधायक अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रहा है इस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी का कहना है कि वह किसी के दबाव में नहीं है नहीं उन्हें इस घटनाक्रम को प्रभावित करने से संबंधित किसी ने कोई फोन नहीं किया। पुलिस अपना कार्य कर रही है।
जबकि दूसरी ओर जनचर्चा है अभियुक्त सत्ता पक्ष के एक बिधायक के सानिध्य में रहता रहा है।
खैर आज जिस तरह से जनपद में हत्या लूट अपहरण बलात्कार जैसे जघन्य घटनाओं की बाढ सी आ गई है वह पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल खड़े करती है।

सामाजिक समानता के रूप में मनाया गया खिचड़ी सह भोज @girishyadavbjp राज्यमंत्री विधायक जौनपुर सदर मुख्य अथिति रहे

सामाजिक समानता के रूप में मनाया गया खिचड़ी सह भोज



खुटहन (जौनपुर) 15 जनवरी खुटहन विकासखंड अंतर्गत मैंदासपट्टी ग्राम सभा के बंशीपुर पूर्वा में खिचड़ी सह भोज का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि पुनर्वास एवं शहरी आवास राज्य मंत्री गिरीश चंद यादव रहे।
उन्होंने सबके साथ मिलकर बैठकर खिचड़ी खा कर जनता को बिना भेदभाव के एक साथ रहने का संदेश दिया और साथ में भाजपा द्वारा किए गए कामों पर भी प्रकाश डाला और एक दूसरे को बिना भेदभाव जातिवाद को भुलाकर एक दूसरे के साथ में रहकर एक दूसरे का सहयोग करने का संदेश दिया उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया की हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम जनता के बीच जाकर उनकी तकलीफों को देख तुरंत उसका निदान करें और विकास का काम करें उन्होंने बंसीपुर में खुटहन जौनपुर से सड़क से नहर तक इंटरलॉकिंग और पुलिया के निर्माण का आश्वासन भी दिया और तमाम आए हुए लोगों के शिकायतों को तुरंत निस्तारण करने का आश्वासन भी दिया इस खिचड़ी भोज कार्यक्रम में प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह, वीडियो योगवेंद्र सिंह, नादौली ग्राम सभा के प्रधान जगन्नाथ यादव ,मद्रास पट्टी प्रधान चंद्रशेखर यादव, लालू, जिलाजीत, उमाशंकर ,बीडीसी अरुण कुमार साइकल, गभीरन मंडल अध्यक्ष मदन सोनी उपाध्यक्ष कमला सिंह ,बलिहारी राजभर ,रामसबद बिंद ,शशि कुमार ,पत्रकार विनोद विश्वकर्मा, सनी कुमार गुप्ता ,वह भाजपा के गभीरन मंडल के समस्त कार्यकर्ता व ग्रामवासी मौजूद रहे

बांदा : विशाल मेला व भव्य रोमांचक वालीबॉल टूर्नामेंट का हुआ आयोजनआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

मेला व वालीबॉल टूर्नामेंट का हुआ आयोजन
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


बाँदा : बबेरू थानांतर्गत बड़ागांव में आज दिन शुक्रवार को मकर संक्रांति के पावन पर्व विशाल मेले व वालीबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोग उपस्थित रहे, देश की आजादी के कुछ ही सालो बाद से ही यहां पर भव्य मेले का आयोजन किया गया है। इसकी क्षेत्र में बड़ी मान्यता है। हर वर्ष इस मेले का भव्य आयोजन किया जाता है। ग्रामीणों द्वारा आपस में मिलकर ही इस मेले का आयोजन किया जाता हैं, हजारों लोगों ने पहुँचकर मेले का भरपूर आनंद उठाया , इस मौके पर वालीबॉल खेल का भी आयोजन किया गया, जहां पर आज फाइनल मुकाबला इलाहाबाद बनाम मेहुती के बीच हुआ , जहां पर आज पूर्व सांसद बालकुमार पटेल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर सभी साथियों खिलाड़ियों का परिचय लेते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया ,

पूर्व सांसद बालकुमार पटेल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर सभी साथियों खिलाड़ियों का परिचय लेते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया ,

आपको बता दे कि वालीबॉल का मुकाबला काफी रोमांचक रहा, इस मौके अरुणेश सिंह पटेल ( संरक्षक- अवनि परिधि अस्पताल बाँदा, राममिलन पटेल एडवोकेट , दिनेश पटेल (जिलाध्यक्ष), शशांक पटेल, सुरेश पटेल (ग्राम प्रधान ) , अरुण सिंह पटेल (बसपा नेता), बोधगयापटेल ( प्रधान मिलाथु), अरुण कुमार पटेल (विधानसभा अध्यक्ष अपना दल एस बबेरू), पी सी पटेल जनसेवक , शिशिर सिंह , देवेंद्र कुमार पंकज पटेल (भदेहदु) ,प्रखर सिंह, राकेश गुप्ता , विवेक मिश्र, मन्नू सिंह, सहित क्षेत्र के सभी सम्मानित व गणमान्य लोग उपस्थित रहे ,

झलकियां

विवाद बातचीत से हल हो या फिर संबिधान के दायरे में आत्माराम त्रिपाठी की ✍🏻 से

मुख्य संपादक:सच्ची खबर

विवाद य तो बातचीत से हल हो या फिर संबिधान के दायरे में
आत्माराम त्रिपाठी की ✍🏻 से
लोकतंत्र में जरूरी है कि विवाद य तो बातचीत से हल हो या फिर संबिधान के दायरे में न्यायिक समीक्षा द्वारा, पर हाल का किसान आंदोलन इस मामले में निराशा जनक है कि सरकार ने मामले को सुप्रीम कोर्ट भेजने की बात की।संविधान की रोशनी में सरकार ने मामले को स्वयं आगे बढ़कर समाधान की तलाश करनी चाहिए।
हमारे तंत्र पर ऐसे खतरे तब तक मंडराते रहेंगे जब तक हम संविधान में शामिल धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता,य कानून के सामने सबकी बराबरी जैसे मूल्यों को अपनी जीवन पद्धति का अंग नहीं बनाएंगे।
संविधान में दर्ज शब्द कितने खोखले हो सकते हैं इस पर लिखना कुछ कहना तो जल्दबाजी होगी।पर इसको लेकर आम जनमानस में कई सवाल उठ रहे हैं जिसका जवाब आज य कल किसी न किसी को देना पड़ेगा।
किसान आंदोलन को सुलझाने को लेकर भारत सरकार वक्त चाहती है लेकिन अदालत एक समिति का गठन कर सकती है जिसमें किसान नेताओं द्वारा असहमति जताई जा रही है। समिति के गठन क्रषि कानूनों की समीक्षा और अंतिम रिपोर्ट में काफी समय लग सकता है। अतः शीर्ष अदालत यदि समिति का गठन करें तो फिर उसकी रिपोर्ट के लिए भी एक न्यूनतम समय-सीमा तय होनी चाहिए।
सर्वोच्च न्यायालय ने उचित ही यह स्पष्ट कर दिया है कि संविधान सम्मत जो भी होगा वह अवश्य करेगी।
अदालत का साहसिक रूख दोनो पक्षों को समाधान के लिए प्रेरित करना है वो स्वाभाविक है। ऐसे विवादों को सुलझाने में जितनी साफगोई रहे उतना ही अच्छा है जो संविधान की रोशनी में उचित या व्यावहारिक है उसी दिशा में बढ़ना आज समय की मांग है अदालत की ओर से सामने आया तीसरा संकेत दिए हैं कि सरकार कृषि कानूनों के फायदे के प्रति अदालत को सहमति या आश्वस्त नहीं कर सकी है सरकार अगर आश्वस्त कर देती तो अदालत को समिति गठन की जरूरत महसूस नहीं होती।
सबसे जरूरी है किसानों का आश्वस्त होना अभी भी सरकार के पास मौका है किसानों के साथ अगली बातचीत में क्रश कानूनों के ठोस फायदों के साथ किसानों को आश्वस्त करने की जरूरत है जो समिति बनेगी वह भी यही काम करेगी किसानों व सरकार को इस प्रक्रिया से गुजना ही होगा।
किसानों को समिति से इंकार का हक छोड़ देना चाहिए बेहतर यही होगा कि किसान यह समझने का प्रयास करें कि यह कृष कानून किस तरह उनके प्रतिकूल है।
की होगी या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित।लोग जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं। प्रतिकूल मौसम में लंबे समय तक ऐसे आंदोलन को चलना किसी के लिए भी सही नहीं है बुजुर्ग महिला और बच्चे जान जोखिम में डालकर सड़कों पर बैठे हैं।
कड़ाके की सर्दी भी है और उसमें बारिश ने भी के हाल कर रखा है लोगों को सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं अगर यह विवाद गणतंत्र दिवस से पहले सुलझ जाए तो यह इस देश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

इंस्पेक्टर के सराहनीय कार्य को बॉर्डर लॉयर्स संस्था ने सराहा ,प्रेसिडेंट विनय कुमार पांडे ने दिया प्रशस्ति पत्र

इंस्पेक्टर के सराहनीय कार्य को बॉर्डर लॉयर्स संस्था ने सराहा ,प्रेसिडेंट विनय कुमार पांडे ने दिया प्रशस्ति पत्र



महाराजगंज यातायात प्रभारी विनोद कुमार यादव जबसे महाराजगंज मैं ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभाली तभी से उनके द्वारा समाज को देखते हुए तरह-तरह के सामाजिक कार्य किया गया लेकिन कोरोना के समय लोगों को जागरूक करना और अपने विभाग को सतर्क और सावधान रहते हुए लोगों की सेवा करना अभी हाल ही में उनके द्वारा एक सराहनीय कार्य किया गया जिसकी खूब प्रशंसा हुई आपको बताते चलें कि एक दिन विनोद कुमार यादव अपने पुलिस बल के साथ जब गश्ती कर रहे थे 7 जनवरी 2021 की बात है।तभी चिउरहां वार्ड के नहर की पटरियों पर टहलता एक पाँच वर्ष का बच्चा दिखा था,दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आया तो विनोद यादव ने आशंका जताई थी।और बच्चे के पास पहुँचे विनोद यादव ने बच्चे से बात करना चाहा तो पता चला कि बच्चा मानसिक रूप से विक्षिप्त था।यातायात प्रभारी विनोद यादव ने बच्चे को लेकर करीब के गाँव में पहुंचे लेकिन वहाँ लोग बच्चे को पहचानने से इनकार कर दिए थे।विनोद बच्चे को लेकर थाना कोतवाली पहुँचे जहाँ उसे भोजन व रहने का प्रबंध किया था।इनके इस कार्य को पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने भी खूब सराहा था।

सामाजिक संस्था बॉर्डर लॉयर्स के प्रेसिडेंट विनय कुमार पांडे एडवोकेट ने अपने सहयोगियों के साथ ट्रैफिक इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव को प्रशस्ति पत्र,प्रमाण पत्र व साल देकर उनके द्वारा किये गए कार्यों को सराहा और बताया कि समाज में स्वास्थ्य,शिक्षा, सुरक्षा, पोषण,यातायात एवं बाल कल्याण सम्बंधित उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को हमारी संस्था पर ताम्र पत्र,प्रमाण पत्र, सम्मान पत्र व उपाधि देकर सम्मानित करती है।इस कार्यक्रम के दौरान बॉर्डर लॉयर्स के संस्थापक /प्रेसिडेंट वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ,वरिष्ठ पत्रकार व संस्था के महासचिव सत्य प्रकाश तिवारी, ग्राम विकास अधिकारी ब्रजेंद्र श्रीवास्तव व कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

संगम नगरी में बिना मास्क के आए हुए श्रद्धालुओं को I.J.A प्रयागराज इकाई द्वारा मास्क वितरण कर कोविड-19 के नियमों का पालन करने का दिया संदेश।

संगम नगरी में बिना मास्क के आए हुए श्रद्धालुओं को I.J.A प्रयागराज इकाई द्वारा मास्क वितरण कर कोविड-19 के नियमों का पालन करने का दिया संदेश।



इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रयागराज इकाई के जिला अध्यक्ष मो. रिजवान के दिशा निर्देश पर जिला महासचिव राधे कृष्ण तिवारी के नेतृत्व में कोरोना काल के समय सरकार की बड़ी चुनौतियों के बीच संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन को देखते हुए मेला क्षेत्र में मास्क का वितरण कर कोविड-19 के नियमों का पालन करने का दिया संदेश।
उत्तर प्रदेश जनपद प्रयागराज के संगम नगरी में मकर संक्रांति स्नान के साथ ही गुरुवार को संगम तीर्थ 57 दिनों तक चलने वाला धर्म-अध्यात्म का समागम माघ मेले के रूप में शुरू हो गया। सरकार द्वारा जारी कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार मेले में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को कोविड-19 के नियमों का पालन भी करना है लेकिन इन सबके बावजूद भी सोशल डिस्टेंसिंग ना चाह कर भी बनाई नहीं जा सकती इसीलिए सभी श्रद्धालुओं को मास्क व सैनिटाइजर का उपयोग भी करना है निरंतर समयानुसार।
कोरोना के चलते मेला क्षेत्र स्थित अस्पतालों में व्यापक तैयारियां हैं। करीब पांच हजार जवानों की ड्यूटी लगाई गई है, इनमें आरएएफ व एटीएस कमांडो भी हैं। लगभग 13 थाने और 36 पुलिस चौकियां क्रियाशील हैं।
हजारों श्रद्धालु मकर संक्रांति पर पावन त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई । सभी इंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्कैनिंग कोरोना संक्रमण की वजह से विशेष सतर्कता है। मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो अस्पताल हैं। यहां कोरोना जांच भी होगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 10 है। कुल 16 इंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्कैनिंग व कोविड रिपोर्ट जांचने के बाद श्रद्धालुओं को प्रवेश मिला।
माघ मेला क्षेत्र इस बार 641.5 बीघा है। इसे दो जोन और पांच सेक्टर में बांटा गया है। पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक कल्पवास किया जाता है।

इस दौरान संगम नगरी माघ मेला स्थल पर मौजूद रहे इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिला महासचिव राधे कृष्ण तिवारी, जिला कार्यालय सचिव अमरीश अग्रवाल, सदस्य: सुबीर दत्ता, अफरोज सिद्दीकी, इरफान अहमद, प्रतीक अग्रवाल वह अन्य साथी गण उपस्थित रहे।