कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर यू एस गौतम ने फर्जी तरीके से अपने आपको बताया संस्था का अध्यक्ष ।आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर यू एस गौतम ने फर्जी तरीके से अपने आपको बताया संस्था का अध्यक्ष ।
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा दिल्ली की संस्था का अपने आप को स्वयंभू अध्यक्ष घोषित करने पर संस्था के अध्यक्ष ने किया खंडन अध्यक्ष ने कहा एक अध्यक्ष तो फिर दूसरा अध्यक्ष कैसे हो सकता है ।संस्था के नाम का डॉ, यू,एस गौतम कर रहे हैं दुरुपयोग । प्रोफेसर आरपी सिंह अध्यक्ष
कृषि क्षेत्र में पूरे देश में काम कर रही संस्था इंडियन सोसायटी आफ एक्सटेंशन एजुकेशन कृषि प्रसार संभाग आई सी ए आर आई आर आई नई दिल्ली द्वारा भेजे गए पत्र में संस्था के अध्यक्ष वर्तमान कुलपति स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर राजस्थान ने पिछले दिनों बाँदा से छपी बाँदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ यू एस गौतम द्वारा फर्जी तरीके से अपने आप को बिना चुनाव के इस संस्था का अध्यक्ष घोषित करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बताया कि वह वैधानिक चुनाव द्वारा 2019 से वर्ष 2022 तक के लिए अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे एवं प्रोफेसर आरपी सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचित कार्यकारिणी सोसाइटी के नियमावली के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वाहन सतत रूप से कर रहे हैं क्योंकि सोसाइटी के द्वारा प्रकाशित की जाने वाली देश के सर्वोच्च एन ए के एस रेटिंग राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी वाली शोध पत्रिका इंडियन जर्नल आफ एक्सटेंशन एजुकेशन निरंतर रूप से प्रकाशित हो रही है सोसाइटी का अगला चुनाव अधिकारी परिषद के कार्यकाल पूरा होने के पश्चात सोसाइटी के संविधान के अनुसार होगा गौरतलब है कि सोसायटी द्वारा अधिकारी ग्रुप से किसी भी चुनाव के की घोषणा नहीं की गई है इसलिए गौतम के इंडियन सोसायटी आफ एक्सटेंशन एजुकेशन संभाग आईसीएआर नई दिल्ली के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने की खबर असंवैधानिक अवैध तथा भ्रामक व गलत है । संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर आरपी सिंह ने देश के सभी कृषि वैज्ञानिकों को सचेत करते हुए कहा कि डॉ यू एस गौतम द्वारा संस्था के नाम पर किसी तरह का कार्य धोखाधड़ी कर मीटिंग, रजिस्ट्रेशन नंबर, का उपयोग शोध पत्रिका का प्रकाशन प्रतीक सिंह लेटर पैड का दुरुपयोग अन्य कार्य किया जा रहा है जो सोसाइटी के नियमों के विरुद्ध है डॉ योगेश गौतम द्वारा विगत 2 वर्ष से सोसायटी के नियम कानून के विरुद्ध किए गए कार्यों के मद्देनजर इंडियन सोसायटी आफ एक्सटेंशन एजुकेशन कृषि एवं प्रसार संभाग माननीय न्यायालय पटियाला हाउस कोर्ट नई दिल्ली में वाद संख्या 1051/2019 एवं636/2020 विचाराधीन है ।

राजस्थानी महिला मंडल मुम्बई द्वारा पिछले 55 वर्षों से निरंतर विविध सेवा कार्य जारी है – श्रीमती मंजू मंगलप्रभात लोढ़ारवि यादव /मुबंई

Press Note:
*राजस्थानी महिला मंडल मुम्बई द्वारा पिछले 55 वर्षों से निरंतर विविध सेवा कार्य जारी है – श्रीमती मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा*
रवि यादव /मुबंई


मुबंई, वैश्विक महामारी कोरोना काल में एक ओर जहां पूरा विश्व लगभग थम सा गया है, वहीं कुछ लोग विभिन्न समाजिक संस्थाओं के माध्यम से सेवा कार्य को नित्य नये आयाम तक पहूंचाने में व्यस्त है। ऐसी ही एक संस्था है राजस्थानी महिला मंडल मुम्बई। मुम्बई के कुछ घरेलु राजस्थानी महिलाओं द्वारा सन 1965 में स्थापित इस संस्था आज अपनी निरंतर सेवा कार्यों के माध्यम से मुम्बई ही नहीं देश के प्रमुख समाजिक संस्थाओं में अपना स्थान स्थापित किया है।

संस्था की उपाध्यक्षा व सुप्रसिद्ध समाजसेविका, परमवीर-अ वार डायरी की लेखिका श्रीमती मंजू लोढ़ा ने बतलाया कि यह संस्था पिछले 55 वर्षों से निरंतर समाजसेवा का कार्य करती आ रही है। वर्तमान में 16 से अधिक विविध समाजिक गतिविधियां संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है। संस्था द्वारा विभिन्न परियोजनाओं को महिलाओं की एक समर्पित टीम के बीच विभाजित किया जाता है, जो सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रत्येक गतिविधि की निगरानी करती हैं। न्यासी बोर्ड प्रत्येक परियोजना के प्रशासन और वित्तीय आवंटन पर अंतिम निर्णय लेता है। मंडल को गैर सरकारी संगठन का दर्जा प्राप्त है और विभिन्न वर्गों में सभी वस्तुओं को उचित बिल और रसीद के साथ बेचा जाता है।

श्रीमती मंजू लोढ़ा ने बतलाया कि इस संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण, प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता जैसै कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जाती है। वर्तमान करोना काल में जब पूरा विश्व आर्थिक मंदी की ओर बढ़ रही थी, लोग घरों में कैद से हो गये थे, घर में आय का कोई साधन नहीं दिख रहा था, वैसे विषम परिस्थिति में भी राजस्थानी महिला मंड़ल ने कार्य किया। घरेलु महिलाओं के लिए ऑनलाइन वैश्विक बाजर की शुरूआत कर नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य हमने किया। मध्यम आय वर्ग की महिलाओं द्वारा स्वच्छतापूर्ण हस्तनिर्मित पापड, आचार, मसाला आदि खाद्य-पदार्थ तथा विविध गृह-सज्जा हेतु विविध वस्तुओं को ऑनलाईन के माध्यम से बेंचकर हमने उनके लिए आय के नये स्रोत का सृजन किया गया।

संस्था की अध्यक्षा श्रीमती लता रूंगटा ने बतलाया राष्ट्रीय आपदा काल में संस्था व संस्था सदस्यों ने सदैव आगे बढ़कर मदद किया है। देश के किसी भी भाग में प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, सुखा, भुकम्प आदि में आर्थिक सहायता के साथ ही मानवीय व चिकित्सा सहायता संस्था उपलब्ध करवाती आ रही है। वर्तमान कोरोना काल में भी संस्था द्वारा लोगों को भोजन, पानी व अन्य खाद्य-सामग्री का भरपूर वितरण किया। कई स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को प्रतिदिन नाश्ता व भोजन के साथ उपयुक्त चिकित्सा सहायता व दवा भी संस्था द्वारा उपलब्ध करवाया गया।

राजस्थानी महिला मंड़ल मुम्बई द्वारा हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के एक-एक विद्यालय का संचालन भी किया जाता है। हिन्दी माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक बच्चे तथा अग्रेजी माध्यम से 5 हजार से अधिक बच्चों ने शिक्षा ग्रहण कर देश के विकास में अपनी-अपनी भुमिका निभा रहे है। संस्था द्वारा संचालित स्वास्थ्य केद्र के माध्यम से प्रतिमाह सैकड़ों लोगों को विविध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। मुस्कान के माध्यम से सीनियर सिटीजन के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कुल मिलाकर यह संस्था जीवन के हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है।

आईपीएस अमिताभ ठाकुर की बढ़ीं मुश्किलें, शासन ने लगाए ये तीन आरोप @jaunpurpolice @amitabhthakur

आईपीएस अमिताभ ठाकुर की बढ़ीं मुश्किलें, शासन ने लगाए ये तीन आरोप 

शासन के गृह विभाग ने आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के खिलाफ पांचवीं विभागीय कार्यवाही में आरोपपत्र जारी कर दिया है। इसमें उन पर तीन आरोप लगाये गए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से जारी आरोप पत्र के अनुसार अमिताभ द्वारा 16 नवंबर 1993 को आईपीएस की सेवा शुरू करते समय अपनी संपत्ति का ब्योरा शासन को नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने 1993 से 1999 तक का वर्षवार संपत्ति विवरण शासन को एकमुश्त दे दिया।

आरोप पत्र में कहा गया है कि अमिताभ ठाकुर द्वारा वर्षवार दिए गए वार्षिक संपत्ति विवरण में काफी भिन्नताएं हैं। उन्होंने पत्नी व बच्चों के नाम से कई चल एवं अचल संपत्तियों तथा बैंक व पीपीएफ जमा आदि की सूचना शासन को नहीं दी है। इसे अखिल भारतीय आचरण नियमावली 1968 के नियम 16(1) तथा 16(2) का उल्लंघन बताते हुए अमिताभ से 15 दिनों में अपना जवाब देने को कहा गया है। उधर, अमिताभ ठाकुर की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के अनुसार इन सभी बिन्दुओं पर पूर्व में एक अन्य विभागीय जांच हो चुकी है, जिसमें अमिताभ को निर्दोष पाया गया है। इसके बाद भी मात्र परेशान करने के उद्देश्य से दोबारा उन्ही आरोपों की जांच शुरू की गई है।

साभार :- हिंदुस्तान

बांदा सांसद आरके सिंह पटेल पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अवैध खनन कराने का लगाया गंभीर आरोप। आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

बांदा सांसद आरके सिंह पटेल पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अवैध खनन कराने का लगाया गंभीर आरोप
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट


बांदा बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा किसान आंदोलन में भाग लेने गए पलवल से फोन पर वार्ता करने के दौरान बांदा चित्रकूट से भाजपा सांसद पर अवैध बालू खनन का गंभीर आरोप लगाया है।
बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज जनपद में अगर अबैध बालू खनन हो रहा है तो उसके जिम्मेदार सांसद विधायक हैं बल्कि यही लोग अवैध बालू खनन करवा रहे हैं ।आज बालू खनन बंद है तो सांसद आरके पटेल के पुत्र सुनील पटेल की गाड़ियों में किस खदान से बालू का ओवरलोडिंग के साथ परिवहन किया जा रहा है।व इनकी गाड़ियों को बेरोकटोक के निकलने दिया जा रहा है स्वाभाविक है यह सांसद के दबाव प्रभाव के चलते स्थानिय प्रशासन बेबस है।
बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि वह किसान आंदोलन में भाग लेने दिल्ली आए हुए हैं और पलवल में है भीषण ठंड का सामना कर रहे हैं पर हम संघर्ष कर रहे हैं और जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती है हम अपने किसान भाइयों के लिए संघर्षरत रहेगें ।व इस लड़ाई के बाद अगला आन्दोलन अवैध खनन के खिलाफ होगा।

बीसवीं सदी में सम्पूर्ण विश्व में प्रेस नियामक संस्था की आवश्यकता महसूस हुई थी। आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

बीसवीं सदी में सम्पूर्ण विश्व में प्रेस नियामक संस्था की आवश्यकता महसूस हुई थी



आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
बांदा पत्रकार युसुफ खान ने बताया कि भारतीय प्रेस परिषद का गठन 4 जुलाई, 1966 को हुआ था। इसका गठन भारत में प्रेस के मानकों को बनाए रखने और सुधार की स्वतंत्रता के संरक्षण के उद्देश्य से किया गया था। भारतीय प्रेस परिषद के प्रथम अध्यक्ष जे आर माधोलकर थे। इस परिषद् की स्थापना भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम, 1965 के अंतर्गत एक कानूनी एवं अर्द्ध-न्यायिक निकाय के रूप में की गई थी। बता दे कि उन्नीसवीं सदी के अंत और बीसवीं सदी के प्रथम दशक में सम्पूर्ण विश्व में प्रेस के सन्दर्भ में एक नियामक संस्था की आवश्यकता महसूस की गई। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1916 में स्वीडन में प्रेस के लिए ‘कोर्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में जानी जाने वाली प्रथम प्रेस परिषद् का गठन किया गया। वर्तमान में लगभग 50 देशों में प्रेस परिषद् स्थापित की जा चुकी है।

प्रेस अधिनियम, 1965 के अंतर्गत भारतीय प्रेस परिषद की संरचना निम्न प्रकार से है–
• प्रेस परिषद् में अध्यक्ष के अतिरिक्त 25 (कुल 25 + 1 = 26) सदस्य होते हैं। प्रेस परिषद् के अध्यक्ष को भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित किया जाएगा।
• 25 सदस्यों में से 3 सदस्य संसद के दोनों सदनों से लिए जाएँगे।बांदा के न्यूज पेपर के पत्रकार युसुफ खान ने यह भी बताया की
• 13 सदस्य श्रमजीवी पत्रकारों में से चुने जाएँगे, जिनमें से कम-से-कम 6 संपादक होंगे। इन संपादकों का समाचार-पत्रों के प्रबंधन और उसे नियंत्रण से कोई संबंध नहीं होना चाहिए।
• शेष सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे, जिन्हें शिक्षा, विज्ञान, विधि, साहित्य और संस्कृति में विशेष ज्ञान अथवा व्यावहारिक अनुभव हो।
• संसद के 3 सदस्यों में से लोकसभा से 2 सदस्य होंगे, जोकि स्पीकर द्वारा नामित किए जाएँगे तथा राज्यसभा का प्रतिनिधित्व करने वाला सदस्य राज्यसभा सभापति द्वारा नामित किया जाएगा।
• शेष 22 सदस्य भारत के मुख्य न्यायमूर्ति, प्रेस परिषद् के अध्यक्ष और भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामित एक व्यक्ति की 3 सदस्यीय चयन समिति द्वारा चुने जाएँगे।
• अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति 3 वर्ष के लिए की जाएगी। कोई भी सदस्य कुल मिलाकर 6 वर्षों से अधिक की अवधि के लिए पद धारण नहीं करेगा!

मंडल आर्मी की साप्ताहिक ऑनलाइन मीटिंग ।मीटिंग में संगठन के सभी राष्ट्रीय व प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ( सभी प्रकोष्ठों के भी) का शामिल होना अनिवार्य है। संघटन के नए सिरे से पुनर्गठन की संभावना निष्क्रिय पदाधिकारियों की होगी छुट्टी

*आवश्यक सूचना*

राष्ट्रीय अध्यक्ष/संस्थापक मंडल आर्मी अनिरुद्ध सिंह विद्रोही



*आप सभी को सूचित किया जाता है कि 20 दिसंबर 2020 दिन रविवार समय 01 : 00 बजे दिन में मंडल आर्मी की गूगल मीट पर ऑनलाइन मीटिंग रखी गई है। मीटिंग में संगठन के सभी राष्ट्रीय व प्रदेश और जिला पदाधिकारियों ( सभी प्रकोष्ठों के भी) का शामिल होना अनिवार्य है। आप कैसे समय निकालेंगे ,गूगल मीट को कैसे जॉइन करेंगे ये समझने के लिए आपके पास 3 दिन का समय है ये आप जाने आपकी समस्या है पर मीटिंग शामिल होना अनिवार्य है। हम संगठन को यूं ही मृतप्रायः रख कर न मिशन को मजबूत कर सकते हैं , न संगठन खड़ा कर सकते हैं और न ही उद्देश्यों को हासिल कर सकते हैं इसलिए जो जिम्मेदारी निभा नहीं सकते या समझते नहीं हैं उन्हें पदमुक्त किया जाएगा। जो मैन बॉडी (मंडल आर्मी) में जिम्मेदारी नहीं निभा सकते उन्हें प्रकोष्ठों में जिम्मेदारी दी जाएगी । जो प्रकोष्ठों में भी नहीं निभा सकते वो संगठन छोंड सकते हैं। इसलिए रविवार सुबह 11 बजे तक सभी प्रदेश व जिला अध्यक्ष/ प्रभारी हमें रिपोर्ट करें कि उन्होंने अब तक अपनी जिम्मेदारी को किस हद तक निभाया है और कितनी कमेटी गठित की है। शायद इतना मौका किसी संगठन में नहीं मिलता है जितना हमने आप सबको दिया है। शुरुआत में रजिस्ट्रेशन की समस्या थी पर दो महीने रजिस्ट्रेशन को हो चुके हैं तब भी आप लोग एकदम शांत हैं। हमें भीड़ की आवश्यकता नहीं है हमें समाज के प्रति जिम्मेदार साथियों की जरूरत है। यदि किसी को बुरा लगे तो माफ करना मैं अब और अधिक छूट नहीं दे सकता हूँ।*


*नोट : इस मैसिज को सभी पदाधिकारियों तक पहुंचाए*

*अनिरुध्द सिंह विद्रोही – संस्थापक मंडल आर्मी*

मछलीशहर। स्थानीय पावर हाउस के आगे स्थित शारदा सहायक नहर , ग्राम पूराफगुई और मिरजवापुर के सीमा पर कट जाने से किसानों की सैकड़ों एकड़ मे खड़ी फसल डूब गयी । @DmJaunpur @myogioffice @upgovt @myogiadityanath

शारदा सहायक नहर के कटने से पाॅच गाँवो की सैकड़ों एकड़ मे लगी फसल बरबाद

मछलीशहर। स्थानीय पावर हाउस के आगे स्थित शारदा सहायक नहर , ग्राम पूराफगुई और मिरजवापुर के सीमा पर कट जाने से किसानों की सैकड़ों एकड़ मे खड़ी फसल डूब गयी ।
बताया गया कि उक्त नहर मंगलवार की देर सायंकाल अचानक तेज पानी आ जाने से ग्राम पूराफगुई और मिरजवापुर के बार्डर के समीप कट गयी। लगभग 6-7 फीट की दूरी तक नहर का बन्धा कट जाने से पानी तेजी से फैलकर चार गाँवो मे फैल गया। पूराफगुई , घिसुवा खुर्द , मिरजवापुर , अहमदपुर और देल्हुपुर गाँवो के खेतों मे लगी गेहूँ और सरसों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गयी। बताया गया कि पानी लगभग चार सौ से पाॅच सौ मीटर दूरी तक फैलकर पूरे क्षेत्र को जलाशय मे तब्दील कर दिया है । ग्रामीणो ने सूचना उपजिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह को दी। तब घंटों बाद पानी रोका गया। बुधवार को कटान बंद करने के लिये सिंचाई विभाग ने कोशिश शुरू की है। लेकिन किसानो का लाखों का नुकसान तब तक हो चुका था।

अपील:- मंडल आर्मी के सभी साथियों से बिशेष अपील @mandalArmyChief

अपील

मंडल आर्मी चीफ :- अनिरुद्ध सिंह विद्रोही

मंडल आर्मी के सभी साथियों से बिशेष अपील की जाती है कि NH – 8, दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर आन्दोलरत किसान भाईयों के लिए 24 घण्टे मंडल आर्मी की तरफ से चाय – नाश्ते व अन्य जरूरी सामानों की व्यवस्था की गई है। अतः आप सभी अपने – अपने स्तर से महान कार्य मे आर्थिक सहयोग करें। आप सभी के सहयोग की जरूरत है। बिशेष रूप से जो साथी पहुंच सकते हैं वो बहां पहुंच कर मदद करें। सहयोग सीधा राष्ट्रीय महासचिव महावीर गुर्जर जी को भेजें

महावीर गुर्जर मो . न. – +917073727829

अपीलकर्ता

अनिरुध्द सिंह विद्रोही
संस्थापक / अध्यक्ष – मंडल आर्मी

वरासत के आधार पर जारी हुआ दो महिलाओ समेत 19 लोगो का असलहे का लाइसेंस

*वरासत के आधार पर जारी हुआ दो महिलाओ समेत 19 लोगो का असलहे का लाइसेंस*

जौनपुर। जिलाधिकारी ने दो महिलाओ समेत 19 लोगो का वरासत के अधार पर शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत कर दिया है। इन लोगो को 21 दिसम्बर को 11 बजे दिन में कलेक्टेªट सभागार में लाइसेंस दिया जायेगा। लाइसेंस लेने से पहले मृतक का लाइसेंस,जमा करने की रसीद, निकट संबंधी प्रमाण पत्र और संबंधी द्वारा प्रदत्त शपथ पत्र शस्त्र कार्यालय में जमा करना होगा।

इन लोगो का जारी हुआ शस्त्र लाइसेंस

संतोष कुमार मिश्रा पुत्र स्वर्गीय गोपाल मिश्रा निवासी हुसेनाबाद को दो लाइसेंस जारी किया गया है। स्वस्तेन शुक्ला पुत्र व्रतधारी शुक्ला निवासी जमैथा थाना जफराबाद,संतोष कुमार पुत्र स्व0 रामचेत विन्द सलारपुर थाना खेतासराय, कृष्ण प्रताप यादव पुत्र स्व0 उदय प्रताप यादव निवासी निवासी छताईखुर्द थाना शाहगंज, प्रवीण कुमार तिवारी पुत्र जय प्रकाश तिवारी निवासी राजापुर बरसठी, आलोक कुमार तिवारी पुत्र राजन तिवारी निवासी सहनपुर थाना रामपुर, आदित्य कुमार यादव पुत्र राजबहादुर यादव निवासी सादीपट्टी थाना सरायखाजा, शरद कुमार यादव पुत्र स्व0 समर बहादुर यादव निवासी मई थाना केराकत, नीरज कुमार यादव पुत्र नागेन्द्र बहादुर यादव निवासी सराय चैहान थाना मुंगराबादशाहपुर, उदय प्रताप सिंह पुत्र कामता प्रसाद सिंह निवासी समसपुर थाना सिकरारा,जावेद अहमद पुत्र स्व0 मो0 शामी निवासी ढालगर टोला थाना नगर कोतवाली ,उषा सिंह पत्नी स्व0 शैलेन्द्र सिंह निवासी राधिका भवन सुक्खीपुर थाना नगर कोतवाली, प्रकाश चंद्र दुबे पुत्र स्व0 राजेन्द्र प्रसाद दुबे निवासी जमलिया थाना मड़ियाहूं, कुसुम सिंह पत्नी स्व0 अरविन्द सिंह निवासी बेलगहन थाना सिकरारा,आलोक कुमार तिवारी पुत्र राजेन्द्र प्रसाद तिवारी निवासी सहनपु थाना रामपुर,विनय शंकर सिंह पुत्र जगदीश प्रसाद सिंह कछवन थाना चंदवक विनोद कुमार सिंह पुत्र बशिष्ठ नारायण सिंह सलामतपुर थाना महराजगंज अभिषेक कुमार सिंह पुत्र विरेन्द्र कुमार सिंह निवासी मातापुर थाना लाइनबाजार शामिल हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक डाक्टर समेत तीन मिले अनुपस्थितएडिशनल सी, एम,ओ, ने जांच कर भेजी आख्या

*सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक डाक्टर समेत तीन मिले अनुपस्थित*

*एडिशनल सी, एम,ओ, ने जांच कर भेजी आख्या*

*जौनपुर – सुजानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज पर सोमवार को एडिशनल सी एम ओ डॉ, आर, के सिंह जांच करने पहुंचे की जांच के दौरान एक डाक्टर समेत तीन कर्मचारी अनुपस्थित रहे।*

*जांच के दौरान डॉ देवेन्द्र पाल, सविता त्रिपाठी तकनीकी सहायक एवं संजय श्रीवास्तव अनुपस्थित रहे, इस संबंध में पूछे जाने पर एडिश्नल सी एम ओ डॉ आर के सिंह ने बताया कि तीनों कर्मचारियों की आख्या संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।*