#जौनपुर जाफराबाद इंस्पेक्टर ने 7 जुआड़ियों को दबोचा✍️दीपक गुप्ता

*7 जुआड़ियों को पुलिस ने दबोचा*

✍️दीपक गुप्ता

थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह :-file photo



जौनपुर:जफराबाद थाना क्षेत्र स्थित महरूपुर के समीप फोर लेन हाईवे पर बन रहे ओवर ब्रिज के नीचे जुआड़ियों के जुआ खेलने की सूचना पुलिस को मुखबीर द्वारा सूचना मिली थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए दबिश दी तो पुलिस को 7 जुआड़ी जुआ खेलते मिले पुलिस ने मौके पर जुआड़ियों को हिरासत में ले लिया और कुछ जुआड़ी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए फिलहाल पुलिस ने सभी जुआड़ियों की जामा तलाशी ली तो सभी के पास से लगभग 60 हजार नगद बरामद किया है,पुलिस ने सभी 7 जुआड़ियों को जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया ।

दिव्यांग महिला की समस्या सुनने के लिए #डॉ_अंकिता_राज बैठी जमीन पर #जिलाधिकारी #जौनपुर मनीष वर्मा की पत्नी है डॉ अंकिता साथ ही #आकांक्षा_समिति की अध्यक्ष है। आकांक्षा समिति असहाय महिलाओं कि आकांक्षाओं को पूरा करने में सहयोग करती है #मिशन_शक्ति

दिव्यांग महिला की समस्या सुनने के लिए डीएम की पत्नी बैठी जमीन पर



जौनपुर। मिशन शक्ति के अंतर्गत पुलिस लाइन के सम्मेलन कक्ष में महिला सिपाहियों तथा पुलिस लाइन की महिलाओं के साथ आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ0 अंकिता राज ने परिचर्चा का आयोजन किया। डॉ.अंकिता राज ने एक-एक महिलाओं के पास जाकर उनका हाल-चाल पूछा और उनके हुनर के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी महिलाओं से कहा कि आपके अंदर कोई स्किल डेवलप करने के उपाय हो तो उन्हें अवगत कराएं, आपके हुनर को आगे बढाने में मैं स्वयं आपका सहयोग करूंगी और उसको ग्रीनहाथ ब्रान्ड के माध्यम से सेल करूंगी, जिसके माध्यम से आप अपने अंदर के हुनर को सबके सामने ला सकती है तथा अपने को आत्मनिर्भर बना सकती है। डॉ अंकित राज ने कहा कि महिलाये अपने हुनर को दबाने की बजाय सबके समाने लाये, इसमें मेरा पूर्ण सहयोग रहेगा। उन्होंने बताया कि कौशाम्बी की एक अर्दली की पत्नी है जो हमसे जुड़ी है और आज अपने हुनर से कई समानो को तैयार करती है और सेल करती है तथा उससे जो आय होती है उसके एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। उन्होंने अपना व्हाट्सअप नम्बर देकर महिलाओं को उस पर अपने द्वारा तैयार किये गये समानो को उस पर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि कोई महिला यदि महिलाओं पर इवेंट कराना चाहती है तो बता सकती है।

इस दौरान दिव्यांग महिला सरिता यादव वहां पहुंची, जिसको देखते ही डॉ.अंकित राज ने खुद जमीन पर बैठकर उनकी समस्या सुनी और उनसे पूछा आप कुछ बनाती है क्या, जिस पर सरिता द्वारा बताया गया कि वह उन के तोरन से कुछ सामान तैयार करती हैं, जिस पर डॉ अंकित राज ने सरिता को 200 रुपये देकर बोला इसका कुछ सामान तैयार करके हमको बताये और उस सामान को मै खरीद लूंगी तथा अगली बार आयें तो पासबुक की कॉपी भी साथ लेकर आयें। वह जो भी सामान तैयार करेगी उसको हम सेल करेगे और उसका पैसा उनके खाते में जायेगा। इस अवसर पर महिला थानाध्यक्ष किरन मिश्रा आर आई रजत पाल राव तथा उनकी पत्नी पूजा उपस्थित रही।

पडमई के प्राइमरी विद्यालय में ग्राम प्रधान व सचिव ने मिलकर किया लाखों रुपए का गबन कर किया बंदरबाट आए जांच चपेट मेंआत्माराम त्रिपाठी के साथहरी शंकर की रिपोर्ट

पडमई के प्राइमरी विद्यालय में ग्राम प्रधान व सचिव ने मिलकर किया लाखों रुपए का गबन कर किया बंदरबाट आए जांच चपेट में
आत्माराम त्रिपाठी के साथ
हरी शंकर की रिपोर्ट
बांदा जनपद के नरैनी तहसील क्षेत्र के पड़मई गांव का पूरा मामला है।जंहा पर बने प्राइमरी विद्यालय में टाइल्स लगाने के नाम पर ग्राम प्रधान माया वर्मा एवं प्रधान पति रमेश वर्मा पंचायत सचिव योगेश कुमार द्वारा 221350 रुपए का फर्जी बिल वाउचर बनाकर धन राशि निकालकर गबन कर लिया गया है ।जिसकी शिकायत गांव के ही कामता सिंह ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी जिस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग द्वारा जांच टीम गठित करते हुए विभाग के संजय कुमार ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रखंड बांदा के द्वारा जांच स्थल पर पहुंचकर जांच की गई तो पाया गया कि वहां पर कोई कार्य नहीं हुआ है और धन का बंदरबांट किया गया है साथ ही सचिव व प्रधान को संबंधित अभिलेख लेकर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था लेकिन उपस्थित नहीं हुए हैं जिस पर अवर अभियंता ने अपनी रिपोर्ट प्रेषित करते हैं बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सत्य पाए गए हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार जहां भ्रष्टाचार कम करने का दावा कर रही है वहां ऐसे कर्मचारी व ग्राम प्रधानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है यह कोई नई बात नहीं है यदि देखा जाए तो हर जगह भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है चाहे वह अवैध खनन हो या फिर निर्माण कार्य भ्रष्टाचार तो अपनी जगह पूरी तरह से फल फूल रहा है केंद्र व प्रदेश की सरकारें चाहे जितनी भी कोशिश करें लेकिन फिर भी वह नाकाम साबित हो रही है।

पंचायत चुनाव प्रक्रिया मे आया नया मोड़ 2015 के आरक्षण नियमावली होगी लागूआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

पंचायत चुनाव प्रक्रिया मे आया नया मोड़ 2015 के आरक्षण नियमावली होगी लागू
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
लखनऊ उ प्र पंचायत चुनाव मे कोर्ट के दखल के बाद नया मोड़ आ गया हैै । अब 1995 नही 2015 की नियमावली को माना गया हैै चुनाव प्रक्रिया मे आरक्षण प्रक्रिया का आधार ।
इस निर्णय से आरक्षण प्रक्रिया फिर से होने के आसार हैं । एक बड़ी खबर के अनुसार
हाईकोर्ट ने उ प्र पंचायत चुनाव आरक्षण में 2015 को ही आधार माना है।
हाईकोर्ट ने 1995 के सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है। और नया चुनाव 2015आरक्षण प्रक्रिया के अनुसार कराने का आदेश जारी किया हैै ।
आधे घंटे की बहस के बाद कोर्ट के निर्णय से यू पी सरकार के वर्तमान प्रक्रिया को बड़ा झटका लगा हैै ।
कोर्ट ने यूपी सरकार को 10 दिन का समय देते हुये पुनः आरक्षण सूची जारी करतें हुये चुनाव कराने का निर्देश जारी किया हैै ।
सूत्रों की माने तो 27 मार्च तक पुनः आरक्षण सूची जारी हो सकता हैै ।
कुछ उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी हैै तो कुछ के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा हैै ।

लखनऊ-त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अपडेटआत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

लखनऊ-त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अपडेट
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण सूची में खामी को लेकर सरकार ने अपनी गलती मानी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वर्ष 2015 के आधार पर आरक्षण प्रणाली को लागू कर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 2015 को आधार वर्ष मानकर आरक्षण पूरा करने का आदेश राज्य सरकार और चुनाव आयोग को दिया है। इससे पहले राज्य सरकार ने अदालत में स्वयं कहा कि वह 2015 को आधार वर्ष मानकर त्रिस्तरीय चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए स्वयं तत्पर है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने माना कि सरकार से आरक्षण प्रक्रिया लागू करने में गलती हुई। यह तथ्य सामने आने के बाद अदालत ने पंचायत चुनाव को 25 मई तक पूरा करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही 27 मार्च तक संशोधित आरक्षण सूची जारी करने का निर्देश भी दिया है। प्रदेश सरकार इससे पहले 17 मार्च को ही आरक्षण की संशोधित सूचित जारी करने की तैयारी में थी।
इससे पहले इलाहाबाद की एक डिवीजन बेंच ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को 15 मई तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। उपरोक्त निर्देश न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी एवं न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने अजय कुमार की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर पारित किया था। इस याचिका में 1995 को 20 वर्ष मानकर आरक्षण तय करने को चुनौती दी गई थी। अजय कुमार की जनहित याचिका हाईकोर्ट दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने आरक्षण की फाइनल सूची जारी करने पर रोक लगा दी थी और आरक्षण की प्रक्रिया पर सरकार और राज्य चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।
आरक्षण को लेकर दायर की गई याचिका में 11 फरवरी 2021 के यूपी शासनादेश को चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किए जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। इसके साथ ही कहा गया कि आरक्षण लागू के संबंध में 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए थे, लेकिन 16 सितंबर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए साल 1995 के बजाय साल 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई थी।

UP Panchayat Election 2021 : यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला, 2015 के आधार पर होगा आरक्षण

UP Panchayat Election 2021 : यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला, 2015 के आधार पर होगा आरक्षण

लखनऊ। यूपी पंचायत चुनावों में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने स्वयं कहा कि वह वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश पारित किए हैं।आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किये जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, सेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। कहा गया कि आरक्षण लागू किये जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए।याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किये जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किय अजाना उचित नहीं होगा। कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष माना गया है। यह भी कहा गया कि वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव भी 16 सितम्बर 2015 के शासनादेश के ही अनुसार सम्पन्न हुए थे

सपा सुप्रीमो पर मुकदमा दर्ज मुरादाबाद में पत्रकार से सुरक्षा गार्डों की हाथापाई का मामला सपा समर्थकों में उबाल

ब्रेकिंग सपा सुप्रीमो पर मुकदमा दर्ज मुरादाबाद में पत्रकार से सुरक्षा गार्डों की हाथापाई का मामला

*अपडेट*

https://twitter.com/BrajeshYadavSP/status/1370685304420458496?s=19



मुरादाबाद -सपा मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में सुरक्षा कर्मियों और पत्रकारों के बीच हुई धक्कामुक्की मामले में अखिलेश यादव के खिलाफ धारा 147 342 और 323 में मुरादाबाद के थानां पकबारा में दर्ज हुई एफआईआर
20 अन्य सपा नेताओं पर भी मुकदमा किया गया।

*अपडेट एफआईआर vs एफआईआर*
#मुरादाबाद-अखिलेश यादव पर दर्ज मुकदमे के बाद पत्रकारों पर भी मामला दर्ज,एबीपी न्यूज़ के उबैद उर रहमान,न्यूज़ 18 के पत्रकार फ़रीद शम्सी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज,धारा 160 /341 / 332 / 353 / 504 / 499 / 120 B में मामला दर्ज,सपा ज़िला अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने कराया मामला दर्ज।

ग़ाज़ियाबाद के मंदिर में पानी पीकर प्यास बुझाने की वजह से 13 साल के आसिफ़ को बेरहमी से पीटने की घटना पर @mandalarmychief ने कहा इसके पिछे मदारी कोई और है

ग़ाज़ियाबाद के मंदिर में पानी पीकर प्यास बुझाने की वजह से 13 साल के आसिफ़ को बेरहमी से पीटने वाले दरिंदे श्रृंगीनंदन यादव को मसूरी थाने की पुलिस ने डासना से गिरफ्तार कर लिया है।यह बिहार के भागलपुर का रहने वाला है। संभवतः इसके पीछे मदारी कोई और ही है।

पर जो भी हो ऐसे दरिंदे समाज में बर्दास्त नहीं किये जा सकते। मैं @Uppolice से इसके लिए कड़ी सजा की मांग करता हूँ। मैं भागलपुर बिहार के यादवों से इसके व इसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की अपील करता हूँ। ये संस्कार यादव समाज के नहीं हैं और बर्दाश्त भी नहीं किये जाने चाहिए।

यदि आज हम इसको बर्दाश्त कर बढ़ावा देंगे तो कल को आसिफ की जगह मेरा या आपका बच्चा ऐसे ही किसी दरिंदे की दरिंदगी का शिकार हो सकता है। बचपन ,इंसानियत और मानवता को बचाने के लिए इसे कड़ी सजा व परिवार का सामाजिक बहिष्कार होना ही चाहिए।

अनिरुध्द सिंह विद्रोही
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मंडल आर्मी

यूपी में पंचायत चुनाव पर ब्रेक. हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाई.

यूपी में पंचायत चुनाव पर ब्रेक. हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाई.

*यूपी में पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरक्षण प्रक्रिया पर लगाई अंतरिम रोक*



उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जुटी राज्य सरकार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शुक्रवार को पंचायत चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने आरक्षण व आवंटन कार्रवाई पर रोक लगाने के साथ सोमवार यानी 15 मार्च को राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी एवं न्यायमूर्ति मनीष माथुर की पीठ ने अजय कुमार की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के फैसले के बाद अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि शासन के अगले आदेश तक पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 के लिए आरक्षण व आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए। पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के स्थानों और पदों का आरक्षण व आवंटन के लिए 11 फरवरी, 2021 को अधिसूचना जारी की गई, जिसके विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सरकार ने आरक्षण नियमावली जारी करते हुए चक्रानुक्रम फार्मूले पर आरक्षित सीटें निश्चित करने का निर्णय लिया था। वो पद जो गत पांच चुनावों में कभी आरक्षण के दायरे में नहीं आए, उनको प्राथमिकता के आधार पर आरक्षित किया जाना था। साथ ही वर्ष 2015 में जो पद जिस वर्ग में आरक्षित था इस बार उस वर्ग में आरक्षित नहीं रहेगा। यानी आरक्षण के चक्रानुक्रम में आगे बढ़ा जाएगा।

अपना दल एस पार्टी की मासिक बैठक हुई सम्पन्न

अपना दल एस पार्टी की मासिक बैठक हुई सम्पन्न



बाँदा:- आज अपना दल एस पार्टी की जिले स्तर की बैठक जिलाध्यक्ष रमनरेश पटेल की अध्यक्षता में पटेल सेवा संस्थान बाँदा में संपन्न हुई, जिसमे मुख्य अतिथि के रूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नरेंद्र विद्यार्थी, विशिष्ट अतिथि के रूप प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मंच नफीस खान , व संचालन के रूप में प्रदेश महासचिव बौद्धिक मंच कृष्णेन्द्र पटेल उपस्थित रहे, इस मौके पर सभी पदाधिकारीगण व पुराने बुज़ुर्ग कार्यकर्ताओं ने अपने – अपने विचार व्यक्त किए है , इस बैठक में मुख्य रूप से पार्टी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई तथा आगामी 15 मार्च को काशीराम जी की जयंती मनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को आगाह किया गया, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पार्टी द्वारा जिले की सभी वार्डो से प्रत्याशी उतारने पर व संगठन को मजबूत व विस्तार करने पर जोर दिया गया , साथ जिलाध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से अपील की सभी राष्ट्रीय नेताओ के होने वाले कार्यक्रम में बढ चढ़कर हिस्सा लेने के लिए कहा गया , और पार्टी व राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रचार – प्रसार जोरदार करने के लिए अपील की , इस मौके पर अरुण कुमार पटेल (विधानसभा अध्यक्ष बबेरू)राजभईया यादव , संदीप गुप्ता , जयकरन बाबूजी , शालिनी सिंह, हनुमान पांडे , राकेश राजपूत , विष्णु पटेल, सरीफ खान , अवध बिहारी पटेल, राजेन्द्र पटेल, लालबहादुर , अखिलेश सिंह , श्यामबाबू पटेल, बसंत पटेल, राजकिशोर , कामता पटेल, राजभईया पटेल, दिनेश पटेल, हरिओम शुक्ल , अमर सिंह रैकवार, एस पी सिंह पटेल,वीरेंद्र पटेल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे ।।